माथाडी एक्ट जारी रहेगा, वडाला में 3,000 मजदूरों को घर: CM फडणवीस का वाशी रैली में ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 25 सितंबर 2026 को वाशी स्थित कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) में आयोजित मजदूर रैली में स्पष्ट किया कि माथाडी एक्ट को समाप्त करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है — बल्कि इसे और मजबूत किया जाएगा। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि वडाला में करीब 3,000 माथाडी मजदूरों को आधुनिक घर मिलेंगे, जिसके लिए आवश्यक एफएसआई और अन्य मंजूरियाँ दे दी गई हैं।
माथाडी एक्ट को लेकर सरकार का रुख
हाल के दिनों में माथाडी एक्ट को समाप्त किए जाने की अटकलें चल रही थीं, जिनका मुख्यमंत्री फडणवीस ने सीधे खंडन किया। उन्होंने कहा कि यह कानून माथाडी श्रमिकों के लिए 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करता है और राज्य सरकार इसे बनाए रखने के साथ-साथ इसे और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह रैली माथाडी आंदोलन के संस्थापक और दिवंगत विधायक अन्नासाहेब पाटिल की 93वीं जयंती के अवसर पर आयोजित की गई थी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मजदूर आंदोलन के नाम पर कुछ अनधिकृत समूह सक्रिय हैं, जो वास्तविक मजदूरों के हितों को नुकसान पहुँचा रहे हैं। इन पर अंकुश लगाने के लिए जल्द ही श्रमिक नेताओं और अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वडाला आवास परियोजना और श्रमिक सुविधाएँ
फडणवीस ने बताया कि वडाला आवास परियोजना के रास्ते में आ रही बाधाएँ दूर कर दी गई हैं। परियोजना के लिए जरूरी एफएसआई और अन्य मंजूरियाँ मिल चुकी हैं, जिससे करीब 3,000 माथाडी मजदूरों को आधुनिक घर मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि राज्य सरकार भविष्य में मजदूरों के लिए अन्य आवास योजनाएँ भी शुरू करने का प्रयास करेगी।
मजदूरों के वेतन, भविष्य निधि (पीएफ), ग्रेच्युटी, बोनस, मकान किराया भत्ता (एचआरए) और दुर्घटना मुआवजे से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने का भी उन्होंने भरोसा दिलाया। राज्य के सभी 36 माथाडी बोर्ड के सशक्तिकरण और पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र पैनल ऑडिट कराया जाएगा।
वाशी एपीएमसी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकास
मुख्यमंत्री ने वाशी एपीएमसी मार्केट के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि करीब 50 वर्ष पहले स्थापित यह बाजार एक समय एशिया के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में गिना जाता था। अगले पाँच दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पुनर्विकसित किया जाएगा। इसके लिए भूमिगत और भूमि के ऊपर निर्माण हेतु आवश्यक एफएसआई उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे माथाडी मजदूरों के लिए अधिक स्थायी रोजगार के अवसर बनेंगे।
विपणन मंत्री जयकुमार रावल और श्रम विभाग की फडणवीस ने बोरियों का वजन अधिकतम 50 किलोग्राम रखने के नियम को सख्ती से लागू करने के लिए सराहना की।
अगली पीढ़ी के लिए शिक्षा और कौशल विकास
मुख्यमंत्री फडणवीस ने माथाडी मजदूरों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करते हुए कहा कि उनके बच्चे खुद को केवल शारीरिक श्रम तक सीमित न रखें, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट और सिविल सेवा जैसे क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बनाएँ।
इसके लिए अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास महामंडल और छत्रपति शाहू महाराज रिसर्च, ट्रेनिंग एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के माध्यम से विशेष योजनाएँ तैयार की जाएंगी, जिन्हें राज्य सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा। कार्यक्रम में वन मंत्री गणेश नाइक और विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने भी मजदूरों के कल्याण और वाशी बाजार के आधुनिकीकरण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री के इन ऐलानों के बाद अब नजरें इस बात पर हैं कि वडाला आवास परियोजना और एपीएमसी पुनर्विकास की समयसीमा क्या होगी और माथाडी बोर्डों के ऑडिट की प्रक्रिया कब पूरी होगी।