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क्या भारतीय सेना ने मुगुथांग गांव में 10 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया?

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क्या भारतीय सेना ने मुगुथांग गांव में 10 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया?

सारांश

सिक्किम के मुगुथांग गांव में भारतीय सेना ने एक महत्वपूर्ण 10 किलोवाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है, जिससे गांव में बिजली की विश्वसनीयता में सुधार हुआ है। यह पहल जीवंत ग्राम कार्यक्रम के उद्देश्यों को पूरा करती है और स्थानीय समुदाय के जीवन को बेहतर बनाती है।

मुख्य बातें

भारतीय सेना ने मुगुथांग गांव में 10 किलोवाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है।
यह पहल जीवंत ग्राम कार्यक्रम के अनुरूप है।
गांव में बिजली की विश्वसनीयता बढ़ी है।
कठोर सर्दियों में पलायन की आवश्यकता समाप्त हुई है।
स्थानीय समुदाय के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।

सिक्किम, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना ने त्रिशक्ति कोर के अंतर्गत उत्तरी सिक्किम में भारत-चीन सीमा के निकट लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित मुगुथांग गांव में 10 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है।

यह पहल भारत सरकार के जीवंत ग्राम कार्यक्रम के उद्देश्यों के अनुरूप है और इसका मुख्य उद्देश्य दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।

इस सौर ऊर्जा संयंत्र ने गांव के सभी घरों को विश्वसनीय बिजली प्रदान की है, जिससे साल भर निवास संभव हो पाया है। इसके अलावा, रात्रिकालीन सुरक्षा में सुधार हुआ है और कनेक्टिविटी बढ़ी है। यही नहीं, कठोर सर्दियों के महीनों के दौरान मौसमी पलायन की आवश्यकता समाप्त हो गई है।

मुगुथांग एक कम आबादी वाला सीमावर्ती गांव है, जहां दस परिवारों के 32 लोग निवास करते हैं। यह गांव दूरस्थ और प्रतिकूल मौसम वाले क्षेत्र में स्थित है। पहले, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति न होने के कारण, ग्रामीण छोटे निजी सौर पैनलों पर निर्भर थे और उन्हें हर साल लगभग पांच से छह महीने के लिए अपने घर और पशुधन को छोड़कर पलायन करना पड़ता था।

इस कठिनाई को समझते हुए भारतीय सेना के त्रिशक्ति कोर ने स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर काम किया और बुनियादी विद्युतीकरण सुनिश्चित करने के लिए एक स्थायी ऊर्जा समाधान लागू किया। इस परियोजना से जीवन स्तर और समुदाय के समग्र कल्याण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

इस अवसर पर बोलते हुए भारतीय सेना के एक अधिकारी ने कहा, “दूरदराज के सीमावर्ती क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना राष्ट्रीय मजबूती के लिए बेहद जरूरी है। यह सौर ऊर्जा परियोजना मुगुथांग के लोगों को साल भर सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करेगी।”

यह पहल त्रिशक्ति कोर के तहत भारतीय सेना की समावेशी विकास, नागरिक-सैन्य संबंधों को मजबूत करने और सीमावर्ती समुदायों को सहयोग देने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

-- राष्ट्र प्रेस

एमएस/डीकेपी

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सामुदायिक जीवन को भी सशक्त बनाती है। ऐसे प्रयासों से भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता में सुधार होता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुगुथांग गांव का क्या महत्व है?
मुगुथांग गांव उत्तरी सिक्किम में स्थित है और यह भारत-चीन सीमा के निकट है, जो इसे रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाता है।
सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना से गांव के लोगों को क्या लाभ होगा?
सौर ऊर्जा संयंत्र से गांव में बिजली की विश्वसनीयता बढ़ेगी, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा और पलायन की आवश्यकता समाप्त होगी।
इस परियोजना को लागू करने का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य स्थानीय समुदाय के जीवन स्तर को सुधारना और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
राष्ट्र प्रेस
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