मेघालय में DMF ने 10 साल में ₹181 करोड़ जुटाए, CM कॉनराड संगमा ने टिकाऊ खनन का आह्वान किया
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने 14 अक्टूबर 2026 को शिलांग में जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) के संचालन के एक दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में वैज्ञानिक और टिकाऊ खनन की ओर त्वरित बदलाव का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य की खनिज संपदा का लाभ समुदायों तक दीर्घकालिक रूप से पहुँचना चाहिए, न कि केवल अल्पकालिक राजस्व के रूप में।
DMF का दशक: आँकड़ों में उपलब्धि
मुख्यमंत्री संगमा ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में DMF ने मेघालय में ₹181 करोड़ की निधि जुटाई है और 923 परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इनमें से 542 परियोजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं। पूर्ण परियोजनाओं में स्कूली कक्षाओं का निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, पेयजल आपूर्ति नेटवर्क और मानसून-प्रतिरोधी पैदल पुल शामिल हैं।
गौरतलब है कि DMF की स्थापना 2015 में खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम के तहत की गई थी, जिसका उद्देश्य खनन-प्रभावित समुदायों के लिए प्रत्यक्ष विकास कोष सुनिश्चित करना था। मेघालय में पारंपरिक सामुदायिक भूमि स्वामित्व प्रणाली को देखते हुए यह फाउंडेशन विशेष महत्व रखती है।
खनन की भूमिका और बदलाव की ज़रूरत
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि खनन क्षेत्र मेघालय की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बना हुआ है — राजस्व सृजन और हज़ारों लोगों की आजीविका दोनों के लिहाज़ से। साथ ही उन्होंने ज़ोर दिया कि खनन पद्धतियाँ अब सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल तरीकों की ओर विकसित होनी चाहिए।
यह ऐसे समय में आया है जब मेघालय में 'रैट-होल माइनिंग' पर सर्वोच्च न्यायालय का प्रतिबंध वर्षों से लागू है, और राज्य सरकार वैज्ञानिक खनन की नीतिगत दिशा तय करने की कोशिश कर रही है। संगमा का यह बयान उस नीतिगत बदलाव की ओर संकेत करता है।
पर्यावरण बहाली पर फोकस
DMF-वित्त पोषित परियोजनाओं में केवल बुनियादी ढाँचा ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण संरचनाओं और खनन-प्रभावित क्षेत्रों में वृक्षारोपण के ज़रिये पर्यावरण बहाली पर भी ध्यान दिया गया है। संगमा ने कहा कि अब फोकस बुनियादी ढाँचे के निर्माण से आगे बढ़कर ऐसी संपत्तियाँ तैयार करने पर होना चाहिए जो स्थायी आय उत्पन्न करें।
पर्यटन और उद्यमिता पर नज़र
मुख्यमंत्री ने पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उद्यमों में निवेश को मेघालय की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, खनिज संसाधनों के लाभ को विविधीकृत क्षेत्रों में लगाकर स्थानीय समुदायों को दीर्घकालिक लाभ दिलाया जा सकता है।
ज़िला प्रशासन को निर्देश
संगमा ने ज़िला प्रशासनों को निर्देश दिया कि उपलब्ध DMF निधि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें और चल रही परियोजनाओं को अनावश्यक विलंब के बिना पूरा किया जाए। उन्होंने ज़िला अधिकारियों और स्थानीय समुदायों के बीच घनिष्ठ समन्वय की भी अपील की, ताकि विकास पहलों का अधिकतम प्रभाव सुनिश्चित हो सके।
आने वाले महीनों में DMF की शेष 381 परियोजनाओं के पूरा होने और नई परियोजनाओं की स्वीकृति की प्रक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी होंगी।