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क्या असम के मुख्यमंत्री ने महिला लाभार्थियों को उद्यमिता निधि के चेक वितरित किए?

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क्या असम के मुख्यमंत्री ने महिला लाभार्थियों को उद्यमिता निधि के चेक वितरित किए?

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने महिलाओं के लिए उद्यमिता निधि के चेक वितरित किए, जिससे उनके आर्थिक उत्थान का मार्ग प्रशस्त होगा। यह कदम महिला कल्याण और विकास को प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया है। जानिए इस पहल के पीछे की कहानी और इसके महत्व के बारे में।

मुख्य बातें

महिलाओं के लिए उद्यमिता निधि चेक वितरण की पहल आर्थिक स्वतंत्रता के लिए स्वयं सहायता समूहों का महत्व सरकार का लखपति बाइदेव बनने का लक्ष्य राशन कार्ड धारकों के लिए रियायती दरों पर खाद्य सामग्री बुनियादी ढांचे और रोजगार में असम की प्रगति

गुवाहाटी, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान के तहत उद्यमिता निधि के चेक प्रदान करने की प्रक्रिया आरंभ की। सीएम सरमा ने यह कदम बक्सा जिले के मानस विधानसभा क्षेत्र और बरपेटा जिले के भाबनीपुर-सरभोग विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं के साथ उठाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिला कल्याण और समावेशी विकास सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।

मानस में आयोजित एक जनसभा में मुख्यमंत्री ने मानस विधानसभा क्षेत्र की 30,737 महिला उद्यमियों को 10-10 हजार रुपए वितरित किए। इसके बाद उन्होंने भाबनीपुर-सरभोग विधानसभा क्षेत्र की 25,157 महिलाओं को भी चेक प्रदान किए।

इस पहल का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना और उन्हें लखपति बाइदेव के रूप में उभरने में मदद करना है।

सरमा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि असम में लगभग 40 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जिनमें से 8 लाख से अधिक महिलाएं लखपति बाइदेव का दर्जा प्राप्त कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यदि 8 लाख महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं, तो अन्य महिलाएं भी ऐसा कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य अगले तीन वर्षों के भीतर असम के प्रत्येक स्वयं सहायता समूह सदस्य को लखपति बाइदेव बनाना है। आगे उन्होंने कहा कि सरकार प्रशिक्षण, ऋण संपर्क और चरणबद्ध वित्तीय सहायता के माध्यम से लाभार्थियों का समर्थन करेगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक 10 हजार रुपए का उचित उपयोग करने से लाभार्थी अगले चरणों में 25,000 रुपए और 50,000 रुपए की अतिरिक्त सहायता प्राप्त करने के योग्य हो जाएंगे।

अन्य कल्याणकारी उपायों पर चर्चा करते हुए सरमा ने कहा कि राशन कार्ड धारकों को वर्तमान में दालें, नमक और चीनी रियायती दरों पर दी जा रही हैं, जिनकी कीमतें 1 जनवरी से और कम कर दी जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार भविष्य में इन आवश्यक वस्तुओं को मुफ्त में उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है।

ओरुनोदोई 3.0 के तहत, व्यापक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि असम ने बुनियादी ढांचे, रोजगार, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में पारदर्शी, योग्यता-आधारित भर्ती के माध्यम से लगभग 1.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियों में अवसर मिले हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह असम की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का एक सुनहरा अवसर भी प्रस्तुत करती है। सरकार का यह प्रयास समाज में समानता और विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री ने चेक कब वितरित किए?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 30 दिसंबर को चेक वितरित किए।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना है।
कितनी महिलाएं इस योजना से लाभान्वित होंगी?
लगभग 40 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं।
सरकार का लक्ष्य क्या है?
सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में हर एसएचजी सदस्य को लखपति बनाना है।
ओरुनोदोई 3.0 का क्या महत्व है?
यह योजना अतिरिक्त लाभार्थियों को शामिल कर व्यापक कवरेज सुनिश्चित करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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