क्या उत्तराखंड के मसूरी में गणपति महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ?

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क्या उत्तराखंड के मसूरी में गणपति महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ?

सारांश

गणपति महोत्सव का शुभारंभ मसूरी में भव्यता और श्रद्धा के साथ हुआ। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। जानें इस उत्सव के महत्व और कार्यक्रमों के बारे में।

Key Takeaways

  • गणपति महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ।
  • कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने पूजा-अर्चना की।
  • यह उत्सव सामाजिक एकता का प्रतीक है।
  • भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
  • प्राकृतिक आपदाओं के लिए प्रार्थना की गई।

मसूरी, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मसूरी में गुरुवार को गणपति महोत्सव का भव्य शुभारंभ श्रद्धा, उल्लास और भक्ति के वातावरण में हुआ। इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री और मसूरी विधायक गणेश जोशी ने विशेष रूप से भाग लिया। उन्होंने भगवान श्री गणेश की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की मंगल कामना की।

गणेश उत्सव सेवा समिति मसूरी द्वारा आयोजित इस समारोह में मंत्री गणेश जोशी का शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। शुभ मुहूर्त पर गणपति स्थापना के साथ शुरू हुए इस उत्सव में समिति के अध्यक्ष और सदस्यों ने बताया कि यह महोत्सव पिछले सात वर्षों से लगातार पूरे भक्ति भाव और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। गणेश उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। इस दौरान तीन दिनों तक रात्रि में भजन-कीर्तन, जागरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामूहिक आरतियां आयोजित होंगी, जिनमें मसूरी और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों भक्त शामिल होंगे।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश भर में गणेश चतुर्थी की तैयारियां चल रही हैं, और यहां सनातन धर्म मंदिर में, मंदिर समिति ने भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की है। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे यहां उपस्थित होने का अवसर मिला।

उन्होंने हाल ही में उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए भावुक अपील की। उन्होंने कहा, "भगवान गणेश को संकटमोचन कहा जाता है। मैं प्रार्थना करता हूं कि वे उत्तराखंड को प्राकृतिक आपदाओं से मुक्ति प्रदान करें और जिन लोगों ने इन आपदाओं में अपने प्रियजनों को खोया, उन्हें भगवान अपने चरणों में स्थान दें।"

उन्होंने इस अवसर पर सामाजिक सौहार्द और एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि गणेश उत्सव केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम भी है। यह आयोजन मसूरी के लोगों के लिए भावनात्मक रूप से विशेष महत्व रखता है। हम इस उत्सव को केवल धार्मिक परंपरा के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द के अवसर के रूप में देखते हैं।

Point of View

बल्कि यह सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का अवसर है। उत्तराखंड के मसूरी में इसका आयोजन इस बात का प्रमाण है कि कैसे स्थानीय लोग एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक पहचान को मनाते हैं।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

गणपति महोत्सव कब शुरू हुआ?
गणपति महोत्सव का शुभारंभ 28 अगस्त को मसूरी में हुआ।
कैबिनेट मंत्री ने किसकी पूजा की?
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भगवान श्री गणेश की पूजा की।
इस उत्सव का महत्व क्या है?
यह उत्सव धार्मिक एकता के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।
उत्सव में कौन-कौन से कार्यक्रम होंगे?
उत्सव में भजन-कीर्तन, जागरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामूहिक आरतियों का आयोजन होगा।
गणेश जोशी ने क्या प्रार्थना की?
उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं से मुक्ति और प्रभावित परिवारों के लिए प्रार्थना की।