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क्या मीरा-भायंदर जमीन घोटाले में एसआईटी जांच की मांग की गई है?

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क्या मीरा-भायंदर जमीन घोटाले में एसआईटी जांच की मांग की गई है?

सारांश

मीरा-भायंदर जमीन घोटाले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ साजिश का आरोप। किरीट सोमैया की मांग पर एसआईटी जांच की आवश्यकता। महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल।

मुख्य बातें

रश्मि शुक्ला की रिपोर्ट से घोटाले का खुलासा हुआ है।
किरीट सोमैया ने एसआईटी जांच की मांग की है।
घोटाले में फर्जी सबूतों का आरोप लगाया गया है।
राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे को उठाया गया है।
सत्य की खोज के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

मुंबई, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र की पूर्व डीजीपी रश्मि शुक्ला द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ एक घोटाले में फंसाने की साजिश की गई थी। इस मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र भाजपा के नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने सीएम देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है।

उन्होंने इस पूरे मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) द्वारा कराने की मांग की है।

किरीट सोमैया ने कहा कि मीरा-भायंदर जमीन घोटाले के मामले में फडणवीस और अन्य भाजपा नेताओं को 2020 से 2022 तक झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की गई। उनका आरोप है कि उस समय के मुंबई पुलिस कमिश्नर संजय पांडे और अन्य अधिकारियों ने फर्जी और मनगढ़ंत सबूत तैयार किए।

उन्होंने यह भी बताया कि ठाकरे सरकार के दौरान भी उनके खिलाफ झूठे सबूत पेश करके उन्हें फंसाने का प्रयास किया गया। पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे ने उन्हें 2024 में मीरा-भायंदर के फर्जी अर्बन मैक्सिमम लैंड एक्विजिशन एक्सटॉर्शन केस में फंसाने की कोशिश की थी। किरीट सोमैया ने अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले की जांच एसआईटी या फिर चीफ सेक्रेटरी के माध्यम से कराई जाए।

इस बीच, पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे ने राष्ट्र प्रेस से फोन पर बात करते हुए कहा कि रश्मि शुक्ला की रिपोर्ट पर वह अभी कुछ नहीं कहना चाहते। उन्होंने कहा कि बीएमसी चुनाव में राजनीतिक लाभ उठाने के लिए यह मुद्दा उठाया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले पर तत्कालीन सीएम का रुख सामने आना चाहिए। उनके बयान के बाद ही वह अपनी भूमिका स्पष्ट करेंगे।

इस पूरे प्रकरण ने महाराष्ट्र की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। भाजपा इसे अपने नेताओं के खिलाफ साजिश बता रही है, जबकि मामले के अन्य पहलुओं पर फिलहाल कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर नया नहीं है। लेकिन जब गंभीर आरोप लगते हैं, तो यह समाज के लिए चिंता का विषय बन जाता है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या किरीट सोमैया ने सच में पत्र लिखा है?
हाँ, किरीट सोमैया ने सीएम देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर एसआईटी जांच की मांग की है।
मीरा-भायंदर जमीन घोटाला क्या है?
यह एक आरोपित घोटाला है जिसमें भाजपा के नेताओं को फंसाने की साजिश का दावा किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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