9 अक्टूबर 2026
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नाना पाटेकर का पुणे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, सीएम फडणवीस ने अर्पित किए पुष्पचक्र

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नाना पाटेकर का पुणे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, सीएम फडणवीस ने अर्पित किए पुष्पचक्र

सारांश

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को 8 अक्टूबर की देर रात पुणे के डोंजे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। गोवा में निधन के बाद पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाया गया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें 'कला जगत की अपूरणीय क्षति' बताया।

मुख्य बातें

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 की देर रात पुणे के डोंजे में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
उनका निधन गोवा में हुआ था; सभी औपचारिक प्रक्रियाएँ पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अंतिम दर्शन कर पुष्पचक्र अर्पित किया और परिवार को सांत्वना दी।
फडणवीस ने एक्स पर नाना पाटेकर को 'स्नेही मित्र और मार्गदर्शक' बताते हुए निधन को कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति कहा।
फिल्मी हस्तियों, राजनीतिक नेताओं और बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 की देर रात पुणे के डोंजे गांव में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गोवा में निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया, जहाँ हिंदी और मराठी सिनेमा के इस अप्रतिम कलाकार को अंतिम विदाई दी गई। उनके जाने से फिल्म जगत और लाखों प्रशंसकों में शोक की गहरी लहर है।

राजकीय सम्मान और अंतिम दर्शन

महाराष्ट्र सरकार की ओर से नाना पाटेकर को राजकीय सम्मान प्रदान किया गया। दिनभर बड़ी संख्या में प्रशंसक, फिल्मी हस्तियाँ, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता अंतिम दर्शन के लिए उमड़ते रहे। नम आँखों से उनके चाहने वालों ने अपने प्रिय अभिनेता को विदाई दी।

देर रात राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसके बाद पुणे के डोंजे में उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। गोवा में उनके निधन के बाद सभी औपचारिक प्रक्रियाएँ पूरी होने पर पार्थिव शरीर पुणे लाया गया था।

मुख्यमंत्री फडणवीस की श्रद्धांजलि

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्वयं अंतिम दर्शन के लिए पहुँचे। उन्होंने नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया और परिवार के सदस्यों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।

फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वरिष्ठ अभिनेता और उनके स्नेही मित्र तथा मार्गदर्शक नाना पाटेकर के पार्थिव शरीर को पुणे लाया गया, जहाँ राज्य सरकार की ओर से राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उन्होंने कहा, 'एक प्रतिभाशाली कलाकार को अंतिम विदाई देते हुए और श्रद्धांजलि अर्पित करते समय मन भर आया।' फडणवीस ने नाना पाटेकर के निधन को कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

नाना पाटेकर की विरासत

अपने दमदार अभिनय, बेबाक व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में एक अमिट छाप छोड़ी। दशकों की अपनी फिल्मी यात्रा में उन्होंने अनगिनत यादगार भूमिकाएँ निभाईं। किसान राहत के लिए उनके सामाजिक कार्य 'नाम फाउंडेशन' की पहल को भी व्यापक सराहना मिली।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र ने इससे पहले भी अपने प्रतिष्ठित कलाकारों को राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी है। नाना पाटेकर का राजकीय सम्मान उनके सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान की राज्य की औपचारिक स्वीकृति है।

फिल्म जगत और प्रशंसकों में शोक

उनके निधन की खबर फैलते ही फिल्म उद्योग से जुड़ी हस्तियों ने शोक संवेदनाएँ व्यक्त करनी शुरू कर दीं। कई राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अंतिम संस्कार में उपस्थित होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

नाना पाटेकर की अनुपस्थिति भारतीय सिनेमा में एक ऐसा शून्य छोड़ गई है जिसे भर पाना असंभव होगा — उनकी विरासत उनकी फिल्मों और सामाजिक कार्यों के रूप में आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी उल्लेखनीय है कि जीते-जी उन्हें जितनी राजकीय पहचान मिलनी चाहिए थी, वह अक्सर उनके बेबाक स्वभाव के कारण विवादों में उलझ गई। 'नाम फाउंडेशन' के ज़रिये किसानों के लिए उनका जमीनी काम उस वर्ग का था जिसे सरकारें अक्सर सुर्खियों में भूल जाती हैं। नाना पाटेकर की असली विरासत शायद उनकी फिल्मों में नहीं, बल्कि उन हज़ारों किसान परिवारों की कहानियों में है जिनके लिए वे सिर्फ एक अभिनेता नहीं, एक सहारा थे।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार कहाँ और कब हुआ?
नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार 8 अक्टूबर 2026 की देर रात पुणे के डोंजे गांव में राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। उनका निधन गोवा में हुआ था, जिसके बाद पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार का क्या अर्थ है?
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार में राज्य सरकार की ओर से औपचारिक पुष्पचक्र अर्पण, सरकारी प्रतिनिधियों की उपस्थिति और सम्मानपूर्वक अंतिम यात्रा शामिल होती है। यह सम्मान उन व्यक्तित्वों को दिया जाता है जिन्होंने राज्य की सांस्कृतिक, सामाजिक या राजनीतिक पहचान में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने नाना पाटेकर को क्या कहकर श्रद्धांजलि दी?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाना पाटेकर को अपना 'स्नेही मित्र और मार्गदर्शक' बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'एक प्रतिभाशाली कलाकार को अंतिम विदाई देते हुए मन भर आया' और उनके निधन को कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति करार दिया।
नाना पाटेकर को भारतीय सिनेमा में क्यों याद किया जाएगा?
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में दमदार अभिनय, बेबाक व्यक्तित्व और यादगार भूमिकाओं से अमिट छाप छोड़ी। इसके अलावा 'नाम फाउंडेशन' के माध्यम से किसानों की राहत के लिए उनके सामाजिक कार्य को भी व्यापक सराहना मिली।
नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में कौन-कौन शामिल हुए?
अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई राजनीतिक नेता, मंत्री, फिल्मी हस्तियाँ, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम प्रशंसक शामिल हुए। दिनभर लोग नम आँखों से अंतिम दर्शन करते रहे।
राष्ट्र प्रेस
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