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मेरठ सौरभ राजपूत हत्याकांड: आज जिला अदालत सुनाएगी फैसला, भाई राहुल की माँग — मुस्कान और साहिल को फाँसी हो

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मेरठ सौरभ राजपूत हत्याकांड: आज जिला अदालत सुनाएगी फैसला, भाई राहुल की माँग — मुस्कान और साहिल को फाँसी हो

सारांश

मेरठ का नीला ड्रम हत्याकांड आज फैसले की घड़ी में है। डेढ़ साल की कानूनी लड़ाई के बाद जिला अदालत मुस्कान रस्तोगी और साहिल पर फैसला सुनाएगी। मृतक सौरभ राजपूत के भाई राहुल ने फाँसी की माँग की है और कम सज़ा पर सर्वोच्च न्यायालय तक जाने की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

मेरठ जिला जज की अदालत 30 सितंबर को सौरभ राजपूत हत्याकांड में फैसला सुनाएगी।
आरोपी मुस्कान रस्तोगी (पत्नी) और साहिल (कथित प्रेमी) पर सौरभ की हत्या कर शव को नीले ड्रम में छुपाने का आरोप है।
मृतक के भाई राहुल राजपूत ने दोनों आरोपियों के लिए फाँसी की सज़ा की माँग की है।
मुकदमे में कुल 22 गवाहों ने अदालत में गवाही दी; परिवार डेढ़ साल से न्यायिक प्रक्रिया में शामिल है।
दोनों आरोपियों को 19 मार्च को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
कम सज़ा मिलने पर परिवार हाईकोर्ट से सर्वोच्च न्यायालय तक अपील करने का इरादा रखता है।

मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में बुधवार, 30 सितंबर को मेरठ जिला जज की अदालत आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके कथित प्रेमी साहिल पर अपना फैसला सुनाएगी। सुनवाई से पूर्व मृतक के भाई राहुल राजपूत ने माँग की है कि दोनों आरोपियों को फाँसी की सज़ा दी जाए, और यदि ऐसा नहीं हुआ तो परिवार सर्वोच्च न्यायालय तक न्याय की लड़ाई जारी रखेगा।

परिवार की माँग और डेढ़ साल की कानूनी लड़ाई

राहुल राजपूत ने कहा, 'हम शुरू से यही उम्मीद लगाए हुए हैं कि हमें इंसाफ मिलेगा। हमने शुरू से एक ही माँग रखी है कि जो उन्होंने हमारे भाई के साथ किया, वो उनके साथ हो। उन्हें कम से कम फाँसी होनी चाहिए।' उन्होंने बताया कि भाई की हत्या के बाद परिवार की आजीविका लगभग पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है।

राहुल के अनुसार, पिछले करीब डेढ़ साल से परिवार को प्रतिदिन सुबह 11 बजे अदालत के लिए निकलना और शाम करीब 5 बजे घर लौटना पड़ता है। उन्होंने बताया कि खुद उन्हें 11 दिन और उनकी माँ को 9 दिन अदालत में पेश होना पड़ा है। परिवार के अन्य सदस्य भी सुनवाई के दौरान उपस्थित रहे हैं।

मुकदमे का विवरण: 22 गवाह, लंबी सुनवाई

राहुल ने बताया कि इस मामले में कुल 22 गवाहों ने अदालत में अपनी गवाही दर्ज कराई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जिला अदालत से दोनों आरोपियों को अपेक्षाकृत कम सज़ा मिली, तो परिवार हाईकोर्ट और ज़रूरत पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय तक अपील करेगा।

नीले ड्रम का वह मामला जिसने पूरे देश को हिला दिया

गौरतलब है कि यह मामला देशभर में 'नीले ड्रम हत्याकांड' के नाम से चर्चित हुआ था। सौरभ राजपूत का शव उनके ही घर में एक नीले ड्रम के भीतर मिला था। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके कथित प्रेमी साहिल ने मिलकर सौरभ की हत्या की और शव को ड्रम में छुपा दिया।

पुलिस ने 19 मार्च को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और आज का फैसला इस लंबी कानूनी लड़ाई का एक अहम मोड़ साबित होगा।

आगे क्या होगा

मेरठ जिला जज की अदालत का फैसला आज के दिन की सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक घटना है। यदि दोनों आरोपी दोषी पाए जाते हैं, तो सज़ा का स्वरूप यह तय करेगा कि परिवार अगला कदम किस दिशा में उठाता है। पीड़ित परिवार की ओर से पहले ही उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय तक जाने की घोषणा की जा चुकी है, यदि फैसला उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या निचली अदालत का फैसला इस जघन्यता के अनुपात में होगा या परिवार को फिर उच्च न्यायालयों की लंबी राह पर चलना पड़ेगा। 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' की कसौटी पर यह मामला खरा उतरता है या नहीं — यही आज के फैसले की असली परीक्षा है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौरभ राजपूत हत्याकांड क्या है?
यह मेरठ का वह मामला है जिसमें सौरभ राजपूत का शव उनके घर में एक नीले ड्रम के भीतर मिला था। उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके कथित प्रेमी साहिल पर हत्या कर शव को ड्रम में छुपाने का आरोप है।
आज अदालत में क्या होगा?
30 सितंबर को मेरठ जिला जज की अदालत मुस्कान रस्तोगी और साहिल पर अपना फैसला सुनाएगी। यह डेढ़ साल से चल रही न्यायिक प्रक्रिया का निर्णायक दिन है।
मृतक के परिवार की क्या माँग है?
मृतक सौरभ राजपूत के भाई राहुल ने माँग की है कि दोनों आरोपियों — मुस्कान और साहिल — को फाँसी की सज़ा दी जाए। उन्होंने कहा कि कम सज़ा मिलने पर परिवार हाईकोर्ट से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ाई जारी रखेगा।
आरोपियों को कब गिरफ्तार किया गया था?
पुलिस ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल को 19 मार्च को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तब से दोनों न्यायिक हिरासत में हैं।
इस मामले में कितने गवाह थे?
इस मुकदमे में कुल 22 गवाहों ने अदालत में अपनी गवाही दर्ज कराई है। मृतक के भाई राहुल और उनकी माँ सहित परिवार के कई सदस्य भी अदालत में पेश हुए।
राष्ट्र प्रेस
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