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बेस्ट कर्मचारियों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी, मुख्यमंत्री से तत्काल वार्ता की मांग

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बेस्ट कर्मचारियों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी, मुख्यमंत्री से तत्काल वार्ता की मांग

सारांश

मुंबई की लाइफलाइन कहे जाने वाले बेस्ट उपक्रम के कर्मचारियों का आंदोलन दूसरे दिन भी नहीं थमा। 2019 से चले आ रहे आश्वासनों से थके कर्मचारी अब BMC विलय, वेतन बकाया और समान वेतन जैसी ठोस माँगों पर अड़े हैं — और मुख्यमंत्री से रात-दिन बैठक की माँग कर रहे हैं।

मुख्य बातें

बेस्ट कर्मचारियों का आंदोलन 20 जून 2026 को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा; 18 जून की मध्यरात्रि से शुरू हुआ है यह प्रदर्शन।
संयुक्त श्रमिक कृती समिति के अनुसार सभी यूनियनों ने एकजुट होकर 100 प्रतिशत भागीदारी की।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के साथ 19 जून को हुई बैठक के कार्यवृत्त में सकारात्मक आश्वासनों का उल्लेख न होने पर विवाद।
प्रमुख माँगों में BMC द्वारा वेतन जिम्मेदारी, 2016-2026 का वेतन बकाया, समान कार्य-समान वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाये का भुगतान शामिल।
कृती समिति ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से तत्काल बैठक बुलाकर लिखित निर्णय लेने की अपील की।

बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) उपक्रम के कर्मचारियों, अधिकारियों और श्रमिकों का आंदोलन 20 जून 2026 को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। संयुक्त श्रमिक कृती समिति के अनुसार, 18 जून की मध्यरात्रि से शुरू हुए इस आंदोलन में सभी यूनियनों ने अपने मतभेद परे रखकर एकजुटता का प्रदर्शन किया है और कर्मचारियों की भागीदारी 100 प्रतिशत रही है। समिति का कहना है कि यह आंदोलन बेस्ट उपक्रम के अस्तित्व और वर्षों से लंबित मांगों के स्थायी समाधान के लिए अनिवार्य हो गया है।

मुंबईवासियों से खेद, मांगें अटल

संयुक्त श्रमिक कृती समिति ने आंदोलन के कारण मुंबई के आम नागरिकों को हो रही असुविधा पर खेद व्यक्त किया। समिति ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य मात्र विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि वर्षों से अनसुली पड़ी माँगों का ठोस और स्थायी निपटारा सुनिश्चित करना है। गौरतलब है कि समिति के अनुसार 2019 से कर्मचारियों को केवल आश्वासन मिलते रहे हैं, किंतु समस्याओं का कोई व्यावहारिक समाधान नहीं निकला।

परिवहन मंत्री से बैठक और विवाद

19 जून को महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की पहल पर कृती समिति के नेताओं के साथ एक बैठक हुई, जिसे समिति ने 'सकारात्मक' बताया। समिति का दावा है कि मंत्री ने कर्मचारियों की माँगों को न्यायसंगत बताते हुए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से चर्चा कर आवश्यक निर्णय लेने का आश्वासन दिया था।

हालाँकि, समिति ने आरोप लगाया कि बेस्ट प्रशासन द्वारा जारी बैठक के कार्यवृत्त (मिनट्स) में इन सकारात्मक बिंदुओं और आश्वासनों का उल्लेख नहीं किया गया। समिति ने कहा कि कथित तौर पर किसी राजनीतिक हस्तक्षेप या दबाव के चलते मंत्री के आश्वासनों को कार्यवृत्त से हटा दिया गया, जिससे आंदोलन समाप्त करने का कोई आधार नहीं बचा।

प्रमुख मांगें

कृती समिति ने सरकार के समक्ष कई महत्त्वपूर्ण माँगें रखी हैं, जिनमें शामिल हैं:

मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा बेस्ट कर्मचारियों के मासिक वेतन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण (लीव एन्कैशमेंट) और अन्य अंतिम भुगतान की जिम्मेदारी लेना अथवा बेस्ट के बजट का BMC में विलय करना। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित एवं भविष्य के बकाये का भुगतान तथा वर्ष 2016 से 2026 की वेतन समझौता अवधि के लिए अंतरिम वेतन वृद्धि और बकाया राशि का निपटारा भी माँगों में शामिल है।

इसके अतिरिक्त, परिवहन विभाग के संविदा व मजदूरी-आधारित कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन, रिक्त पदों पर भर्ती, पदोन्नति, यात्रा भत्ता, प्रोत्साहन बोनस, शैक्षिक सहायता, कोविड भत्ता और अन्य कर्मचारी कल्याण सुविधाएँ उपलब्ध कराने की भी माँग की गई है।

मुख्यमंत्री से तत्काल बैठक की अपील

संयुक्त श्रमिक कृती समिति ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से अपील की है कि वे दिन हो या रात, जल्द से जल्द कृती समिति के साथ बैठक बुलाकर कर्मचारियों की माँगों पर ठोस निर्णय लें। समिति का कहना है कि बेस्ट उपक्रम के भविष्य और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए यह कदम अब अपरिहार्य हो गया है। यह आंदोलन तब तक जारी रहने की संभावना है जब तक सरकार की ओर से लिखित और बाध्यकारी आश्वासन नहीं मिलता।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो कर्मचारियों का अविश्वास स्वाभाविक है। असली सवाल यह है कि बेस्ट को BMC की छत्रछाया में लाने की राजनीतिक इच्छाशक्ति है या नहीं — क्योंकि बिना बजट-विलय के वेतन और बकाये की समस्या का कोई दीर्घकालिक हल संभव नहीं। मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर इस गतिरोध का असर केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं — लाखों आम यात्री हर दिन इसकी कीमत चुका रहे हैं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेस्ट कर्मचारियों का आंदोलन क्यों शुरू हुआ?
बेस्ट कर्मचारियों का आंदोलन वर्षों से लंबित वेतन बकाया, ग्रेच्युटी, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भुगतान और उपक्रम की वित्तीय अनिश्चितता के स्थायी समाधान की माँग को लेकर शुरू हुआ। संयुक्त श्रमिक कृती समिति के अनुसार 2019 से केवल आश्वासन मिलते रहे हैं, किंतु कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बेस्ट कर्मचारियों की प्रमुख माँगें क्या हैं?
प्रमुख माँगों में BMC द्वारा वेतन और अंतिम भुगतान की जिम्मेदारी लेना या बेस्ट बजट का BMC में विलय, 2016-2026 की वेतन समझौता अवधि का बकाया, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाये का भुगतान, संविदा कर्मचारियों को समान वेतन और रिक्त पदों पर भर्ती शामिल हैं।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की बैठक का क्या हुआ?
19 जून को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की पहल पर कृती समिति के साथ बैठक हुई, जिसमें मंत्री ने माँगों को न्यायसंगत बताते हुए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से चर्चा का आश्वासन दिया। हालाँकि, समिति का आरोप है कि बेस्ट प्रशासन द्वारा जारी कार्यवृत्त में इन आश्वासनों का उल्लेख नहीं किया गया।
आंदोलन से मुंबई की परिवहन सेवा पर क्या असर पड़ा?
आंदोलन के कारण मुंबई में बेस्ट की बस सेवाएँ प्रभावित हुई हैं और आम यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कृती समिति ने मुंबईवासियों से खेद व्यक्त करते हुए कहा कि स्थायी समाधान के बिना आंदोलन वापस लेना संभव नहीं।
आगे क्या हो सकता है — क्या आंदोलन समाप्त होगा?
संयुक्त श्रमिक कृती समिति ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से तत्काल बैठक बुलाकर लिखित और बाध्यकारी निर्णय लेने की माँग की है। जब तक सरकार की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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