26 जून 2026
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ईरान युद्ध के चलते गेल को कतर से एलएनजी की आपूर्ति रुकने से भारत में गैस संकट की आशंका

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ईरान युद्ध के चलते गेल को कतर से एलएनजी की आपूर्ति रुकने से भारत में गैस संकट की आशंका

सारांश

भारत की गैस सप्लाई पर इजरायल-अमेरिका-ईरान युद्ध का गहरा असर, गेल ने कतर से एलएनजी सप्लाई रोकने की पुष्टि की। क्या इस स्थिति से भारत में गैस की कमी होगी?

मुख्य बातें

कतर से एलएनजी सप्लाई बंद होने से भारत की गैस आपूर्ति पर असर होगा।
गेल ने ग्राहकों को गैस सप्लाई में कटौती की चेतावनी दी है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री नेविगेशन में बाधाएं हैं।
कंपनी अन्य स्रोतों से सप्लाई को सुरक्षित रखे हुए है।
मध्य पूर्व में तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा।

नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का प्रभाव अब भारत की गैस आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है। सरकारी गैस कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड ने जानकारी दी है कि कतर से मिलने वाली तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति फिलहाल पूरी तरह से बंद हो गई है। कंपनी ने चेतावनी दी है कि यदि हालात इसी प्रकार बने रहे, तो डाउनस्ट्रीम ग्राहकों को गैस की आपूर्ति में कटौती करने की आवश्यकता हो सकती है।

कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसके दीर्घकालिक सप्लायर पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड (पीएलएल) ने 3 मार्च को फोर्स मेजर नोटिस जारी किया है। यह कदम इस कारण उठाया गया क्योंकि कतर और भारत के बीच एलएनजी जहाजों के आवागमन में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री नेविगेशन प्रतिबंधों के कारण बाधाएं आ रही हैं। इसके अलावा, कतर के रास लाफान में स्थित एलएनजी लिक्विफिकेशन प्लांट भी बंद कर दिया गया है।

फाइलिंग के अनुसार, पेट्रोनेट के अपस्ट्रीम सप्लायर कतर एनर्जी ने भी क्षेत्र में हालिया सैन्य टकराव के कारण संभावित फोर्स मेजर की स्थिति की जानकारी दी है। इसी वजह से पेट्रोनेट द्वारा गेल को दिए जाने वाले एलएनजी कोटे को 4 मार्च 2026 से शून्य कर दिया गया है।

गेल ने कहा है कि वह इस स्थिति का आकलन कर रही है और यदि आवश्यक हुआ, तो अपने ग्राहकों को गैस सप्लाई में कटौती करने का फैसला ले सकती है। हालांकि, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य स्रोतों से मिलने वाली एलएनजी सप्लाई वर्तमान में प्रभावित नहीं हुई है। कंपनी लगातार हालात पर ध्यान रखे हुए है और किसी भी बड़े अपडेट की जानकारी शेयर बाजार को देती रहेगी।

भारत में गेल लगभग 11,400 किलोमीटर लंबे प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क का संचालन करती है और देश में गैस ट्रांसमिशन के क्षेत्र में लगभग 75 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी रखती है। यह नेटवर्क कई गैस स्रोतों को बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं और अन्य ग्राहकों से जोड़ता है।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी हलचल देखी जा रही है। एशिया में स्पॉट एलएनजी की कीमतें तीन साल के उच्च स्तर के करीब पहुँचने के बाद गुरुवार को थोड़ी नरम हुई हैं। व्यापारियों के अनुसार, एशिया में स्पॉट एलएनजी की कीमत लगभग 23.80 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट तक गिर गई है, जो पिछले सप्ताह की तुलना में अभी भी दोगुनी से अधिक है।

ऊर्जा बाजार में यह उछाल उस समय आया जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हवाई हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इससे क्षेत्र में तेल और गैस सप्लाई को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।

बाजार को सबसे ज्यादा चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इसी रास्ते से मध्य पूर्व से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई दुनिया भर में होती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कतर के रास लाफान एलएनजी प्लांट (दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी निर्यात प्लांट) पर भी परिचालन रोक दिया गया है। इसके अलावा, कुछ एलएनजी टैंकरों ने यूरोप की बजाय एशिया की ओर अपना रास्ता बदल लिया है, जिससे सप्लाई के लिए प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव लंबे समय तक जारी रहा तो वैश्विक ऊर्जा बाजार और भी अस्थिर हो सकता है, जिसका असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर भी पड़ सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यों कतर से एलएनजी की आपूर्ति बंद हुई?
कतर से एलएनजी की आपूर्ति बंद होने का कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री नेविगेशन में बाधाएं और हालिया सैन्य टकराव बताया गया है।
गेल ने इस स्थिति पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
गेल ने कहा है कि वे स्थिति का आकलन कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर ग्राहकों को गैस सप्लाई में कटौती कर सकती हैं।
भारत में गैस की आपूर्ति पर क्या असर पड़ेगा?
यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो डाउनस्ट्रीम ग्राहकों को गैस की आपूर्ति में कटौती करनी पड़ सकती है।
क्या अन्य स्रोतों से एलएनजी सप्लाई प्रभावित हुई है?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अन्य स्रोतों से मिलने वाली एलएनजी सप्लाई वर्तमान में प्रभावित नहीं हुई है।
क्या वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका प्रभाव पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता रहा, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार और भी अस्थिर हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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