क्या आमिर खान के दामाद नूपुर शिखरे ने मोदक खाने के लिए अपनाया अनोखा तरीका?

सारांश
Key Takeaways
- गणेश चतुर्थी पर मोदक का भोग विशेष महत्व रखता है।
- नूपुर शिखरे ने अपनी फिटनेस को मोदक खाने के लिए एक नई दिशा दी है।
- पुल-अप्स एक प्रभावी एक्सरसाइज है जो मांसपेशियों को मजबूत बनाती है।
- वजन के साथ पुल-अप्स करने से सहनशक्ति और ताकत में सुधार होता है।
- फिटनेस और त्योहारों का आनंद लेना दोनों संभव है।
मुंबई, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। गणेश चतुर्थी का त्योहार, जो कि मोदक का उत्सव है, इस दिन हर कोई भगवान गणेश को उनके प्रिय मोदक का भोग अर्पित करता है, और फिर खुद भी इस स्वादिष्ट मिठाई का आनंद लेता है। बच्चे, बड़े, महिलाएं और बुजुर्ग सभी मोदक के स्वाद के दीवाने होते हैं। इसी प्रकार की दीवानगी आमिर खान के दामाद और फिटनेस ट्रेनर नूपुर शिखरे की भी है, जो इस बार गणेश चतुर्थी पर दिल खोलकर मोदक खाने के लिए मेहनत कर रहे हैं।
नूपुर, आमिर खान की बेटी आयरा खान के पति हैं। वह रोजाना अपनी फिटनेस के लिए एक्सरसाइज करते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अपनी मेहनत को एक विशेष उद्देश्य से जोड़ा है, और वह है उनका पसंदीदा मोदक।
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में नूपुर पुल-अप्स करते दिख रहे हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी कमर पर वजन बांधा हुआ है। शुरुआत में वह 10 किलो वजन के साथ पुल-अप्स करते हैं, फिर धीरे-धीरे वजन बढ़ाते जाते हैं - पहले 20 किलो, फिर 30 और अंत में 40 किलो वजन के साथ पुल-अप्स करते हैं।
इस वीडियो के साथ उन्होंने मजेदार कैप्शन भी लिखा है - "मैं इतनी मेहनत इसलिए कर रहा हूं ताकि दिल खोलकर मोदक खा सकूं।"
नूपुर का यह अंदाज उनके फैंस को बहुत पसंद आ रहा है।
गौरतलब है कि पुल-अप्स एक प्रभावी कंपाउंड एक्सरसाइज है, जो विशेष रूप से पीठ, कंधों और हाथों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए की जाती है। जब कोई बिना वजन के पुल-अप्स करता है, तो वह बॉडी वेट एक्सरसाइज होती है। जब वजन बांधा जाता है, तो यह एक्सरसाइज और कठिन हो जाती है, जिससे मांसपेशियों पर अधिक दबाव पड़ता है और उन्हें ताकतवर बनने में मदद मिलती है।
वजन के साथ पुल-अप्स करने से शरीर की ताकत और सहनशक्ति दोनों में सुधार होता है। इसके अलावा, ये एक्सरसाइज मेटाबॉलिज्म को तेज करती हैं, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त फैट कम होता है। यही वजह है कि पुल-अप्स वजन नियंत्रित रखने और फिटनेस बढ़ाने के लिए एक बेहतरीन तरीका माना जाता है।