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क्या मनोज मुंतशिर ने पीएम मोदी की हीराबेन को लिखी चिट्ठी के बारे में भावनात्मक अनुभव साझा किया?

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क्या मनोज मुंतशिर ने पीएम मोदी की हीराबेन को लिखी चिट्ठी के बारे में भावनात्मक अनुभव साझा किया?

सारांश

मनोज मुंतशिर ने मोदी स्टोरी में पीएम मोदी और उनकी मां हीराबेन के रिश्ते को लेकर एक हृदयस्पर्शी अनुभव साझा किया है। उनकी चिट्ठी को रिकॉर्ड करते समय उनकी आंखों में आंसू आ गए। यह पत्र एक बेटे के गहरे प्रेम को दर्शाता है।

मुख्य बातें

मां का प्यार भावनाएं एक बेटे का रिश्ता प्रधानमंत्री मोदी मनोज मुंतशिर

नई दिल्ली, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। कवि और गीतकार मनोज मुंतशिर ने ‘मोदी स्टोरी’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां हीराबेन मोदी के बीच के संबंध को लेकर एक अत्यंत भावनात्मक अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी मां के निधन के बाद उनके लिए 17 पन्नों की एक चिट्ठी लिखी थी, जिसे अपनी आवाज़ में रिकॉर्ड करते समय वे अपने आंसू नहीं रोक पाए।

मनोज मुंतशिर ने कहा कि मां को खोने से बड़ा कोई नुकसान इस दुनिया में नहीं होता। उन्होंने कहा, “दुनिया में हर चीज की भरपाई हो सकती है, लेकिन मां की जगह कोई नहीं ले सकता। सबसे मजबूत बेटा भी मां के जाने से टूट जाता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इससे अछूते नहीं थे। फर्क बस इतना है कि जब किसी के कंधों पर पूरे देश की जिम्मेदारी हो, तो दुख भी संयम सीख लेता है।”

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की मां हीराबेन सिर्फ उनकी मां ही नहीं थीं, बल्कि उनकी मार्गदर्शक, उनकी ताकत और जीवन की पहली गुरु भी थीं। मनोज के अनुसार, पीएम मोदी द्वारा लिखी गई चिट्ठी की हर पंक्ति में प्यार, कृतज्ञता और यादों की गहराई झलकती है।

मनोज मुंतशिर ने बताया कि उन्हें यह पत्र अपनी आवाज में रिकॉर्ड करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, “मुझे लगा था कि रिकॉर्डिंग में कुछ ही मिनट लगेंगे, लेकिन भावनाएं इतनी गहरी थीं कि हर दो पंक्तियों के बाद रुकना पड़ता था। रिकॉर्डिंग के दौरान करीब दस बार मेरी आंखें भर आईं और कई बार आधे-आधे घंटे के लिए रिकॉर्डिंग रोकनी पड़ी।”

उन्होंने कहा कि यह चिट्ठी बेहद भावनात्मक, मार्मिक और करुणा से भरी हुई थी। उन्होंने कहा, “जब-जब मैं उन पंक्तियों को पढ़ रहा था, मेरा गला रुंध जाता था। ऐसा लग रहा था जैसे मैंने भी अपनी मां को खो दिया हो।”

मनोज मुंतशिर ने मां-बेटे के इस पवित्र रिश्ते को लेकर कहा कि इस संबंध का अपमान करना अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा कि यह पत्र न सिर्फ एक बेटे का अपनी मां के प्रति प्रेम दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि प्रधानमंत्री मोदी के जीवन और व्यक्तित्व के निर्माण में हीराबेन की कितनी अहम भूमिका रही।

बता दें कि पीएम मोदी की मां हीराबेन का निधन आज ही के दिन 30 दिसंबर 2022 को हुआ था। उन्होंने 99 वर्ष की उम्र में अपने शरीर का त्याग किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह एक सामाजिक और राष्ट्रीय संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। मनोज मुंतशिर की यह कहानी हमें यह सिखाती है कि मां का प्यार और संबंध कितने अनमोल होते हैं। पीएम मोदी का यह पत्र उनके जीवन की गहराईयों को उजागर करता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनोज मुंतशिर ने पीएम मोदी की चिट्ठी को रिकॉर्ड करते समय क्या अनुभव किया?
वे कई बार भावनाओं में भरकर रुकते रहे और उनकी आंखें भर आईं।
बेटा और मां का रिश्ता किस तरह का होता है?
यह रिश्ता एक पवित्र और गहरा होता है, जिसमें प्रेम और सम्मान होता है।
राष्ट्र प्रेस
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