मुंबई के ताज होटल को बम से उड़ाने की धमकी, तलाशी में कुछ नहीं मिला; कॉल करने वाले की पहचान
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के ऐतिहासिक ताज होटल को 12 जुलाई 2025 की देर रात बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मुंबई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ तत्काल हरकत में आ गईं। घंटों चले सघन तलाशी अभियान के बाद होटल परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला और शुरुआती जाँच में यह धमकी फर्जी पाई गई।
धमकी का विवरण और सूचना तंत्र
शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 12:13 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने नवी मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर दावा किया कि दाऊद ने ताज होटल में बम रखा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए नवी मुंबई पुलिस ने तुरंत यह जानकारी मुंबई पुलिस के मुख्य कंट्रोल रूम को प्रेषित की।
यह ऐसे समय में आया है जब देश के प्रमुख प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने वाली फर्जी बम धमकियों की घटनाएँ पिछले कुछ महीनों में बढ़ी हैं। ताज होटल, जो 2008 के मुंबई आतंकी हमले का प्रमुख निशाना रहा था, सुरक्षा एजेंसियों के लिए हमेशा संवेदनशील स्थल माना जाता है।
सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई
अलर्ट मिलते ही कोलाबा पुलिस, क्राइम ब्रांच और बम खोजी एवं निष्क्रियकरण दस्ते (BDDS) की टीमें तत्काल ताज होटल पहुँचीं। सुरक्षाकर्मियों ने होटल की मुख्य लॉबी, स्विमिंग पूल, विभिन्न हॉल, रेस्तरां, पार्किंग क्षेत्र, बाहरी परिसर और अन्य संवेदनशील स्थानों की बारीकी से तलाशी ली।
गहन सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस को परिसर में कोई भी संदिग्ध सामान या विस्फोटक नहीं मिला। इसके आधार पर पुलिस ने शुरुआती जाँच में इस धमकी को फर्जी करार दिया।
तकनीकी जाँच और संदिग्ध की पहचान
मुंबई पुलिस के अनुसार, तकनीकी जाँच में पता चला है कि धमकी भरा कॉल नवी मुंबई के तुर्भे इलाके से किया गया था। पुलिस ने कॉल करने वाले के मोबाइल नंबर के आधार पर उसकी पहचान कर ली है और उसे गिरफ्तार करने के लिए तलाश शुरू कर दी गई है। तुर्भे पुलिस की भी इस अभियान में मदद ली जा रही है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी ने ताज होटल को निशाना बनाते हुए फर्जी धमकी दी हो। ऐसे मामलों में आरोपियों पर सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने और झूठी सूचना फैलाने के तहत कानूनी कार्रवाई होती है।
पुलिस का रुख और आगे की कार्रवाई
मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की धमकी को गंभीरता से लिया जाता है और तत्काल सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाती है। कॉल करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जाँच जारी है और संदिग्ध की गिरफ्तारी जल्द होने की संभावना है।