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क्या मुख्यमंत्री धामी ने शिव भक्तों पर फूलों की बौछार की?

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क्या मुख्यमंत्री धामी ने शिव भक्तों पर फूलों की बौछार की?

सारांश

हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिवभक्तों का स्वागत करते हुए उन पर पुष्पवर्षा की। कांवड़ यात्रा को उत्सव का पर्व बताते हुए उन्होंने इसे देवभूमि के लिए गौरव का विषय कहा है। गंगा घाट पर पहुंचकर शिवभक्तों के चरण धोने की परंपरा निभाई गई।

मुख्य बातें

कांवड़ यात्रा हरिद्वार में विशेष महत्व रखती है।
मुख्यमंत्री ने शिव भक्तों का स्वागत पुष्पवर्षा से किया।
गंगा घाट पर चरण धोने की परंपरा निभाई गई।
2027 में कुंभ मेला हरिद्वार में होगा।
प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड से विशेष संबंध है।

हरिद्वार, 17 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार का दौरा किया, जहां उन्होंने सावन के पावन अवसर पर कांवड़ियों का स्वागत करते हुए उन पर पुष्पवर्षा की। गंगा घाट पर पहुंचकर उन्होंने शिवभक्तों के चरण धोने की पुरानी परंपरा को भी निभाया। मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा को एक 'उत्सव का पर्व' मानते हुए कहा कि यह देवभूमि उत्तराखंड के लिए एक गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री धामी ने गंगा सभा और भारतीय नदी परिषद के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते हुए गंगा तट पर 251 फीट ऊंचे भगवा ध्वज स्तंभ की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि यह ध्वज स्तंभ गंगा मैया और सनातन परंपरा के सम्मान का प्रतीक बनेगा।

कांवड़ यात्रा पर मुख्यमंत्री ने कहा, "यह हम सभी के लिए उत्सव का पर्व है। देशभर से शिवभक्त गंगाजल लेने हरिद्वार आते हैं। हम देवभूमि पर आने वाले सभी लोगों का स्वागत करते हैं।"

उन्होंने कहा, "कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए सभी प्रकार की व्यवस्था की जाती है। हमारा प्रयास है कि सभी शिवभक्त एक अच्छा अनुभव देवभूमि उत्तराखंड से लेकर जाएं, क्योंकि पूरे देश में शिवभक्तों के लिए कांवड़ यात्रा का केंद्र हरिद्वार और उसके आसपास है। इसलिए हमें विशेष रूप से तैयारियां करनी होती हैं, क्योंकि करोड़ों शिवभक्त आते हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक एक करोड़ से अधिक लोग गंगा जल ले चुके हैं। यह क्रम शिवरात्रि तक जारी रहने वाला है और हम उनका स्वागत करते हैं।

उन्होंने शिवभक्तों से अपील की कि वे अपनी आस्था और श्रद्धा को बनाए रखें। सीएम धामी ने कहा, "हम सब भोलेनाथ के भक्त हैं। भगवान शंकर ने विषपान कर नीलकंठ बने, ताकि संसार की रक्षा हो सके। इसलिए हमें भी छोटी-मोटी कठिनाइयों को भूलकर श्रद्धा के साथ अपनी यात्रा पूरी करनी चाहिए।"

मुख्यमंत्री धामी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं भगवान शिव के बड़े भक्त हैं। उन्होंने बाबा केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण को एक नया रूप दिया है। पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से खास लगाव है। पीएम मोदी स्वयं भोलेनाथ के बड़े भक्त हैं। इसी कारण बाबा केदार की नगरी, जो आपदा में बुरी तरह प्रभावित हो गई थी, उसे सजाने और संवारने का काम बाबा ने अपने परमभक्त और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया था। आज बाबा केदारनाथ धाम भव्य रूप ले रहा है।"

उन्होंने जानकारी दी कि साल 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन प्रस्तावित है। उन्होंने कहा, "हम प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस कुंभ को ऐतिहासिक, भव्य और दिव्य बनाएंगे। हमारी तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक है। यह आयोजन देशभर के शिवभक्तों को एकजुट करता है और उत्तराखंड की पहचान को मजबूती प्रदान करता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांवड़ यात्रा का महत्व क्या है?
कांवड़ यात्रा भारत के शिवभक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जो उन्हें एकजुट करता है और उनकी श्रद्धा को प्रकट करता है।
मुख्यमंत्री धामी ने शिव भक्तों का स्वागत कैसे किया?
मुख्यमंत्री धामी ने शिव भक्तों पर पुष्पवर्षा की और गंगा घाट पर उनकी चरण धोने की परंपरा निभाई।
हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन कब होगा?
हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 में आयोजित होने वाला है।
राष्ट्र प्रेस
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