गाजीपुर सड़क हादसा: तेज रफ्तार बस ने बाइक सवार परिवार को रौंदा, दो महीने की शेजल समेत तीन की मौत
सारांश
मुख्य बातें
गाजीपुर जिले के सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के शरीफपुर हाईवे अंडरपास के नीचे रविवार, 7 जून को एक तेज रफ्तार यात्री बस ने बाइक सवार परिवार को टक्कर मारकर कुचल दिया, जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई — इनमें दो महीने की मासूम बच्ची शेजल भी शामिल थी। हादसे में बाइक चालक प्रतीक गिरि और उनकी एक वर्षीय बेटी श्रेया घायल हैं।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
मिर्जापुर जिले के अदलहाट थाना क्षेत्र के शाहपुर गाँव निवासी प्रतीक गिरि अपनी पत्नी काजल गिरि, दो महीने की बेटी शेजल, एक वर्षीय बेटी श्रेया और भाभी रितु देवी के साथ आजमगढ़ से अपने घर लौट रहे थे। पाँचों एक ही बाइक पर सवार थे।
परिवार जैसे ही शरीफपुर हाईवे अंडरपास के नीचे पहुँचा, पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार यात्री बस ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की रफ्तार इतनी अधिक थी कि बस चालक वाहन को नियंत्रित नहीं कर सका और सड़क पर गिरी काजल गिरि व रितु देवी को कुचलते हुए आगे बढ़ गया। काजल की गोद में मौजूद दो महीने की शेजल की भी इसी दौरान मौके पर मृत्यु हो गई।
घायलों का उपचार और पुलिस कार्रवाई
हादसे में घायल प्रतीक गिरि और उनकी एक वर्षीय बेटी श्रेया को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सैदपुर में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घेराबंदी कर बस को सैदपुर कोतवाली के पास रोक लिया। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर चालक को हिरासत में ले लिया है।
एसपी सिटी राकेश कुमार मिश्रा ने पुष्टि की कि बस की चपेट में आने से दो महिलाओं और दो महीने की बच्ची की मृत्यु हुई है। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बताया जा रहा है कि मृतक रितु देवी की कोई संतान नहीं थी। हादसे की खबर मिलते ही परिवार और रिश्तेदारों में कोहराम मच गया और परिजन सैदपुर के लिए रवाना हो गए। एक ही हादसे में पत्नी, भाभी और दो महीने की नवजात बच्ची को खोने वाले प्रतीक गिरि स्वयं भी घायल हैं।
सड़क सुरक्षा का सवाल
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के राजमार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं की संख्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। गौरतलब है कि हाईवे अंडरपास जैसे स्थानों पर दृश्यता सीमित होती है, जिससे ओवरस्पीडिंग वाहन विशेष रूप से खतरनाक साबित होते हैं। आलोचकों का कहना है कि इन बिंदुओं पर स्पीड-ब्रेकर और चेतावनी संकेतकों की कमी ऐसे हादसों की एक बड़ी वजह है।
फिलहाल पुलिस बस चालक से पूछताछ कर रही है और मामले की जाँच जारी है।