क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर के सातनवरी को देश का पहला स्मार्ट और इंटेलिजेंट गांव घोषित किया?

सारांश
Key Takeaways
- फाइबर-ऑप्टिक इंटरनेट की उपलब्धता से गांव की डिजिटल कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
- एआई-संचालित ऐप्स किसानों के लिए फसल प्रबंधन को आसान बनाएंगे।
- ड्रोन तकनीक खेती में समय और लागत की बचत करेगी।
- शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्लासरूम से बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी।
- स्वास्थ्य सेवाओं में टेलीमेडिसिन का उपयोग ग्रामीणों के लिए लाभकारी होगा।
नागपुर, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सातनवरी को देश का पहला स्मार्ट और इंटेलिजेंट गांव घोषित किया है। फाइबर-ऑप्टिक इंटरनेट, एआई-संचालित कृषि ऐप्स, सौर पंप और ड्रोन तकनीक से युक्त इस पहल का लक्ष्य ग्रामीण भारत को डिजिटल और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
सीएम ने कहा कि गांव की तस्वीर अब पूरी तरह बदल गई है। यहां फाइबर ऑप्टिक इंटरनेट और वाईफाई कनेक्टिविटी उपलब्ध है। किसान अब मोबाइल फोन के माध्यम से एआई-सक्षम ऐप्स के जरिए मिट्टी की स्थिति, मौसम का अनुमान, सिंचाई की योजना और फसल प्रबंधन की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। सिंचाई प्रणाली में सौर ऊर्जाड्रोन तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है। ड्रोन के जरिए खाद और कीटनाशक का छिड़काव अब अधिक सरल हो गया है, जिससे समय की बचत भी होगी। वहीं, किसानों का मानना है कि भविष्य में उत्पादन में भी वृद्धि होगी।
उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। सातनवरी गांव के स्कूलों में एआई-आधारित डिजिटल क्लासरूम स्थापित किए गए हैं। बच्चे अब इंटरैक्टिव कंटेंट और स्मार्ट बोर्ड्स की मदद से पढ़ाई कर सकेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। स्वास्थ्य सेवाओं में भी तकनीक का उपयोग किया गया है। गांव में टेलीमेडिसिन सेंटर खोला गया है, जिससे ग्रामीण लोग ऑनलाइन डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं। इसके साथ ही, हर नागरिक को डिजिटल हेल्थ कार्ड दिया जाएगा, जिसमें उनकी मेडिकल हिस्ट्री दर्ज रहेगी।
सुरक्षा और ऊर्जा प्रबंधन पर भी ध्यान दिया गया है। गांव में सीसीटीवी कैमरे और स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं। वहीं, किसानों को सीधे ई-मार्केट और ऑनलाइन बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा गया है, ताकि उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।
वायस कंपनी के यशवंत शिंदे ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि इस परियोजना को साकार करने में वायस ऑफ इंडियन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी इंटरप्राइजेज (वायस) नामक समूह और महाराष्ट्र सरकार ने मिलकर काम किया है। कई भारतीय कंपनियों ने मिलकर गांव को स्मार्ट बनाने में सहयोग किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि आने वाले समय में हर तालुका के दस गांव इसी मॉडल पर विकसित किए जाएंगे।
वायस कंपनी के राकेश कुमार भटनागर ने कहा कि नागपुर अब तकनीकी क्रांति का केंद्र बन रहा है। एक ओर सातनवरी गांव ग्रामीण भारत के लिए स्मार्ट विकास का मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। भविष्य में यह पहल न सिर्फ ग्रामीण इलाकों को आधुनिक बनाएगी, बल्कि भारत को डिजिटल शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।