क्या मेलोनी ने ट्रंप के ग्रीनलैंड टैरिफ की धमकी को गलती बताया?
सारांश
Key Takeaways
- मेलोनी ने ट्रंप की टैरिफ धमकी को गलती बताया।
- यूरोपीय यूनियन ने इस पर गंभीर चिंता जताई है।
- डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को 25% तक बढ़ाने की बात की।
- नाटो सदस्य देशों में असहमति बढ़ सकती है।
- आपातकालीन बैठक के जरिए यूरोपीय यूनियन ने प्रतिक्रिया दी।
सोल, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की योजना के विरोध करने वालों पर टैरिफ लगाने की धमकी को "गलती" करार दिया और कहा कि उन्होंने ट्रंप को अपने विचार स्पष्ट कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री ने सोल की यात्रा के दौरान संवाददाताओं से कहा, "मेरा मानना है कि आज नए प्रतिबंध लगाना एक गलती होगी।" उन्होंने आगे कहा कि "मैंने कुछ घंटे पहले डोनाल्ड ट्रंप से बात की और उन्हें बताया कि मैं क्या सोचती हूं।"
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस निर्णय का विरोध नाटो में शामिल कई देशों द्वारा किया जा रहा है। डच विदेश मंत्री डेविड वैन वील ने ट्रंप की योजना को "ब्लैकमेल" करार दिया था।
यूरोपीय यूनियन के अनुसार, यह कदम अमेरिका और यूरोप के बीच संबंधों को कमजोर करने की धमकी है। आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि ट्रंप द्वारा घोषित 10 फीसदी टैरिफ "एक खतरनाक गिरावट" को ट्रिगर कर सकते हैं।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि टैरिफ 1 फरवरी से ग्रीनलैंड में सैनिक भेजने वाले देशों के सभी सामानों पर लागू होंगे। यदि ग्रीनलैंड को "नहीं खरीदा गया," तो टैरिफ बढ़कर 25 फीसदी हो जाएगा।
यूरोपीय नेता इस हफ्ते वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस जाएंगे, जहां ट्रंप के भी शामिल होने की उम्मीद है। नाटो सदस्य देश अपनी बात को मजबूती से रखने की कोशिश करेंगे।
यूरोपीय यूनियन ने सभी राजदूतों की आपातकालीन बैठक बुलाई। 27 देशों के राजदूत रविवार को इमरजेंसी मीटिंग के लिए एकत्र हुए। साइप्रस, जो ईयू की रोटेटिंग प्रेसिडेंसी का 6 महीने का कार्यकाल संभाल रहा है, ने इसकी घोषणा की थी।