नालंदा में सीएम नीतीश कुमार से लोगों की अपील: दिल्ली न जाने का आग्रह, गूंजे 'जय निशांत' के नारे

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नालंदा में सीएम नीतीश कुमार से लोगों की अपील: दिल्ली न जाने का आग्रह, गूंजे 'जय निशांत' के नारे

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नालंदा यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों ने उनसे दिल्ली न जाने का आग्रह किया। नारेबाजी के बीच, उनके पुत्र निशांत के समर्थन में भी आवाज उठाई गई। यह घटनाक्रम उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण संकेत देता है।

मुख्य बातें

नीतीश कुमार का नालंदा दौरा लोगों ने दिल्ली न जाने का आग्रह किया निशांत के समर्थन में नारेबाजी राजनैतिक भविष्य पर संकेत जदयू की भविष्य की कमान

बिहार शरीफ, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राज्यसभा चुनाव में जीत के बाद उनका दिल्ली जाना लगभग निश्चित माना जा रहा है। ऐसे में जब वह गुरुवार को अपने गृह जिले नालंदा पहुंचे, तो वहां के निवासियों ने उनसे दिल्ली नहीं जाने की विनती की। इस अवसर पर लोगों ने जोरदार नारेबाजी की।

स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष उनके पुत्र निशांत के समर्थन में भी उत्साहपूर्वक नारे लगाए। दरअसल, नीतीश कुमार ने अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान नालंदा का दौरा किया, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री और उनके पुत्र के समर्थन में नारे लगाए गए।

इस यात्रा के दौरान जन संवाद कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित किया, तब वहां के निवासियों ने उनसे बिहार छोड़ने का अनुरोध किया। बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने इस मुद्दे पर नारेबाजी की, जिससे कार्यक्रम में कुछ समय के लिए हलचल मच गई और पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करना पड़ा।

पुलिस ने स्थिति को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन लोग अपनी मांगों से पीछे नहीं हटे। इसी दौरान नीतीश कुमार के मंच पर ‘जय निशांत, तय निशांत’ के नारे गूंज उठे। जदयू के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने इस नारे के माध्यम से भविष्य का एक स्पष्ट संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के बाद बिहार में बनने वाली किसी भी सरकार के लिए उनकी योजनाओं में कोई बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। नीरज कुमार ने मंच पर जय निशांत, तय निशांत का नारा देकर स्पष्ट संकेत दिया कि जदयू की आगामी कमान अब निशांत कुमार के हाथों में होगी। इस दौरान उन्होंने लोगों से हाथ उठाकर निशांत कुमार के समर्थन की अपील भी की।

गौरतलब है कि इससे पहले विधायक अनंत सिंह भी निशांत को मुख्यमंत्री बनाने का समर्थन कर चुके हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

सत्ता की आगामी पारी में संभावित परिवर्तनों के संकेत देता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा में क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने लोगों से संवाद करते हुए उनकी चिंताओं को सुना और नालंदा छोड़ने का आग्रह स्वीकार किया।
लोगों ने क्यों नारे लगाए?
लोगों ने मुख्यमंत्री से दिल्ली न जाने की अपील की और उनके पुत्र निशांत के समर्थन में नारे लगाए।
इस घटना का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह घटना नीतीश कुमार के भविष्य और जदयू की आगामी रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस