त्रिपुरा में कानून-व्यवस्था में सुधार; अपराध में 8.33 प्रतिशत की गिरावट और किसानों का समर्थन

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त्रिपुरा में कानून-व्यवस्था में सुधार; अपराध में 8.33 प्रतिशत की गिरावट और किसानों का समर्थन

सारांश

त्रिपुरा में राज्यपाल इंद्रसेना रेड्डी नल्लू ने अपराध में 8.33 प्रतिशत की कमी और किसानों के लिए महत्वपूर्ण प्रयासों की जानकारी दी। राज्य में कानून-व्यवस्था में सुधार और विकास के नए आयाम खुलते नजर आ रहे हैं।

Key Takeaways

  • अपराध दर में 8.33 प्रतिशत की कमी।
  • महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 11 प्रतिशत की गिरावट।
  • कृषि क्षेत्र में 260 करोड़ रुपये की विशेष सहायता।
  • विस्थापित आदिवासी परिवारों का सफल पुनर्वास।
  • महिला कॉलेज का उन्नयन।

अगरतला, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्रसेना रेड्डी नल्लू ने शुक्रवार को जानकारी दी कि पिछले वर्ष में राज्य में कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच अपराध दर में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 8.33 प्रतिशत की कमी देखी गई है।

राज्य विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन अपने भाषण में राज्यपाल ने बताया कि कई श्रेणियों में अपराधों में महत्वपूर्ण गिरावट आई है। संपत्ति से जुड़े अपराधों में 18.51 प्रतिशत, महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 11 प्रतिशत, दुष्कर्म के मामलों में 33 प्रतिशत, हत्या में 26 प्रतिशत और मारपीट के मामलों में 10 प्रतिशत की कमी आई है, जो बेहतर पुलिसिंग और सख्त कार्रवाई का नतीजा है।

उन्होंने बताया कि "नेशा मुक्त त्रिपुरा" अभियान के तहत नशीले पदार्थों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। अप्रैल से नवंबर 2025 के बीच नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत 350 मामले दर्ज किए गए और 515 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान सुरक्षा बलों ने 22,606.50 किलोग्राम गांजा, 2,11,141 बोतल कफ सिरप, 6,06,379 मेथामफेटामिन टैबलेट और 1,937.88 ग्राम हेरोइन/ब्राउन शुगर बरामद की।

अधिकारियों ने 2.10 करोड़ से अधिक गांजा के पौधे भी नष्ट किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 74.45 प्रतिशत अधिक है।

राज्यपाल ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के लागू होने से दोषसिद्धि दर में भी तेजी से वृद्धि हुई है। यह जनवरी–जून 2024 में 29.47 प्रतिशत थी, जो जुलाई–दिसंबर 2024 में बढ़कर 60.50 प्रतिशत हो गई और जनवरी से नवंबर 2025 के बीच 68.25 प्रतिशत तक पहुंच गई।

विस्थापित आदिवासी समुदायों के पुनर्वास के संदर्भ में उन्होंने कहा कि मिजोरम से विस्थापित 6,935 रियांग जनजातीय परिवारों (कुल 37,584 लोगों) का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया गया है। यह पुनर्वास 16 जनवरी 2020 को केंद्र सरकार, त्रिपुरा और मिजोरम सरकार तथा शरणार्थी प्रतिनिधियों के बीच हुए चतुर्पक्षीय समझौते के बाद संभव हुआ।

इन परिवारों को 12 स्थानों पर बसाया गया है और राज्य सरकार ने 6,678 मकान बनाए हैं। इसके साथ ही सड़कों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य एवं वेलनेस केंद्रों, पेयजल, बिजली, राशन की दुकानों और सहकारी समितियों जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

कृषि क्षेत्र में सरकार 2.71 लाख किसानों को शामिल करते हुए किसानों की रजिस्ट्री तैयार कर रही है और प्रत्येक जिले के एक गांव में डिजिटल क्रॉप सर्वे लागू किया जा रहा है। इसके कारण राज्य को केंद्र से 260 करोड़ रुपये की विशेष सहायता प्राप्त हुई है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के तहत 2.17 लाख किसानों को 87.47 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है, जबकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 96,000 किसानों का बीमा किया गया है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार महिला कॉलेज को महिला विश्वविद्यालय और त्रिपुरा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को राज्य तकनीकी विश्वविद्यालय में अपग्रेड करने की दिशा में काम कर रही है।

Point of View

NationPress
15/03/2026

Frequently Asked Questions

त्रिपुरा में अपराध की दर में कितनी कमी आई है?
त्रिपुरा में पिछले एक वर्ष में अपराध की दर में 8.33 प्रतिशत की कमी आई है।
राज्य में नशीले पदार्थों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है?
राज्य में नेशा मुक्त त्रिपुरा अभियान के तहत नशीले पदार्थों के खिलाफ 350 मामले दर्ज किए गए हैं।
किसानों के लिए कौन सी योजनाएं लागू की गई हैं?
कृषि क्षेत्र में 2.71 लाख किसानों की रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे की योजना बनाई गई है।
विस्थापित आदिवासी समुदायों के पुनर्वास की स्थिति क्या है?
मिजोरम से विस्थापित 6,935 रियांग जनजातीय परिवारों का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया गया है।
उच्च शिक्षा में किस प्रकार के सुधार किए जा रहे हैं?
महिला कॉलेज को महिला विश्वविद्यालय और त्रिपुरा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को राज्य तकनीकी विश्वविद्यालय में अपग्रेड किया जा रहा है।
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