PM मोदी 5 जून को सूरत से दक्षिण गुजरात को देंगे ₹1,063 करोड़ के 8 GIDC प्रोजेक्ट्स की सौगात
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जून 2026 को सूरत से दक्षिण गुजरात को ₹1,063.43 करोड़ की लागत वाले गुजरात औद्योगिक विकास निगम (GIDC) के 8 प्रोजेक्ट्स की सौगात देंगे। इस यात्रा के दौरान वे केंद्र और गुजरात सरकार की कुल ₹18,777 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे, जिनमें भरूच को ₹894 करोड़ और वलसाड को ₹169.3 करोड़ के प्रोजेक्ट्स मिलेंगे।
मुख्य घोषणाएँ और परियोजनाएँ
गांधीनगर से जारी जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम दक्षिण गुजरात के औद्योगिक अंचलों में इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्रदूषित जल निस्तारण और ड्रेनेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री भरूच जिले में ₹894 करोड़ से अधिक के 6 GIDC प्रोजेक्ट्स और वलसाड के सरीगाम में 2 प्रमुख प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण करेंगे।
दहेज PCPIR क्लस्टर को मिलेगा सबसे बड़ा निवेश
सबसे बड़े प्रोजेक्ट के तहत दहेज PCPIR औद्योगिक क्लस्टर में सायखा पंपिंग स्टेशन से दहेज लैंडफॉल पॉइंट तक 90 MLD क्षमता की ऑफशोर व ऑनशोर एफ्लुएंट निस्तारण पाइपलाइन का निर्माण ₹474.61 करोड़ की लागत से किया गया है। इसमें 5 वर्ष के ऑपरेशन और मैंटेनेंस के साथ सिविल स्ट्रक्चर्स, इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कम्पोनेंट्स और PLC स्काडा सिस्टम्स का डिज़ाइन तथा कमीशनिंग शामिल है। उल्लेखनीय है कि दहेज PCPIR क्षेत्र में फिलहाल 1,000 से अधिक औद्योगिक इकाइयाँ कार्यरत हैं, जो मुख्यतः रसायन, टेक्सटाइल, फार्मा, डाइज तथा इंटरमीडिएट क्षेत्रों से जुड़ी हैं।
जंबूसर बल्क ड्रग पार्क और दहेज-2 ड्रैनेज सिस्टम
भरूच के जंबूसर स्थित बल्क ड्रग पार्क में फार्मास्युटिकल उद्योगों की ज़रूरतों के अनुरूप रोड, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क और सेंट्रल ड्रेन जैसी सुविधाएँ ₹274.96 करोड़ की लागत से विकसित की गई हैं। इसके अतिरिक्त दहेज-2 औद्योगिक बस्ती के लिए सुवा पंपिंग स्टेशन से जेड-93 तक राइजिंग मेन के साथ 30 MLD क्षमता का ड्रैनेज पंपिंग स्टेशन भी लोकार्पण की सूची में है, जो एकीकृत एफ्लुएंट वहन नेटवर्क को मज़बूती देगा।
वलसाड के सरीगाम में CETP क्षमता विस्तार
वलसाड जिले के सरीगाम में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) की क्षमता 15 MLD से बढ़ाकर 25 MLD की गई है, जिससे प्रदूषित जल के शुद्धिकरण और पर्यावरणीय मानदंडों के पालन में सुधार होगा। साथ ही, सरीगाम औद्योगिक बस्ती में पंपिंग स्टेशन से लैंडफॉल चैम्बर और गहरे समुद्र में निस्तारण स्थल तक HDPE ऑनशोर व ऑफशोर आउटफॉल पाइपलाइन नेटवर्क भी विकसित किया गया है। अंकलेश्वर में एफ्लुएंट ट्रांसमिशन पाइपलाइन पर इंटरमीडिएट बूस्टर पंपिंग स्टेशन तथा पानोली विस्तार औद्योगिक क्षेत्र में रोड, जलापूर्ति नेटवर्क और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं का विकास भी शामिल है।
क्यों मायने रखता है यह दौरा
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब गुजरात केमिकल और पेट्रोकेमिकल उद्योग के राष्ट्रीय हब के रूप में अपनी स्थिति को और मज़बूत करने का प्रयास कर रहा है। भरूच विशेष रूप से देश के पेट्रोकेमिकल मानचित्र पर एक निर्णायक केंद्र बनकर उभरा है, और प्रदूषित जल प्रबंधन की बेहतर अवसंरचना से NGT तथा CPCB के सख़्त मानदंडों के पालन में राहत मिलने की संभावना है। आगामी हफ़्तों में परियोजनाओं की औपचारिक कमीशनिंग के बाद इनके परिचालन प्रभाव पर नज़र रहेगी।