कतर ने रास लफ्फान औद्योगिक क्षेत्र पर मिसाइल हमलों से हुए नुकसान का खुलासा किया
सारांश
Key Takeaways
- कतर पर ईरान के मिसाइल हमले से एलएनजी निर्यात क्षमता में 17 प्रतिशत की कमी आई।
- कतर को वार्षिक 20 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है।
- मिसाइल हमलों से उत्पादन केंद्रों को तीन से पांच वर्ष में मरम्मत की आवश्यकता होगी।
- इन हमलों में कोई भी घायल नहीं हुआ है।
- यह हमला वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है।
नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कतर ने ईरान द्वारा रास लफ्फान औद्योगिक शहर पर किए गए हमले से हुए नुकसान की जानकारी साझा की है। कतर के मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने बताया कि इन मिसाइल हमलों के कारण कतर की एलएनजी निर्यात क्षमता में 17 प्रतिशत की कमी आई है और वार्षिक राजस्व में लगभग 20 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।
अल-काबी ने कहा कि हमारे उत्पादन केंद्र को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिसकी मरम्मत में पांच साल लग सकते हैं, इसके चलते हमें दीर्घकालिक फोर्स मेज्योर घोषित करने की आवश्यकता होगी।
कतर एनर्जी का अनुमान है कि 18 मार्च 2026 और 19 मार्च 2026 को हुए हमलों के कारण रास लफ्फान औद्योगिक शहर को हुए नुकसान से सालाना लगभग 20 अरब डॉलर का राजस्व नुक्सान होगा और मरम्मत में पांच साल लगेंगे, जिससे यूरोप और एशिया के बाजारों में आपूर्ति पर असर पड़ेगा।
रास लफ्फान औद्योगिक शहर में उत्पादन केंद्रों को हुए नुकसान की जानकारी देते हुए, राज्य मंत्री, कतर एनर्जी के अध्यक्ष और सीईओ, साद शेरिदा अल-काबी ने यह भी कहा कि मुझे यह जानकर राहत मिली है कि इन बेतुके और संवेदनहीन हमलों में कोई घायल नहीं हुआ। ये हमले न केवल कतर पर बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता पर भी प्रभाव डालते हैं।
इन हमलों के कारण द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) उत्पादन करने वाली छह ट्रेनें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 12.8 मिलियन टन प्रति वर्ष है, जो कतर के निर्यात का लगभग 17 प्रतिशत है। ट्रेन 4 कतर एनर्जी और एक्सॉनमोबिल का संयुक्त उद्यम है, जबकि ट्रेन 6 भी इसी प्रकार का एक संयुक्त उद्यम है।
अल-काबी ने कहा कि एलएनजी संयंत्रों की मरम्मत में तीन से पांच वर्ष लगेंगे, जिसका असर चीन, दक्षिण कोरिया, इटली और बेल्जियम पर पड़ेगा। इसका मतलब है कि हमें कुछ दीर्घकालिक एलएनजी अनुबंधों पर फोर्स मेज्योर घोषित करना पड़ेगा।
हमलों में शेल द्वारा संचालित पर्ल जीटीएल संयंत्र को भी नुकसान पहुंचा है, जो प्राकृतिक गैस को उच्च गुणवत्ता वाले स्वच्छ ईंधन में परिवर्तित करता है।
अल-काबी ने बताया कि पर्ल जीटीएल के दो संयंत्रों में से एक को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और इसकी पुनः शुरुआत में कम से कम एक वर्ष का समय लगेगा।
कतर ने बताया कि 18.6 मिलियन बैरल कंडेनसेट की हानि होगी, जो कतर के निर्यात का लगभग 24 प्रतिशत है। इसके अलावा, 1.281 मीट्रिक टन एलपीजी की हानि होगी, जो कतर के निर्यात का लगभग 13 प्रतिशत है।
ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री, कतर एनर्जी के अध्यक्ष और सीईओ ने कतर की सैन्य और सुरक्षा बलों तथा ऊर्जा क्षेत्र की आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों की प्रशंसा की, जिनकी साहसिकता और व्यावसायिकता ने स्थिति को शीघ्र और सुरक्षित रूप से नियंत्रित किया।