त्रिपुरा वायरल कैश वीडियो: TSR जवान और स्वास्थ्यकर्मी गिरफ्तार, ₹5 करोड़ बरामद
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा पुलिस ने धलाई जिले में करोड़ों रुपये की नकदी दिखाने वाले वायरल वीडियो मामले में त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (TSR) के एक जवान और स्वास्थ्य विभाग की एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। जाँच के दौरान अब तक लगभग ₹5 करोड़ नकद बरामद होने की सूचना है, जबकि 15 से अधिक लोगों से पूछताछ जारी है।
मुख्य गिरफ्तारियाँ और हिरासत
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, पुलिस ने अगरतला के बाहरी इलाके अभयनगर के निवासी अजीत देबबर्मा (48) और उनकी पत्नी मेनका देबबर्मा (45) को गिरफ्तार किया है। अजीत देबबर्मा त्रिपुरा स्टेट राइफल्स में राइफलमैन के पद पर तैनात हैं, जबकि मेनका देबबर्मा स्वास्थ्य विभाग की कर्मचारी हैं।
पुलिस ने बताया कि 5 लोगों को हिरासत में लिया गया है और लगभग 10 अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। इन सभी से अंबासा और अगरतला पुलिस स्टेशनों में पूछताछ चल रही है। हिरासत में लिए गए लोगों में कुछ महिलाएँ, पुलिसकर्मी, TSR जवान और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी शामिल हैं।
वायरल वीडियो का मामला क्या है
पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें धलाई जिले के सलेमा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत भाटखोरी इलाके के एक घर में करोड़ों रुपये के नकदी बंडल दिखाई दे रहे थे। यह घर एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी का बताया जाता है। उल्लेखनीय है कि पुलिस अभी तक संबंधित महिला के घर से कोई नकदी सीधे बरामद नहीं कर पाई है।
सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि वायरल वीडियो देखने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आरोपियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया, 'हम किसी भी अपराध के आरोपी को न तो छिपाते हैं और न ही उसकी रक्षा करते हैं। कानून अपना काम करेगा।'
पुलिस महानिदेशक अनुराग ने कथित तौर पर इस घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल घटनास्थल पर जाकर सभी संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उनके निर्देश पर पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) मनचक इप्पर, पुलिस उप महानिरीक्षक (उत्तरी रेंज) रति रंजन देबनाथ और धलाई जिले के पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश जयसिंह देसाई समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गहन जाँच शुरू की।
अंतरराज्यीय गिरोह का संदेह
पुलिस को शक है कि इस मामले में अवैध वित्तीय लेन-देन और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ हो सकता है। धलाई और पश्चिम त्रिपुरा जिलों के विभिन्न हिस्सों में गहन तलाशी अभियान जारी है। उच्च सूत्रों के अनुसार जाँच के दौरान अब तक करीब ₹5 करोड़ नकद बरामद हुए हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ पूरी होने के बाद हिरासत में लिए गए अन्य लोगों की औपचारिक गिरफ्तारी पर निर्णय लिया जाएगा। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षाबलों और सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता वाले वित्तीय अनियमितता के मामलों पर जाँच एजेंसियों की नजर बढ़ी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।