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क्या अधिक वजन के कारण मेनोपॉज के बाद ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ता है?

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क्या अधिक वजन के कारण मेनोपॉज के बाद ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ता है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि मेनोपॉज के बाद अधिक वजन हृदय रोग से पीड़ित महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है? यह नई स्टडी इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर रोशनी डालती है। जानिए और क्या जानकारी मिली है इस शोध से।

मुख्य बातें

मेनोपॉज के बाद अधिक वजन का ब्रेस्ट कैंसर से गहरा संबंध है।
टाइप-2 डायबिटीज का प्रभाव हृदय रोग के साथ नहीं है।
अधिक वजन और हृदय रोग प्रति 100,000 लोगों में 153 अतिरिक्त ब्रेस्ट कैंसर के मामले उत्पन्न कर सकते हैं।
शोधकर्ताओं ने 168,547 महिलाओं के डेटा का विश्लेषण किया।
मोटापा 12 प्रकार के कैंसर का जोखिम बढ़ाता है।

नई दिल्ली, 7 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक ताजा अध्ययन में पता चला है कि मेनोपॉज के बाद हृदय रोग से ग्रसित महिलाओं में अधिक वजन होना ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ा सकता है।

यह अध्ययन अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के जर्नल ‘कैंसर’ में सोमवार को प्रकाशित हुआ। अनुसंधान के अनुसार, जिन महिलाओं का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) अधिक है, उनमें स्तन कैंसर का खतरा पहले से ही ज्यादा है। टाइप-2 डायबिटीज से इस खतरे पर कोई विशेष प्रभाव नहीं देखा गया है, अर्थात् डायबिटीज से पीड़ित और न पीड़ित महिलाओं में अधिक बीएमआई की वजह से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा समान रूप से बढ़ता है।

इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के शोधकर्ता हेंज फ्रीस्लिंग ने बताया, “इस अध्ययन के नतीजे ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग प्रोग्राम को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।” उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में वजन घटाने के ट्रायल में हृदय रोग वाली महिलाओं को शामिल करके ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम पर शोध किया जाना चाहिए। शोधकर्ताओं ने यूरोपियन प्रोस्पेक्टिव इन्वेस्टिगेशन इनटू कैंसर एंड न्यूट्रिशन और यूके बायोबैंक के 168,547 मेनोपॉज महिलाओं के डेटा का विश्लेषण किया। इन महिलाओं में से कोई भी अध्ययन के समय टाइप-2 डायबिटीज या हृदय रोग से पीड़ित नहीं थी। लगभग 10-11 वर्षों के फॉलो-अप के बाद, 6,793 मेनोपॉज के बाद की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का पता चला।

अध्ययन में यह भी बताया गया है कि अधिक वजन और हृदय रोग का एक साथ होना प्रति 100,000 लोगों में हर साल 153 अतिरिक्त ब्रेस्ट कैंसर के मामले उत्पन्न कर सकता है। पूर्व के अनुसंधानों से यह पुष्टि हो चुकी है कि मोटापा 12 प्रकार के कैंसर, जैसे गर्भाशय, किडनी, लिवर और कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा बढ़ाता है।

इसके अलावा, हाल ही में ‘नेचर कम्युनिकेशंस’ जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया है कि अधिक वजन वाली महिलाओं में बड़े ट्यूमर और एडवांस्ड स्टेज का ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना अधिक होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह अध्ययन महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। हृदय रोग और अधिक वजन का ब्रेस्ट कैंसर से संबंध हमारे स्वास्थ्य प्रणाली के सामने एक चुनौती प्रस्तुत करता है। हमें इस दिशा में सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि हम अपने समाज को सुरक्षित रख सकें।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या अधिक वजन महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ाता है?
हाँ, अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि अधिक वजन वाली महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर के अधिक जोखिम में होती हैं।
मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ने से क्या नुकसान हो सकते हैं?
मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ने से हृदय रोग, डायबिटीज और ब्रेस्ट कैंसर जैसे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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