मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की ग्रेटर नोएडा में समीक्षा: राकेश सचान की अध्यक्षता में
सारांश
Key Takeaways
- युवाओं का स्वरोजगार बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बैठक।
- बैंकों को आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने का निर्देश।
- लक्ष्य के अनुसार ऋण वितरण की प्रगति की समीक्षा।
- युवाओं को प्रोत्साहन देने का आह्वान।
- प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत कार्यवाही।
ग्रेटर नोएडा, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, खाद्य एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा तथा वस्त्र उद्योग विभाग के मंत्री राकेश सचान ने की।
बैठक का आयोजन ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के ऑडिटोरियम में हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी और बैंकों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान, मंत्री राकेश सचान ने योजना के तहत जनपदों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि मार्च २०२६ तक लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण किया जाए, ताकि योजना का लाभ समय पर पात्र युवाओं तक पहुंच सके।
मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि किसी बैंक शाखा द्वारा बिना ठोस कारण के किसी आवेदन को निरस्त किया गया, तो संबंधित शाखा और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बैंक अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराएं और योजना के लक्ष्यों को पूरा करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ बैंक शाखाओं में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले ऋण वितरण की प्रगति शून्य है, जिस पर मंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि यह योजना प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण और जनहितकारी योजना है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
मंत्री राकेश सचान ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर व्यापक स्तर पर विशेष अभियान चलाएं। जिलों में शिविर, जन-जागरूकता कार्यक्रम और मार्गदर्शन सत्र आयोजित कर युवाओं को योजना की जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक युवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है, जिसके माध्यम से हर वर्ष लगभग एक लाख युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष २०२५-२६ में १.५ लाख युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य है, जिसके तहत अब तक १.२५ लाख से अधिक युवाओं को ५१५० करोड़ रुपए से अधिक का ऋण वितरित किया जा चुका है।
बैठक में एमएसएमई विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, सीएम युवा मिशन के राज्य नोडल अधिकारी सर्वेश्वर शुक्ला, अपर आयुक्त उद्योग मेरठ मंडल उमेश सिंह, उपायुक्त उद्योग गौतमबुद्धनगर पंकज निर्वाण, विभिन्न बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधि और उद्योग विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।