मुजफ्फरपुर में दो बसों की भीषण टक्कर: ड्राइवर की मौत, 50 यात्री घायल; NH-22 पर जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में 2 सितंबर 2026 को मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी नेशनल हाईवे (NH-22) पर दो यात्री बसों के बीच भीषण आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिसमें एक बस चालक की मौत हो गई और लगभग 50 यात्री घायल हो गए। यह दुर्घटना दोपहर करीब 3 बजे औराई पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत बेदौल/गोपालपुर के समीप हुई।
हादसे का घटनाक्रम
औराई थाने के इंचार्ज सुशील कुमार के अनुसार, 'गिरजा बस' और 'सनोवर बस' के बीच तेज रफ्तार में आमने-सामने की जबरदस्त टक्कर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के समय दोनों बसें तीव्र गति से चल रही थीं। टक्कर इतनी भीषण थी कि गिरजा बस का चालक गाड़ी के अंदर ही बुरी तरह फंस गया।
पुलिस मौके पर पहुँची और स्थानीय लोगों की सहायता से कटिंग मशीन का उपयोग करके बस का कुछ हिस्सा काटकर फंसे हुए चालक को बाहर निकाला गया। हालाँकि, तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
मृतक की पहचान
मृत बस चालक की पहचान सीतामढ़ी निवासी सुजीत कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH), मुजफ्फरपुर भेज दिया है।
घायलों की स्थिति और राहत कार्य
दोनों बसों में सवार करीब 50 यात्री इस हादसे में घायल हुए। रिपोर्टों के अनुसार, आधे दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें आगे के इलाज के लिए SKMCH रेफर किया गया है। शेष घायलों का उपचार आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में किया गया और बताया गया है कि उनकी हालत खतरे से बाहर है।
टक्कर के तत्काल बाद यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुँचे और क्षतिग्रस्त बसों में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यातायात पर असर
इस हादसे के कारण NH-22 पर लंबे समय तक भारी जाम लगा रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। औराई थाने की पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रण में किया और क्षतिग्रस्त बसों को सड़क से हटवाने के बाद यातायात को पुनः सुचारू कराया।
जांच की दिशा
पुलिस ने हादसे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, जाँच के तहत दोनों बसों की रफ्तार और अन्य तकनीकी पहलुओं का विश्लेषण किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क हादसों की संख्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। आगे की कार्रवाई जाँच के नतीजों पर निर्भर करेगी।