क्या संजय राउत का बयान स्थानीय निकाय चुनाव पर सही है?
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मुंबई, 10 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के उस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया, जिसमें राउत ने कहा था कि स्थानीय निकाय चुनावों के लिए इंडिया ब्लॉक गठबंधन की आवश्यकता नहीं है।
पटोले ने कहा, "मैं संजय राउत पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। स्थानीय निकाय चुनाव हमारे स्थानीय कार्यकर्ताओं और नेताओं के विश्वास पर लड़े जाते हैं। इसे उस नजरिए से नहीं देखना चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि सत्ताधारी गठबंधन (महायुति) के नेता भी अलग-अलग बयान दे रहे हैं, तो क्या वे भी स्थानीय चुनाव एक साथ लड़ेंगे? पटोले ने बल देकर कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव हर तालुका और जिले में अलग-अलग समीकरणों पर आधारित होते हैं। इसीलिए, इन चुनावों में गठबंधन के टूटने या बनने का प्रश्न ही नहीं उठता।
उन्होंने यह भी कहा, "हमारा हाई कमांड इस मुद्दे पर निर्णय लेगा।"
कांवड़ यात्रा के दौरान दुकानों पर नामपट्टिका मुद्दे पर पटोले ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार देश को तोड़ने में लगी है। अगर सरकार संविधान के अनुसार चल रही है, तो धर्म, जाति और भाषा के आधार पर इस तरह के निर्णय देश को नुकसान पहुंचाएंगे।"
विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा विधायक कैंटीन में कर्मचारी को पीटने की घटना पर पटोले ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "सरकार ने कानून अपने हाथ में लेने का कार्य किया है। हम मारपीट की इस घटना की निंदा करते हैं।"
गायकवाड़ के होटल कर्मी संग मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष सत्ता पक्ष पर हमलावर है। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि गायकवाड़ का व्यवहार 'अस्वीकार्य' है और यह विधायकों की छवि को खराब करता है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष और सभापति से इसकी जांच कर उचित कार्रवाई करने को कहा।
पटोले ने गायकवाड़ मारपीट मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही और कहा कि वह लगातार जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे।
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले हैं। ये चुनाव तीन चरणों में हो सकते हैं, जिनमें 29 नगर निगम, 248 नगर परिषद, 42 नगर पंचायत, 32 जिला परिषद और 336 पंचायत समितियां शामिल हैं।