क्या मुंबई में 'चमत्कारी बाल' दिखाकर 10 लाख के सोने की ठगी हुई?

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क्या मुंबई में 'चमत्कारी बाल' दिखाकर 10 लाख के सोने की ठगी हुई?

सारांश

मुंबई में एक युवक पर धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर 10 लाख के सोने की ठगी का आरोप। मोहसिन अली ने खुद को मोहम्मद पैगंबर का वंशज बताकर महिलाओं से ठगी की। यह मामला माहिम पुलिस ने दर्ज किया है, जिसमें आरोपी की जांच जारी है। जानिए इस चौंकाने वाली घटना के बारे में।

मुख्य बातें

धार्मिक आस्था का फायदा उठाने वाले ठगों से सतर्क रहें।
सच्चाई की जांच करना महत्वपूर्ण है।
सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
पुलिस कार्रवाई से अवगत रहें।
ठगी के मामलों की रिपोर्ट करना जरूरी है।

मुंबई, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई की माहिम पुलिस ने एक चौंकाने वाला मामला दर्ज किया है, जिसमें 31 वर्षीय मोहसिन अली अब्दुल सत्तार कादरी नामक युवक पर धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर लाखों रुपए का सोना ठगने का आरोप है। मोहसिन पर आरोप है कि उसने खुद को मोहम्मद पैगंबर का वंशज बताकर महिलाओं से लगभग 10.15 लाख रुपए के सोने की ठगी की है।

एफआईआर के मुताबिक शिकायतकर्ता अंसार अहमद और उनके भाई इसरार अहमद की मुलाकात आरोपी मोहसिन अली से वर्ष 2022 में डोंगरी स्थित हाजी अब्दुल रहमान शाह दरगाह पर हुई थी। वहीं, मोहसिन ने खुद को पैगंबर का वंशज बताया और दावा किया कि उसके पास मोहम्मद पैगंबर के सिर के बाल हैं, जो एक कांच की डिब्बी में सुरक्षित है। शिकायतकर्ता का भाई इसरार मोहसिन के संपर्क में आ गया और बातचीत बढ़ती गई।

सितंबर 2022 में शिकायतकर्ता के घर ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर एक धार्मिक प्रोग्राम रखा गया था। इसी कार्यक्रम में इसरार, मोहसिन को घर ले आया। आरोपी एक कांच के डिब्बे में 'बाल' लेकर आया और घरवालों के सामने धार्मिक तरीके से दुआ की। उसने वह डिब्बी एक लकड़ी के कपाट (अलमारी) में रखकर लॉक कर दी और कहा, "कोई कपाट खोलेगा तो केस राख हो जाएगा। इसे सिर्फ मैं ही संभाल सकता हूं।"

इसके बाद वह बार-बार घर आता रहा और उसी कमरे में जाकर दुआ करता रहा।

यहीं से सोने की ठगी की शुरुआत हुई। जब दोनों पुरुष (अंसार और इसरार) घर पर नहीं रहते थे, तब मोहसिन घर आता और उनकी पत्नियों से कहता कि पैगंबर के बाल के पास सोना रखने से घर में तरक्की होगी, बरकत होगी, और सोने में भी बढ़ोतरी होगी।

एफआईआर के अनुसार धार्मिक भावनाओं में आकर दोनों महिलाओं ने 145 ग्राम सोना कपाट में रखने के लिए आरोपी को सौंप दिया। मोहसिन ने न केवल दुआ की, बल्कि कपाट को बंद कर कहा कि अगर उन्होंने इस बारे में घर के मर्दों को बताया तो बड़ा नुकसान और संकट आ जाएगा।

इस दौरान महिलाओं को आरोपी पर शक होने लगा, क्योंकि वह बार-बार कमरे में जाकर कपाट खोलता था। 22 नवंबर को जब अंसार और उनका भाई घर पहुंचे तो दोनों ने मोहसिन पर दबाव डालकर कपाट खुलवाया। कपाट में कांच का डिब्बा और 'बाल' तो मिला, लेकिन 145 ग्राम सोना नहीं मिला।

जब उससे पूछा गया तो उसने कहा कि मुझे पैसों की जरूरत पड़ गई थी, इसलिए सोना गिरवी रख दिया है, जल्द लौटा दूंगा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मोहसिन ने जानबूझकर धार्मिक विश्वास का फायदा उठाकर उनका 10 लाख से ज्यादा कीमत का सोना हड़प लिया।

माहिम पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर आरोपी मोहसिन अली के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे कुछ लोग धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाकर दूसरों को ठगने में सफल हो जाते हैं। समाज में ऐसे घटनाओं से न सिर्फ लोगों का विश्वास उठता है, बल्कि यह एक गंभीर समस्या भी बन जाती है। हमें सतर्क रहने और ऐसे मामलों को उजागर करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मोहसिन अली ने सच में पैगंबर के बाल दिखाए?
आरोपी ने दावा किया कि उसके पास मोहम्मद पैगंबर के सिर के बाल हैं, लेकिन पुलिस जांच में इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है।
पीड़ितों ने कैसे ठगी का शिकार बने?
पीड़ितों ने मोहसिन के धार्मिक दावों पर विश्वास करके उसे सोना सौंप दिया था।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
माहिम पुलिस ने मोहसिन अली के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
क्या आरोपी को गिरफ्तार किया गया है?
अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
इस घटना से क्या सबक मिलता है?
हमें धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए, लेकिन साथ ही सतर्क रहना चाहिए ताकि ठगी का शिकार न हों।
राष्ट्र प्रेस
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