2 अगस्त 2026
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मॉस्को में वांटेड प्रेरणा कुमार की तलाश तेज: झारखंड सीआईडी ने सभी जिलों से मांगी रिपोर्ट

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मॉस्को में वांटेड प्रेरणा कुमार की तलाश तेज: झारखंड सीआईडी ने सभी जिलों से मांगी रिपोर्ट

सारांश

मॉस्को में अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी मामले में वांटेड रांची की युवती प्रेरणा कुमार की तलाश में झारखंड सीआईडी ने राज्यभर के जिला पुलिस अधिकारियों को अलर्ट किया है। एनसीबी के इनपुट और इंटरपोल डिफ्यूजन नोटिस के आधार पर यह बहु-एजेंसी अभियान चल रहा है।

मुख्य बातें

प्रेरणा कुमार , रांची निवासी, अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी मामले में मॉस्को में कथित तौर पर वांटेड है।
झारखंड सीआईडी ने 2 अगस्त 2026 को रांची , जमशेदपुर , धनबाद समेत सभी जिलों के एसपी को अलर्ट जारी किया।
कार्रवाई एनसीबी नई दिल्ली के इनपुट और इंटरपोल डिफ्यूजन नोटिस पर आधारित है।
प्रेरणा कुमार 4 जुलाई 2026 को त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे , नेपाल से हवाई मार्ग द्वारा भारत पहुँची थी।
इंटरपोल डिफ्यूजन नोटिस दोष-सिद्धि का दस्तावेज़ नहीं; यह जाँच-सूचना साझा करने की प्रक्रिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल दावों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं ।

अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में रूस की राजधानी मॉस्को में वांटेड भारतीय युवती प्रेरणा कुमार की तलाश झारखंड में तेज हो गई है। केंद्रीय एजेंसियों से प्राप्त इनपुट के अनुसार, प्रेरणा कुमार मूलतः रांची की निवासी है और यह आशंका जताई जा रही है कि वह इन दिनों झारखंड में किसी अज्ञात ठिकाने पर छिपी हो सकती है। झारखंड सीआईडी ने 2 अगस्त 2026 को राज्य के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर उसके वर्तमान ठिकाने का सत्यापन करने और तत्काल रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।

मामले की पृष्ठभूमि

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (एनसीबी), नई दिल्ली से प्राप्त इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई शुरू की गई है। नेपाल स्थित एनसीबी के काठमांडू कार्यालय ने एनसीबी नई दिल्ली और एनसीबी मॉस्को को ई-मेल के ज़रिए सूचित किया था कि भारतीय नागरिक प्रेरणा कुमार 4 जुलाई 2026 को त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, काठमांडू से हवाई मार्ग द्वारा भारत के लिए रवाना हुई थी। इस सूचना के साथ इंटरपोल डिफ्यूजन नोटिस, पासपोर्ट की प्रति और बोर्डिंग पास भी साझा किए गए थे।

इसी इनपुट के आधार पर एनसीबी नई दिल्ली ने झारखंड सीआईडी से रांची स्थित उसके पते का सत्यापन कराने का अनुरोध किया, जिसके बाद सीआईडी ने रांची, जमशेदपुर और धनबाद समेत राज्य के सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट जारी किया।

इंटरपोल डिफ्यूजन नोटिस क्या है

जाँच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई इंटरपोल के डिफ्यूजन नोटिस के तहत की जा रही है। गौरतलब है कि डिफ्यूजन नोटिस किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का दस्तावेज़ नहीं होता — यह सदस्य देशों के बीच जाँच-संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान और संबंधित व्यक्ति का पता लगाने की एक प्रक्रिया है। इस प्रकार, प्रेरणा कुमार को अभी तक किसी अदालत द्वारा दोषी नहीं ठहराया गया है।

सीआईडी के निर्देश

झारखंड सीआईडी के पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि संबंधित महिला किसी जिले में रह रही हो अथवा उसके वर्तमान ठिकाने की कोई भी जानकारी मिले, तो उसका सत्यापन कर तत्काल रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए। इस रिपोर्ट को आगे इंटरपोल और एनसीबी नई दिल्ली को अग्रसारित किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय खुफिया एजेंसियाँ और राज्य पुलिस युवती के संभावित ठिकानों, स्थानीय संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की भी जाँच कर रही हैं। हालाँकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ दावों और वीडियो की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

आगे क्या होगा

पुलिस का कहना है कि सभी सूचनाओं का सत्यापन किया जा रहा है और जाँच जारी है। जिला स्तर पर मिलने वाली रिपोर्टों के आधार पर अगली कार्रवाई तय होगी। यह मामला इस लिहाज़ से महत्वपूर्ण है कि इसमें इंटरपोल, एनसीबी और राज्य पुलिस — तीन स्तरों की एजेंसियाँ एक साथ समन्वय कर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एनसीबी और राज्य पुलिस का एक साथ सक्रिय होना दर्शाता है कि भारत-रूस ड्रग्स नेटवर्क पर केंद्रीय एजेंसियों की पकड़ मज़बूत हो रही है। हालाँकि, डिफ्यूजन नोटिस को दोष-सिद्धि मानने की सोशल मीडिया प्रवृत्ति चिंताजनक है — यह सूचना-साझाकरण का उपकरण है, न्यायिक आदेश नहीं। मीडिया और जनता दोनों को इस बारीक अंतर का ध्यान रखना चाहिए।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रेरणा कुमार कौन है और उसे क्यों खोजा जा रहा है?
प्रेरणा कुमार रांची, झारखंड की निवासी एक भारतीय युवती है, जो कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में मॉस्को स्थित एनसीबी के लिए वांटेड है। इंटरपोल डिफ्यूजन नोटिस जारी होने के बाद एनसीबी नई दिल्ली ने झारखंड सीआईडी से उसके ठिकाने का सत्यापन कराने का अनुरोध किया है।
झारखंड सीआईडी ने क्या कार्रवाई की है?
झारखंड सीआईडी ने 2 अगस्त 2026 को रांची, जमशेदपुर और धनबाद समेत राज्य के सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजा है। इसमें प्रेरणा कुमार के वर्तमान ठिकाने का सत्यापन कर तत्काल रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है, ताकि इसे इंटरपोल और एनसीबी नई दिल्ली को अग्रसारित किया जा सके।
प्रेरणा कुमार भारत कब और कैसे पहुँची?
एनसीबी काठमांडू कार्यालय के अनुसार, प्रेरणा कुमार 4 जुलाई 2026 को नेपाल के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हवाई मार्ग द्वारा भारत के लिए रवाना हुई थी। इस सूचना के साथ इंटरपोल डिफ्यूजन नोटिस, पासपोर्ट की प्रति और बोर्डिंग पास भी साझा किए गए थे।
इंटरपोल डिफ्यूजन नोटिस का क्या मतलब है?
इंटरपोल डिफ्यूजन नोटिस किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का दस्तावेज़ नहीं होता। यह सदस्य देशों के बीच जाँच-संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान और संबंधित व्यक्ति का पता लगाने की प्रक्रिया का हिस्सा है, जो रेड नोटिस से अलग और कम औपचारिक होता है।
क्या सोशल मीडिया पर वायरल दावों की पुष्टि हुई है?
नहीं। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों और वीडियो की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सभी सूचनाओं का सत्यापन किया जा रहा है और जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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