30 जुलाई 2026
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क्या मोहन भागवत ने सच्चे देशभक्त के रूप में राष्ट्रीय चेतना को जगाया?

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क्या मोहन भागवत ने सच्चे देशभक्त के रूप में राष्ट्रीय चेतना को जगाया?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशंसा के बाद, भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने मोहन भागवत की भूमिका को उजागर किया है। उन्होंने भागवत को एक मजबूत आधार स्तंभ बताया है, जिन्होंने देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना को नया आयाम दिया है। जानिए इस मुद्दे पर और क्या कुछ कहा गया।

मुख्य बातें

मोहन भागवत ने राष्ट्रीय चेतना को सशक्त किया है।
लाखों कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की है।
प्रधानमंत्री मोदी का काशी दौरा महत्वपूर्ण है।
भारत और मॉरीशस के संबंधों को मजबूत करने का प्रयास।
सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सभी के लिए आवश्यक है।

लखनऊ, 11 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की सराहना पर भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने कहा कि मोहन भागवत एक मजबूती का प्रतीक हैं, जिन्होंने न केवल राष्ट्रीय चेतना को सशक्त किया है, बल्कि एक सच्चे देशभक्त के रूप में देश की सेवा की है। मोहन भागवत ने लाखों कार्यकर्ताओं की एक बड़ी टीम तैयार की है, जो भारत माता की गरिमा के लिए हर चीज़ को समर्पित करने के लिए तत्पर रहते हैं। आरएसएस के विचार और कार्य देश के विकास और एकता के लिए प्रेरणादायक हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी का दौरा किया है, जिस पर दिनेश शर्मा ने कहा कि काशी न केवल प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है, बल्कि यह उनके दिल के बहुत करीब भी है। वह काशी के नागरिकों की छोटी-छोटी समस्याओं पर ध्यान रखते हैं और क्षेत्र के विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में काशी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अद्वितीय प्रगति की है।

मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम की काशी यात्रा पर दिनेश शर्मा ने कहा कि मॉरीशस के लोग आज भी भोजपुरी बोलते हैं और भारतीय संस्कृति को जीवंत रखते हैं। भारत की महान हस्तियों के स्मृति चिह्न वहां अब भी विद्यमान हैं। हम मॉरीशस के प्रधानमंत्री का काशी में हार्दिक स्वागत करते हैं। उनकी यह यात्रा भारत-मॉरीशस संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री मोदी की काशी यात्रा के दौरान विरोध करने की योजना बनाई थी, लेकिन उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया गया। इस पर दिनेश शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल और गरिमा का ध्यान रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है। चुने हुए प्रधानमंत्री का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है।

दूसरी ओर, राहुल गांधी की सुरक्षा चूक को लेकर सीआरपीएफ के वीवीआईपी सिक्योरिटी प्रमुख सुनील जून ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को पत्र लिखा। पत्र में राहुल पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन न करने का आरोप लगाया गया। इस मुद्दे पर दिनेश शर्मा ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के मानकों का पालन करना सभी नेताओं के लिए आवश्यक है, विशेषकर गांधी परिवार जैसे वीवीआईपी व्यक्तियों के लिए।

वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने जूनागढ़ में जिला कांग्रेस अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में कहा, “पूरा डिब्बा सड़ने से पहले खराब आमों को निकाल देना चाहिए।” उनके इस बयान पर दिनेश शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तुलना कभी घोड़े से करते हैं, कभी सड़े आम से। कार्यकर्ताओं का अपमान ही कांग्रेस के पतन का कारण है। भाजपा में कार्यकर्ताओं का सम्मान सर्वोपरि है।”

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहन भागवत की भूमिका क्या है?
मोहन भागवत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख के रूप में देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भागवत की क्यों सराहना की?
प्रधानमंत्री मोदी ने भागवत को एक मजबूत आधार स्तंभ बताया है, जिन्होंने लाखों कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया है।
काशी यात्रा का महत्व क्या है?
काशी यात्रा से भारत और मॉरीशस के बीच संबंध मजबूत होंगे और ये भारतीय संस्कृति का प्रतीक है।
कांग्रेस अध्यक्ष का बयान क्या था?
कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं की तुलना खराब आमों से की, जिस पर भाजपा ने प्रतिक्रिया दी।
सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन क्यों जरूरी है?
सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना सभी नेताओं के लिए आवश्यक है, विशेषकर वीवीआईपी व्यक्तियों के लिए।
राष्ट्र प्रेस
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