मॉस्को में वांटेड प्रेरणा कुमार की तलाश तेज: झारखंड सीआईडी ने सभी जिलों से मांगी रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में रूस की राजधानी मॉस्को में वांटेड भारतीय युवती प्रेरणा कुमार की तलाश झारखंड में तेज हो गई है। केंद्रीय एजेंसियों से प्राप्त इनपुट के अनुसार, प्रेरणा कुमार मूलतः रांची की निवासी है और यह आशंका जताई जा रही है कि वह इन दिनों झारखंड में किसी अज्ञात ठिकाने पर छिपी हो सकती है। झारखंड सीआईडी ने 2 अगस्त 2026 को राज्य के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर उसके वर्तमान ठिकाने का सत्यापन करने और तत्काल रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (एनसीबी), नई दिल्ली से प्राप्त इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई शुरू की गई है। नेपाल स्थित एनसीबी के काठमांडू कार्यालय ने एनसीबी नई दिल्ली और एनसीबी मॉस्को को ई-मेल के ज़रिए सूचित किया था कि भारतीय नागरिक प्रेरणा कुमार 4 जुलाई 2026 को त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, काठमांडू से हवाई मार्ग द्वारा भारत के लिए रवाना हुई थी। इस सूचना के साथ इंटरपोल डिफ्यूजन नोटिस, पासपोर्ट की प्रति और बोर्डिंग पास भी साझा किए गए थे।
इसी इनपुट के आधार पर एनसीबी नई दिल्ली ने झारखंड सीआईडी से रांची स्थित उसके पते का सत्यापन कराने का अनुरोध किया, जिसके बाद सीआईडी ने रांची, जमशेदपुर और धनबाद समेत राज्य के सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट जारी किया।
इंटरपोल डिफ्यूजन नोटिस क्या है
जाँच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई इंटरपोल के डिफ्यूजन नोटिस के तहत की जा रही है। गौरतलब है कि डिफ्यूजन नोटिस किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का दस्तावेज़ नहीं होता — यह सदस्य देशों के बीच जाँच-संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान और संबंधित व्यक्ति का पता लगाने की एक प्रक्रिया है। इस प्रकार, प्रेरणा कुमार को अभी तक किसी अदालत द्वारा दोषी नहीं ठहराया गया है।
सीआईडी के निर्देश
झारखंड सीआईडी के पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि संबंधित महिला किसी जिले में रह रही हो अथवा उसके वर्तमान ठिकाने की कोई भी जानकारी मिले, तो उसका सत्यापन कर तत्काल रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए। इस रिपोर्ट को आगे इंटरपोल और एनसीबी नई दिल्ली को अग्रसारित किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय खुफिया एजेंसियाँ और राज्य पुलिस युवती के संभावित ठिकानों, स्थानीय संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की भी जाँच कर रही हैं। हालाँकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ दावों और वीडियो की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
पुलिस का कहना है कि सभी सूचनाओं का सत्यापन किया जा रहा है और जाँच जारी है। जिला स्तर पर मिलने वाली रिपोर्टों के आधार पर अगली कार्रवाई तय होगी। यह मामला इस लिहाज़ से महत्वपूर्ण है कि इसमें इंटरपोल, एनसीबी और राज्य पुलिस — तीन स्तरों की एजेंसियाँ एक साथ समन्वय कर रही हैं।