मेघालय में जमीनी विकास को रफ्तार: मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने सीएमडीएसएफ योजनाओं का किया वितरण
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने बुधवार, 29 जुलाई को तुरा स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में 'मुख्यमंत्री विशेष विकास कोष' (सीएमडीएसएफ) के तहत स्वीकृत योजनाओं का वितरण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोष उन समुदाय-स्तरीय परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देने के लिए बनाया गया है, जो नियमित विभागीय कार्यक्रमों की परिधि से बाहर रह जाती हैं।
सीएमडीएसएफ क्या है और इसका उद्देश्य
मुख्यमंत्री विशेष विकास कोष को खास तौर पर उन छोटी लेकिन प्रभावशाली परियोजनाओं के लिए तैयार किया गया है, जिनका सीधा असर आम नागरिकों के जीवन पर पड़ता है। संगमा ने बताया कि इस कोष के लिए धनराशि मुख्यमंत्री सचिवालय के बजट से आवंटित की जाती है। यह योजना राज्य के उन दूरदराज और वंचित क्षेत्रों तक पहुँचने का माध्यम है, जहाँ विभागीय योजनाएँ समय पर नहीं पहुँच पातीं।
मुख्य घटनाक्रम: तुरा में वितरण कार्यक्रम
तुरा में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सीएमडीएसएफ से अनुमोदित योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुँचाया। उन्होंने कहा कि गारो हिल्स, खासी हिल्स और जयंतिया हिल्स समेत मेघालय के प्रत्येक हिस्से को इस योजना का समान लाभ मिलना चाहिए। संगमा ने यह भी स्वीकार किया कि हर निर्वाचन क्षेत्र से अपेक्षाएँ हैं और सरकार इन्हें पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बढ़ती माँग और चुनौतियाँ
संगमा ने माना कि सीएमडीएसएफ के तहत वित्तीय सहायता के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं, जिससे कभी-कभी कोष जारी करने में विलंब होता है। उन्होंने कहा कि बढ़ती माँग इस कार्यक्रम में जनता के विश्वास का प्रमाण है, लेकिन उपलब्ध संसाधनों की सीमा के भीतर सभी अनुरोधों को एक साथ पूरा करना व्यावहारिक चुनौती है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर के राज्यों में जमीनी स्तर पर विकास की गति तेज करने की माँग लगातार बढ़ रही है।
पारदर्शिता और प्रशासनिक प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सीएमडीएसएफ के अंतर्गत सभी आवंटन एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत होते हैं। प्रत्येक परियोजना को संबंधित डिप्टी कमिश्नर कार्यालय की जाँच-पड़ताल के बाद ही स्वीकृति दी जाती है। उनके अनुसार, यह व्यवस्था पारदर्शिता, जवाबदेही और कोष के निष्पक्ष वितरण को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।
आगे की राह
संगमा ने स्पष्ट किया कि राज्य के विभिन्न विभाग अपनी-अपनी विकास योजनाएँ चला रहे हैं, परंतु सीएमडीएसएफ उन स्थानीय और तात्कालिक जरूरतों को तेजी से पूरा करने का एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है, जिन पर शीघ्र ध्यान देना आवश्यक है। आने वाले समय में सरकार इस कोष के माध्यम से मेघालय के सुदूर क्षेत्रों में विकास की गति को और अधिक तेज करने का इरादा रखती है।