कतर ने ईरानी हमले के बाद राजनयिकों को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित किया

Click to start listening
कतर ने ईरानी हमले के बाद राजनयिकों को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित किया

सारांश

कतर ने रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए ईरानी हमले की कड़ी निंदा की और ईरानी राजनयिकों को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित कर दिया। यह कदम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन बताकर उठाया गया। जानें इस मामले के बारे में और क्या कदम उठाए गए हैं।

Key Takeaways

  • कतर ने ईरानी हमले की कड़ी निंदा की है।
  • ईरानी राजनयिकों को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित किया गया।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन हुआ है।
  • कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की अपील की है।
  • कतर ने अपनी सुरक्षा नीति को दोहराया है।

दोहा, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कतर ने गुरुवार को रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए ईरानी हमले की कड़ी निंदा की। कतर का कहना है कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन है। इस घटना के बाद, ईरानी दूतावास के सैन्य अटैशे और सुरक्षा अटैशे के साथ-साथ उनके ऑफिस के स्टाफ को भी 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित किया गया और उन्हें 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया।

जब किसी देश द्वारा किसी विदेशी राजनयिक को स्वीकार नहीं किया जाता या उसे निकाला जाता है, तो उसे पर्सोना नॉन ग्राटा कहा जाता है।

कतर ने एक आधिकारिक बयान में इस हमले को अपनी आजादी का खुला उल्लंघन और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा क्षेत्र की स्थिरता के लिए एक सीधे खतरे के रूप में बताया।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि कतर इस संघर्ष से दूर रहने की नीति पर कायम है। तनाव बढ़ने से बचने के बावजूद, ईरान ने कतर और उसके पड़ोसी देशों को निशाना बनाना जारी रखा है। यह एक गैर-जिम्मेदाराना तरीका है जो क्षेत्र की सुरक्षा को कमजोर करता है और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा है।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि कतर ने हमेशा कहा है कि क्षेत्र के संसाधनों की रक्षा के लिए ईरान के अंदर नागरिक और ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाने से बचना चाहिए।

हालांकि, कतर ने यह भी बताया कि ईरान की बढ़ती नीतियां इलाके को खतरे में डाल रही हैं और उन देशों को भी संघर्ष में शामिल कर सकती हैं जो संकट में सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं।

कतर ने कहा कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन है और उसने यूएन से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की जिम्मेदारियों को निभाने और ऐसे गंभीर उल्लंघनों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कतर के पास यूनाइटेड नेशंस चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत जवाब देने का अधिकार है, जो आत्म-रक्षा के अधिकार की गारंटी देता है। कतर ने अपने नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का संकल्प व्यक्त किया।

यह निर्णय विदेश मंत्रालय में प्रोटोकॉल डायरेक्टर इब्राहिम यूसुफ फखरो और कतर में ईरान के राजदूत अली सालेहाबादी के बीच हुई बैठक के दौरान एक आधिकारिक नोट के माध्यम से साझा किया गया।

मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला ईरान द्वारा कतर पर बार-बार हमले करने के जवाब में लिया गया है, जिसने कतर की संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन किया है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या (2817) और अच्छे पड़ोसी के सिद्धांतों का उल्लंघन है।

अपने रुख को दोहराते हुए मंत्रालय ने कहा कि कतर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार रखता है।

Point of View

बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति कतर की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

पर्सोना नॉन ग्राटा का क्या मतलब है?
पर्सोना नॉन ग्राटा का मतलब है कि किसी विदेशी राजनयिक को उस देश में स्वीकार नहीं किया जाता और उसे देश छोड़ने के लिए कहा जाता है।
कतर ने ईरानी हमले की क्यों निंदा की?
कतर ने ईरानी हमले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन मानते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
कतर ने ईरानी राजनयिकों को क्यों निकाला?
कतर ने ईरानी राजनयिकों को उनके देश पर हमले के कारण 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित किया और उन्हें 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया।
क्या कतर ने इस हमले के खिलाफ कोई कार्रवाई की है?
हाँ, कतर ने इस हमले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई करने की अपील की है।
कतर की सुरक्षा नीति क्या है?
कतर ने हमेशा से संघर्षों से खुद को दूर रखने और क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने की नीति अपनाई है।
Nation Press