क्या एमसीडी के टोल प्लाजा पर जाम से प्रदूषण बढ़ रहा है? स्वास्थ्य समिति फिर करेगी निरीक्षण

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क्या एमसीडी के टोल प्लाजा पर जाम से प्रदूषण बढ़ रहा है? स्वास्थ्य समिति फिर करेगी निरीक्षण

सारांश

दिल्ली के टोल प्लाजा पर हो रहे जाम और वायु प्रदूषण के गंभीर मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने दिल्ली नगर निगम पर आरोप लगाया है। क्या सरकार इस समस्या का समाधान करेगी? जानें पूरी कहानी!

मुख्य बातें

टोल प्लाजा पर जाम से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य समिति ने फिर से निरीक्षण करने का निर्णय लिया है।
सरकार की नीयत पर सवाल उठ रहे हैं।
दिल्ली में स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है।

नई दिल्ली, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीरता को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि एमसीडी के टोल प्लाजा पर प्रतिदिन लगने वाले भारी जाम और वाहनों से निकलने वाला धुआं दिल्ली की हवा को और जहरीला बना रहा है। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद टोल प्लाजा को बंद न करना सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करता है।

शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के एमसीडी में सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि एमसीडी की स्वास्थ्य समिति ने टोल प्लाजा का दौरा कर यह पाया है कि टोल टैक्स वसूली के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे प्रदूषण में लगातार इजाफा हो रहा है।

उन्होंने बताया कि समिति एक बार फिर टोल प्लाजा का दौरा करेगी और दिल्ली की जनता के सामने सच्चाई रखेगी कि किस तरह ये टोल प्लाजा लोगों की सेहत के लिए खतरा बन चुके हैं।

प्रवीण कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य समिति के सदस्यों विजय कुमार, शिवानी पांचाल, जलज कुमार और रोशन लाल ने पहले भी निरीक्षण के दौरान पाया था कि टोल प्लाजा पर जाम के कारण वाहनों का धुआं लंबे समय तक एक ही स्थान पर जमा रहता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।

एमसीडी की सह-प्रभारी پ्रीति डोगरा ने कहा कि टोल प्लाजा पर रोजाना लगने वाले जाम से प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुँच रहा है। लोग सोशल मीडिया पर अपने घरों के एयर फिल्टर की खराब हालत दिखा रहे हैं और सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि दिल्ली को सांस लेने लायक बनाया जाए।

پ्रीति डोगरा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार के दौरान इलेक्ट्रिक बसें चलाई गईं, पेड़-पौधे लगाए गए और ऑड-ईवन जैसे ठोस कदम उठाए गए थे, लेकिन आज हालात और भी बदतर हो गए हैं।

गाजीपुर कूड़े के पहाड़ में बार-बार आग लगने से जहरीली गैस फैल रही है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य समिति के सदस्य और निगम पार्षद जलज कुमार ने कहा कि अदालत के आदेश के बावजूद टोल प्लाजा का संचालन जारी है, जो न केवल कानून की अवहेलना है बल्कि जनता की जान से खिलवाड़ भी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रैप-4 लागू होने के बावजूद निर्माण कार्य चल रहे हैं और प्रदूषण रोकने के नाम पर जनता के टैक्स का दुरुपयोग किया गया है। जलज कुमार ने कहा कि दिल्ली इस समय मेडिकल इमरजेंसी जैसी स्थिति से गुजर रही है। बच्चों के स्कूल बंद हैं, बुजुर्ग घरों में कैद हैं, और लोगों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी जा रही है।

आम आदमी पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही टोल प्लाजा बंद नहीं किए और प्रदूषण पर गंभीर कदम नहीं उठाए, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर जनता की आवाज को और मजबूती से उठाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इससे निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या टोल प्लाजा पर जाम से प्रदूषण बढ़ रहा है?
जी हां, आम आदमी पार्टी के अनुसार, टोल प्लाजा पर जाम और वाहनों से निकलने वाला धुआं दिल्ली की हवा को जहरीला बना रहा है।
स्वास्थ्य समिति का क्या कहना है?
स्वास्थ्य समिति ने टोल प्लाजा का निरीक्षण किया है और पाया है कि प्रदूषण बढ़ रहा है।
सरकार ने इस पर क्या कदम उठाए हैं?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद टोल प्लाजा बंद नहीं किया गया है, जिससे सवाल उठते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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