22 जुलाई 2026
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दिल्ली में एक साथ दो भीषण आग: करोल बाग पीजी और बवाना हेलमेट फैक्ट्री में दमकल का बड़ा अभियान

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दिल्ली में एक साथ दो भीषण आग: करोल बाग पीजी और बवाना हेलमेट फैक्ट्री में दमकल का बड़ा अभियान

सारांश

बुधवार सुबह दिल्ली दो मोर्चों पर एक साथ जूझी — करोल बाग के PG भवन में 'मेक-4' स्तर की आग और बवाना की हेलमेट फैक्ट्री में प्लास्टिक भंडार के कारण तेज़ी से फैली लपटें। दमकल की बड़ी तैनाती के बाद भी कारण अज्ञात, जाँच जारी।

मुख्य बातें

22 जुलाई, बुधवार को नई दिल्ली में एक साथ दो स्थानों पर भीषण आग की घटनाएँ दर्ज हुईं।
करोल बाग के चना मार्केट, भवन संख्या 11/5 में सुबह 10:58 बजे आग लगी; 11:05 बजे इसे 'मेक-4' श्रेणी घोषित किया गया।
प्रभावित इमारत में ऊपरी मंजिलों पर PG आवास और निचली मंजिलों पर चमड़े के जूते की फैक्ट्री थी।
बवाना-पुठ खुर्द औद्योगिक क्षेत्र की चार मंजिला हेलमेट फैक्ट्री में सुबह 9:30 बजे आग भड़की; प्लास्टिक सामग्री के कारण तेज़ी से फैली।
दोनों घटनाओं में अब तक कोई हताहत नहीं ; आग के कारणों की जाँच जारी है।

नई दिल्ली में बुधवार, 22 जुलाई की सुबह एक साथ दो स्थानों पर भीषण आग भड़क उठी — मध्य दिल्ली के करोल बाग स्थित एक पेइंग गेस्ट (PG) आवास और बाहरी उत्तरी दिल्ली के बवाना-पुठ खुर्द औद्योगिक क्षेत्र की एक चार मंजिला हेलमेट निर्माण फैक्ट्री में। दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियों ने दोनों मोर्चों पर बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

करोल बाग पीजी में आग का घटनाक्रम

पहली घटना करोल बाग के चना मार्केट स्थित भवन संख्या 11/5 में हुई। दिल्ली फायर सर्विस के कंट्रोल रूम को सुबह 10:58 से 10:59 बजे के बीच आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही विभाग ने एक वाटर टेंडर, तीन वाटर बाउजर और ब्रीदिंग अपरेटस सपोर्ट यूनिट सहित कई टीमें मौके पर रवाना कीं।

आग की तीव्रता को देखते हुए इसे सुबह 11:05 से 11:06 बजे के बीच 'मेक-4' श्रेणी की आग घोषित किया गया — यह दर्जा तब दिया जाता है जब स्थिति विशेष रूप से गंभीर हो और अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता हो। इसके बाद और दमकलकर्मी व उपकरण मौके पर भेजे गए।

पुलिस के मुताबिक, प्रभावित इमारत की ऊपरी मंजिलों पर PG आवास संचालित था, जबकि भूतल और निचली मंजिलों पर चमड़े के जूते बनाने की एक छोटी फैक्ट्री चल रही थी। दमकलकर्मी आग बुझाने के साथ-साथ इमारत में बचाव अभियान भी चला रहे हैं।

बवाना हेलमेट फैक्ट्री में भड़की आग

दूसरी घटना बाहरी उत्तरी दिल्ली के बवाना-पुठ खुर्द औद्योगिक क्षेत्र में सुबह करीब 9:30 बजे सामने आई, जब एक चार मंजिला हेलमेट निर्माण फैक्ट्री में आग लग गई। अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री का भंडार होने के कारण आग तेज़ी से फैली और काबू पाना मुश्किल हो गया। सूचना मिलते ही कई दमकल गाड़ियाँ मौके पर भेजी गईं और बचाव अभियान शुरू किया गया।

आग के कारण और जाँच

दोनों घटनाओं में आग लगने के सटीक कारण, संपत्ति के नुकसान का आकलन और अन्य विवरण अधिकारियों द्वारा पता लगाए जा रहे हैं। जाँच जारी है और प्रारंभिक रिपोर्ट आने में समय लग सकता है।

आम जनता और आवासीयों पर असर

करोल बाग जैसे घनी आबादी वाले इलाके में PG आवास में आग लगना विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि ऐसे भवनों में अक्सर बड़ी संख्या में किरायेदार रहते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में गर्मी का मौसम और औद्योगिक क्षेत्रों में आग की घटनाएँ पहले से ही चर्चा का विषय रही हैं। गौरतलब है कि बवाना औद्योगिक क्षेत्र में अतीत में भी आग की घटनाएँ दर्ज हो चुकी हैं।

क्या होगा आगे

दमकल विभाग और पुलिस की संयुक्त जाँच टीम दोनों घटनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। संपत्ति के नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद अधिकारी आगे की कार्रवाई तय करेंगे। फिलहाल दोनों स्थानों पर राहत कार्य जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ये घटनाएँ महज़ आँकड़ा बनकर रह जाएँगी।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में 22 जुलाई को आग कहाँ-कहाँ लगी?
22 जुलाई, बुधवार को दिल्ली में दो स्थानों पर आग लगी — करोल बाग के चना मार्केट स्थित भवन संख्या 11/5 (जहाँ PG आवास और चमड़े की फैक्ट्री थी) और बाहरी उत्तरी दिल्ली के बवाना-पुठ खुर्द औद्योगिक क्षेत्र की एक चार मंजिला हेलमेट निर्माण फैक्ट्री में।
'मेक-4' श्रेणी की आग क्या होती है?
दिल्ली फायर सर्विस में 'मेक-4' उच्च गंभीरता की श्रेणी है, जो तब घोषित होती है जब आग की तीव्रता असाधारण हो और अतिरिक्त दमकल गाड़ियों व कर्मियों की तत्काल ज़रूरत हो। करोल बाग की आग को सुबह 11:05 से 11:06 बजे के बीच इस श्रेणी में रखा गया।
क्या इन आग की घटनाओं में कोई हताहत हुआ?
अधिकारियों के अनुसार, दोनों घटनाओं में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। राहत एवं बचाव अभियान जारी था और स्थिति की निगरानी की जा रही थी।
बवाना फैक्ट्री में आग इतनी तेज़ी से क्यों फैली?
अधिकारियों के अनुसार, बवाना-पुठ खुर्द की हेलमेट निर्माण फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री का भंडार था, जो आग के लिए अत्यधिक ज्वलनशील होती है। इसी कारण आग तेज़ी से चार मंजिला इमारत में फैल गई।
आग लगने के कारणों का पता कब चलेगा?
दमकल विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम दोनों घटनाओं के कारणों की जाँच कर रही है। संपत्ति के नुकसान का आकलन और जाँच रिपोर्ट आने में अभी समय लगेगा; अधिकारियों ने अभी कोई समयसीमा नहीं बताई है।
राष्ट्र प्रेस
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