30 जून 2026
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मुंबई बिजली संकट: विधानसभा में हंगामा, स्पीकर नार्वेकर ने बीईएसटी को लगाई कड़ी फटकार

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मुंबई बिजली संकट: विधानसभा में हंगामा, स्पीकर नार्वेकर ने बीईएसटी को लगाई कड़ी फटकार

सारांश

दक्षिण और मध्य मुंबई में 8 से 12 घंटे की बिजली कटौती ने महाराष्ट्र विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष को एक मंच पर ला दिया। स्पीकर नार्वेकर ने बीईएसटी को कड़ी फटकार लगाते हुए आपातकालीन बैठक बुलाई और समय-सीमाबद्ध रोडमैप माँगा।

मुख्य बातें

30 जून 2026 को दक्षिण और मध्य मुंबई में 8 से 12 घंटे तक बार-बार बिजली गुल होने पर महाराष्ट्र विधानसभा में हंगामा हुआ।
विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने बीईएसटी प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई और आपातकालीन संयुक्त बैठक बुलाई।
कांग्रेस विधायक अमीन पटेल और BJP विधायक कैप्टन आर.
तमिल सेल्वन ने संयुक्त 'ध्यान आकर्षण प्रस्ताव' लाया।
समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख बिजली ट्रिपिंग के बाद ढाई घंटे से अधिक लिफ्ट में फंसे रहे।
शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसल ने माना कि भारी बिजली लोड के कारण बड़े पैमाने पर ट्रिपिंग हुई; नेटवर्क अपग्रेड की बात कही।
बीईएसटी को तकनीकी खराबियों, कॉल सेंटर रिस्पॉन्स टाइम और भविष्य की योजना पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश।

महाराष्ट्र विधानसभा में 30 जून 2026 को उस वक्त जबरदस्त सियासी हंगामा हुआ जब दक्षिण और मध्य मुंबई में 8 से 12 घंटे तक बार-बार बिजली गुल होने का मुद्दा सदन में गूंजा। सत्ता पक्ष और विपक्ष — दोनों के विधायकों ने एकजुट होकर बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बीईएसटी) की विफलताओं पर सरकार को घेरा।

सदन में क्या हुआ

विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए तत्काल कदम उठाया। उन्होंने बीईएसटी प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि बिजली नेटवर्क में बार-बार आने वाली खराबी भारत की वाणिज्यिक और वित्तीय राजधानी के रूप में मुंबई की साख को गंभीर नुकसान पहुँचाती है। नार्वेकर ने स्पष्ट किया कि क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल वार्मिंग के कारण बढ़ते थर्मल स्ट्रेस से निपटने के लिए बीईएसटी को अपना बुनियादी ढाँचा पहले ही अपग्रेड कर लेना चाहिए था।

स्पीकर ने बीईएसटी अधिकारियों को तकनीकी खराबियों को दूर करने के लिए उठाए गए कदमों और कॉल सेंटर के रिस्पॉन्स टाइम पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने भविष्य में बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए एक ठोस रोडमैप पेश करने को कहा।

आपातकालीन बैठक का आदेश

नार्वेकर ने विधान भवन में एक आपातकालीन संयुक्त बैठक बुलाई, जिसमें शहर के निर्वाचित प्रतिनिधि, बीईएसटी के जनरल मैनेजर, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी) कमिश्नर, वरिष्ठ अधिकारी और राज्य सरकार के प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रशासन को ग्रिड दुरुस्त करने के लिए एक विस्तृत, समय-सीमाबद्ध रोडमैप प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।

विधायकों की तीखी आलोचना

यह हंगामा कांग्रेस विधायक अमीन पटेल (मुंबादेवी) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक कैप्टन आर. तमिल सेल्वन (सायन कोलीवाड़ा) द्वारा संयुक्त रूप से लाए गए 'ध्यान आकर्षण प्रस्ताव' पर बहस के दौरान भड़का।

सेल्वन ने कहा कि बिना पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति ठप होने से आम नागरिकों और छोटे कारोबारियों को भारी आर्थिक और शारीरिक कष्ट हो रहा है। पटेल ने बीईएसटी के शीर्ष प्रबंधन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली कटौती के दौरान न तो जनरल मैनेजर और न ही वरिष्ठ इंजीनियर जनप्रतिनिधियों के फोन का जवाब देते हैं।

पटेल ने यह भी बताया कि बीईएसटी गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है, जिसके चलते वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए आवश्यक फंड की भारी कमी है। उन्होंने पुरानी भूमिगत केबलों में खराबी पकड़ने और उन्हें ठीक करने में होने वाली व्यवस्थागत देरी की कड़ी आलोचना की। पटेल ने माँग की कि बीईएसटी तत्काल मोबाइल जनरेटर यूनिट्स की एक फ्लीट तैनात करे और खराबी का तेज़ पता लगाने के लिए एडवांस्ड फॉल्ट-फाइंडिंग तकनीक अपनाए।

संकट की गंभीरता को रेखांकित करते हुए पटेल ने सदन को बताया कि अचानक बिजली ट्रिप होने की एक घटना के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ढाई घंटे से अधिक समय तक लिफ्ट में फंसे रहे।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य सरकार की ओर से जवाब देते हुए शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसल ने माना कि बिजली लोड में भारी वृद्धि के कारण बड़े पैमाने पर ट्रिपिंग और आपूर्ति में रुकावटें आईं। मिसल ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार ने विधायकों की नाराज़गी को गंभीरता से लिया है और बीईएसटी वितरण नेटवर्क को अपग्रेड व आधुनिक बनाने के लिए उच्च प्राथमिकता वाले उपाय लागू कर रहा है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मुंबई की बिजली व्यवस्था विधानसभा में सवालों के घेरे में आई हो। बीईएसटी का वित्तीय संकट और पुराना पड़ता बुनियादी ढाँचा लंबे समय से चिंता का विषय रहे हैं। आपातकालीन बैठक के नतीजे और बीईएसटी का समय-सीमाबद्ध रोडमैप यह तय करेगा कि इस बार सियासी दबाव ज़मीनी बदलाव में तब्दील होता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी हर गर्मी में यही दृश्य दोहराया जाता है। असली सवाल यह है कि विधानसभा में हंगामे और स्पीकर की फटकार के बाद क्या इस बार कोई ठोस, जवाबदेह रोडमैप सामने आएगा — या यह भी पिछली आपातकालीन बैठकों की तरह कागज़ों तक सिमट जाएगा। बीईएसटी की वित्तीय दुर्दशा को दूर किए बिना नेटवर्क अपग्रेड की बात खोखली है; और जब तक फंडिंग का स्थायी समाधान नहीं होता, हर मानसून और गर्मी में यही संकट नए रूप में लौटेगा।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई में बिजली संकट क्यों हुआ?
दक्षिण और मध्य मुंबई में बिजली लोड में भारी वृद्धि के कारण बड़े पैमाने पर ट्रिपिंग और आपूर्ति में रुकावटें आईं। शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसल ने इसे स्वीकार किया और बताया कि क्लाइमेट चेंज से बढ़ते थर्मल स्ट्रेस के लिए बीईएसटी का पुराना बुनियादी ढाँचा तैयार नहीं था।
विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने बीईएसटी को क्या निर्देश दिए?
स्पीकर नार्वेकर ने बीईएसटी प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए तकनीकी खराबियों पर रिपोर्ट, कॉल सेंटर रिस्पॉन्स टाइम का ब्यौरा और भविष्य में बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए एक ठोस रोडमैप पेश करने का निर्देश दिया। उन्होंने बीएमसी कमिश्नर, बीईएसटी जनरल मैनेजर और राज्य सरकार के अधिकारियों की आपातकालीन संयुक्त बैठक भी बुलाई।
बीईएसटी पर किन विधायकों ने सवाल उठाए?
कांग्रेस विधायक अमीन पटेल (मुंबादेवी) और BJP विधायक कैप्टन आर. तमिल सेल्वन (सायन कोलीवाड़ा) ने संयुक्त 'ध्यान आकर्षण प्रस्ताव' लाया। पटेल ने बीईएसटी की वित्तीय दुर्दशा और वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपलब्धता की आलोचना की, जबकि सेल्वन ने आम नागरिकों और छोटे व्यापारियों को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया।
बीईएसटी के वित्तीय संकट का बिजली आपूर्ति पर क्या असर है?
कांग्रेस विधायक अमीन पटेल के अनुसार बीईएसटी गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है, जिससे वितरण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए जरूरी फंड की भारी कमी हो गई है। इसके चलते पुरानी भूमिगत केबलों की समय पर मरम्मत नहीं हो पाती और खराबी पकड़ने में व्यवस्थागत देरी होती है।
आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?
विधान भवन में बुलाई गई आपातकालीन बैठक में प्रशासन को ग्रिड सुधार के लिए समय-सीमाबद्ध रोडमैप पेश करना होगा। साथ ही सरकार ने नेटवर्क अपग्रेड के लिए उच्च प्राथमिकता वाले उपाय लागू करने का आश्वासन दिया है, हालाँकि ठोस समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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