10 जुलाई 2026
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त्रिपुरा में जब्त नशे की खेप से छेड़छाड़: इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, निलंबित

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त्रिपुरा में जब्त नशे की खेप से छेड़छाड़: इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, निलंबित

सारांश

त्रिपुरा में जब्त नशीली दवाओं से छेड़छाड़ का मामला पुलिस विभाग के भीतर तक पहुँचा — सीसीटीवी फुटेज ने खुलासा किया कि 245 बोतलें रिकॉर्ड से पहले ही गायब कर दी गईं। इंस्पेक्टर समेत 4 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, यह पिछले दो हफ्तों में त्रिपुरा का दूसरा बड़ा भ्रष्टाचार मामला है।

मुख्य बातें

इंस्पेक्टर अजीत देबबर्मा समेत 4 पुलिसकर्मी 25 मई 2026 को गिरफ्तार और निलंबित।
20 मई को तेलियामुरा पुलिस ने वाहन से 6,000 से अधिक बोतलें एस्कुफ कफ सिरप जब्त की थीं।
सीसीटीवी फुटेज में उजागर हुआ कि औपचारिक रिकॉर्डिंग से पहले ही 245 बोतलें गायब कर दी गईं।
यह मात्रा NDPS एक्ट के तहत 'कॉमर्शियल क्वांटिटी' की श्रेणी में आती है।
मामला भारतीय न्याय संहिता, 2023 और NDPS एक्ट, 1985 के तहत दर्ज; पुलिस महानिदेशक अनुराग के निर्देश पर जांच।
पिछले सप्ताह धलाई जिले में भी भ्रष्टाचार मामले में 4 गिरफ्तार, 3 निलंबित।

त्रिपुरा पुलिस ने खोवाई जिले में जब्त नशीले पदार्थों के साथ कथित छेड़छाड़ और अनियमितताओं के मामले में इंस्पेक्टर अजीत देबबर्मा समेत चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर निलंबित कर दिया है। 25 मई 2026 को अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सभी आरोपी तेलियामुरा पुलिस स्टेशन और स्पेशल ब्रांच में तैनात थे। यह मामला भारतीय न्याय संहिता, 2023 और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत दर्ज किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

20 मई 2026 को नियमित गश्त के दौरान तेलियामुरा पुलिस स्टेशन की टीम ने एक वाहन को रोका, जिसमें प्रतिबंधित कोडीन-आधारित 'एस्कुफ' कफ सिरप की बड़ी खेप बरामद हुई। रिपोर्टों के अनुसार, वाहन में 100 मिलीलीटर की 6,000 से अधिक बोतलें मौजूद थीं।

बाद में पुलिस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा में यह उजागर हुआ कि औपचारिक जब्ती और रिकॉर्डिंग प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही बरामद खेप का बड़ा हिस्सा जनरल ड्यूटी रूम से हटा दिया गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपित पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर 245 बोतलें बेईमानी से छिपा दी थीं — एक मात्रा जो NDPS एक्ट के तहत 'कॉमर्शियल क्वांटिटी' की श्रेणी में आती है।

गिरफ्तार पुलिसकर्मी कौन हैं

गिरफ्तार चार पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर अजीत देबबर्मा (तेलियामुरा पुलिस स्टेशन के सेकेंड ऑफिसर-इन-चार्ज), सब-इंस्पेक्टर राजेंद्र रियांग, सब-इंस्पेक्टर संपा दास (महिला), और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (स्पेशल ब्रांच) सचिंद्र देबबर्मा शामिल हैं। सभी खोवाई जिले में तैनात थे और सोमवार को स्थानीय अदालत में पेश किए गए, जहाँ पुलिस रिमांड की माँग की गई।

एस्कुफ सिरप: नशे का नया जरिया

एस्कुफ कफ सिरप में कोडीन फॉस्फेट और ट्रिप्रोलिडीन हाइड्रोक्लोराइड जैसे तत्व पाए जाते हैं, जिनका भारत, बांग्लादेश और पड़ोसी देशों में नशीले पदार्थ के रूप में बड़े पैमाने पर दुरुपयोग होता है। इसकी तस्करी पूर्वोत्तर भारत में एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। गौरतलब है कि त्रिपुरा म्यांमार और बांग्लादेश की सीमाओं से लगा होने के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए एक संवेदनशील मार्ग रहा है।

पुलिस विभाग की प्रतिक्रिया

त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग के निर्देश पर यह मामला दर्ज किया गया और निष्पक्ष जांच शुरू की गई। विभागीय कार्रवाई के तहत चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। त्रिपुरा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के प्रति उसकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति है।

व्यापक संदर्भ: त्रिपुरा में भ्रष्टाचार के ताज़ा मामले

यह ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले सप्ताह ही त्रिपुरा के धलाई जिले में एक महिला द्वारा घर में भारी मात्रा में नकदी दिखाने वाला वीडियो वायरल होने के बाद चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था और तीन अन्य को निलंबित किया गया था। उस मामले में गिरफ्तार लोगों में पुलिसकर्मी, स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी और एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी शामिल थी। लगातार दो हफ्तों में सामने आए ये मामले राज्य की कानून-प्रवर्तन प्रणाली में आंतरिक जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

जांच जारी है और आने वाले दिनों में आरोप-पत्र दाखिल होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो 'जीरो टॉलरेंस' की नीति केवल घोषणा बनकर रह जाती है। सीसीटीवी फुटेज ने इस बार सच उजागर किया, लेकिन सवाल यह है कि कितने मामलों में ऐसी निगरानी उपलब्ध नहीं होती। त्रिपुरा में लगातार दो हफ्तों में सामने आए भ्रष्टाचार के मामले संकेत देते हैं कि यह कोई अपवाद नहीं, बल्कि एक गहरी प्रणालीगत समस्या है जिसके लिए जवाबदेही का ढाँचा और मजबूत करना होगा।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा में चार पुलिसकर्मियों को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
खोवाई जिले के तेलियामुरा पुलिस स्टेशन में जब्त एस्कुफ कफ सिरप की खेप के साथ कथित छेड़छाड़ और अनियमितताओं के मामले में चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया। सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि औपचारिक रिकॉर्डिंग से पहले ही 245 बोतलें गायब कर दी गई थीं।
एस्कुफ कफ सिरप को नशीला पदार्थ क्यों माना जाता है?
एस्कुफ कफ सिरप में कोडीन फॉस्फेट और ट्रिप्रोलिडीन हाइड्रोक्लोराइड जैसे तत्व होते हैं, जिनका नशे के रूप में दुरुपयोग होता है। भारत, बांग्लादेश और पड़ोसी देशों में इसकी तस्करी व्यापक रूप से होती है, इसलिए यह NDPS एक्ट के दायरे में आता है।
गिरफ्तार पुलिसकर्मियों के नाम और पद क्या हैं?
गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर अजीत देबबर्मा (सेकेंड ऑफिसर-इन-चार्ज, तेलियामुरा), सब-इंस्पेक्टर राजेंद्र रियांग, सब-इंस्पेक्टर संपा दास (महिला), और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (स्पेशल ब्रांच) सचिंद्र देबबर्मा शामिल हैं। सभी को निलंबित भी किया गया है।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
पुलिस महानिदेशक अनुराग के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जब्त की गई 245 बोतलें NDPS एक्ट के तहत 'कॉमर्शियल क्वांटिटी' में आती हैं।
क्या त्रिपुरा में हाल ही में पुलिस भ्रष्टाचार के और मामले सामने आए हैं?
हाँ, इसी सप्ताह से पहले धलाई जिले में एक महिला द्वारा घर में भारी नकदी दिखाने वाले वायरल वीडियो मामले में चार लोगों को गिरफ्तार और तीन को निलंबित किया गया था। उस मामले में पुलिसकर्मी, स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी और एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी शामिल थी।
राष्ट्र प्रेस
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