क्या मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने शाहरुख खान के खिलाफ फतवा जारी किया?
सारांश
Key Takeaways
- मौलाना इफराहीम हुसैन का फतवा एक धार्मिक मुद्दा है।
- शाहरुख खान का निर्णय विवादित बन गया है।
- भारतीय समाज में इस कदम का विरोध हो रहा है।
- फतवा जारी करने का उद्देश्य समाज की भावनाओं को संरक्षित करना है।
- मौलाना ने माफी की मांग की है।
अलीगढ़, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने फिल्म अभिनेता शाहरुख खान के खिलाफ एक फतवा जारी किया है। यह फतवा आईपीएल नीलामी में बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को ₹9.2 करोड़ की राशि में खरीदने के संदर्भ में है। मौलाना ने अभिनेता से माफी की मांग की है।
मौलाना इफराहीम हुसैन ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि जब शाहरुख खान को यह पता है कि बांग्लादेश में कट्टरवादी ताकतें हिंदू समुदाय को निशाना बना रही हैं, तो उन्होंने अपनी टीम के लिए बांग्लादेश के खिलाड़ी को इतनी बड़ी कीमत क्यों चुकाई?
उन्होंने सुझाव दिया कि अगर खरीदना ही था, तो वे भारत के किसी तेज गेंदबाज को खरीद सकते थे। भारत में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्होंने बांग्लादेश के खिलाड़ी को चुनकर गलत संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि अभिनेता ने इतनी बड़ी राशि देकर बांग्लादेश के खिलाड़ी को खरीदकर भारत के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश की है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। इसी कारण हमने शाहरुख खान के खिलाफ फतवा जारी किया है और उनसे माफी की मांग की है।
मौलाना ने कहा कि अभिनेता के इस कदम का पूरे देश में विरोध हो रहा है। हमारी मांग है कि वे इस डील को रद्द करें, क्योंकि पूरी दुनिया ने देखा है कि किस प्रकार बांग्लादेश में मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। इतना कुछ होने के बावजूद भी अभिनेता मौन हैं, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि आज जिस स्थिति में शाहरुख खान हैं, उसमें भारतीय लोगों का बड़ा योगदान है। ऐसे में अभिनेता को उनकी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।