क्या मतदाता सूचियों में अनियमितताओं के ठोस सबूत हैं? निष्पक्षता जरूरी : आनंद दुबे

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क्या मतदाता सूचियों में अनियमितताओं के ठोस सबूत हैं? निष्पक्षता जरूरी : आनंद दुबे

सारांश

महाराष्ट्र में विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूचियों में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया है। शिवसेना और कांग्रेस के नेताओं ने चुनाव आयोग से निष्पक्षता की मांग की। क्या यह चुनावों की पारदर्शिता को खतरे में डाल रहा है? जानिए इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर क्या कहा गया।

Key Takeaways

  • मतदाता सूचियों में अनियमितताओं के ठोस सबूत सामने आए हैं।
  • चुनाव आयोग से निष्पक्षता की मांग की गई है।
  • विपक्ष एकजुट होकर वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठा रहा है।

मुंबई, 14 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूचियों में कथित विसंगतियों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया है।

मंगलवार को विभिन्न दलों के प्रमुख नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) एस. चोकलिंगम से मिलने उनके कार्यालय पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे), कांग्रेस, सीपीएम और समाजवादी पार्टी के नेता शामिल थे।

नेताओं ने मतदाता सूचियों में हेराफेरी और वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए, साथ ही निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की मांग की।

शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता आनंद दुबे ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ उनकी बैठक सकारात्मक और रचनात्मक रही।

उन्होंने कहा, “हमने अपनी सभी चिंताएं आयोग के सामने रखीं। मतदाता सूचियों में अनियमितताओं के ठोस सबूत सौंपे गए हैं। हमारा आग्रह है कि चुनाव आयोग निष्पक्षता सुनिश्चित करने के साथ गड़बड़ियों पर तत्काल कार्रवाई करे।”

आनंद दुबे ने यह भी सवाल उठाया कि महाराष्ट्र में चुनाव मतपत्रों के बजाय इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के माध्यम से क्यों कराए जा रहे हैं?

उन्होंने कहा कि महाविकास अघाड़ी (एमवीए) और इंडिया गठबंधन के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर आयोग से जवाब मांगेंगे। हम इस मामले में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे और निष्पक्ष चुनाव के लिए दबाव बनाए रखेंगे।

कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “हमने आयोग को उन सीटों का विस्तृत डाटा और प्रमाण सौंपा है, जहां वोटों में हेराफेरी और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी की गई। यह न केवल वोटों की चोरी है, बल्कि लोकतंत्र और संविधान पर हमला है।”

वर्षा गायकवाड़ ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए वोट चोरी के मुद्दे को लेकर विपक्ष एकजुट है और इसको लेकर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख नेताओं में शरद पवार, उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, बालासाहेब थोराट, सीपीएम और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि शामिल थे, जो एकजुट होकर मतदाता सूचियों में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

इन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन अनियमितताओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाएगा।

Point of View

यह स्पष्ट है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता न केवल लोकतंत्र की नींव है, बल्कि यह जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है। यह आवश्यक है कि सभी दल इस मुद्दे पर एकजुट होकर काम करें और उचित कार्रवाई को सुनिश्चित करें।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

महाराष्ट्र में मतदाता सूचियों में अनियमितताओं का क्या मामला है?
विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूचियों में हेराफेरी और वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
चुनाव आयोग ने इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
चुनाव आयोग ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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