राहुल गांधी के चुनाव आयोग आरोपों पर मेघवाल का पलटवार: 'झूठ का पुलिंदा, कुछ साबित नहीं कर सकते'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 25 सितंबर 2026 को अमृतसर दौरे के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा पलटवार किया। मेघवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि यह बयान 'झूठ का पुलिंदा' है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
मेघवाल के तीखे बोल
अमृतसर में स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच मेघवाल ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, 'राहुल गांधी ने पिछले दिन फिर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात की। सीईसी के कामकाज के बारे में जो कुछ भी कहा गया, वह पूरी तरह झूठ का पुलिंदा है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है। वह कुछ भी साबित नहीं कर सकते। वह झूठ बोलते हैं, खराब माहौल बनाते हैं और भाग जाते हैं।'
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि BJP की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तथ्यों के साथ स्थिति पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तनातनी जारी है।
अमृतसर दौरे का संदर्भ
मेघवाल के इस दौरे में पंजाब BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी भी उपस्थित रहे। स्थानीय नेताओं ने केंद्रीय मंत्री का भव्य स्वागत किया।
गौरतलब है कि यह दौरा केवल राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहा — मेघवाल ने अमृतसर स्थित BJP कार्यालय में नशे की लत से प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात की और उनकी पीड़ा को विस्तार से सुना।
नशे के मुद्दे पर पंजाब सरकार पर निशाना
नशे की समस्या को लेकर मेघवाल ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि 'प्रदेश सरकार की निरंकुशता, नाकामी व संवेदनहीनता के कारण पंजाब के भविष्य के साथ हो रहे इस अन्याय को माफ नहीं किया जा सकता।' उन्होंने यह भी कहा कि BJP सरकार बनने पर पंजाब के युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने और नशे के अभिशाप से मुक्ति दिलाने का रोडमैप लागू किया जाएगा।
यह बयान पंजाब में BJP की आगामी चुनावी तैयारी के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है, जहाँ नशे की समस्या लंबे समय से एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है।
चुनाव आयोग विवाद की पृष्ठभूमि
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर कथित तौर पर गंभीर आरोप लगाए थे। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से काम नहीं कर रहा। BJP इन आरोपों को बेबुनियाद बताती रही है और कहती है कि विपक्ष चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाकर जनता को भ्रमित करना चाहता है।
आगे क्या
इस राजनीतिक विवाद के और गहराने की संभावना है, क्योंकि आने वाले समय में कई राज्यों में चुनावी सरगर्मियाँ तेज होने वाली हैं। BJP और कांग्रेस दोनों के बीच चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर यह बहस राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुकी है।