क्या नवी मुंबई अग्निकांड ने हमें कुछ सिखाया?
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 21 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के नवी मुंबई के वाशी क्षेत्र में सोमवार रात एक भयावह घटना घटी। एमजी कॉम्प्लेक्स में स्थित रहेजा रेजीडेंसी में आग लगने से पूरे इलाके में दहशत व्याप्त हो गई। इस भीषण हादसे में चार लोगों ने अपनी जान गंवाई, जबकि कई अन्य को दमकलकर्मियों और स्थानीय निवासियों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
जानकारी के अनुसार, यह घटना रात लगभग 1 बजे हुई। लोगों को जब तक कुछ समझ आता, तब तक कई लोग धुएं के कारण बेहोश हो चुके थे। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया।
नवी मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त कैलाश शिंदे ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद दुखद घटना है जिसमें चार लोगों की जान गई। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नगरपालिका कठोर कदम उठाएगी।
उन्होंने बताया कि एक बुजुर्ग महिला, जो बिस्तर पर लेटी थीं, उन्हें बचाया नहीं जा सका, जबकि तीन लोगों की मौत दम घुटने से हुई।
इस घटना में भाविन पूनिया नामक व्यक्ति ने इंसानियत की मिसाल पेश की। उन्होंने अपनी जान को खतरे में डालकर करीब छह लोगों की जान बचाई। बताया जाता है कि भाविन ने कई घरों के दरवाजे तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। इस दौरान उन्हें हाथ में चोटें भी आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनके साथ दो पुलिसकर्मी भी राहत कार्य में जुटे रहे।
आग लगने के समय किरण जैन नामक निवासी अपने परिवार के साथ उसी मंजिल पर थे। उन्होंने बताया कि आग लगते ही हम तुरंत बाहर निकल आए, लेकिन बगल वाले फ्लैट में रहने वाला परिवार बाहर नहीं निकला। दरवाजा खटखटाने पर भी उन्होंने नहीं खोला। कुछ ही देर में वहां से धुआं निकलने लगा और अंदर मौजूद तीनों लोगों की मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि उसी मंजिल पर रहने वाला एक अन्य परिवार समय पर बाहर निकल गया और उनकी जान बच गई।
यह भयावह हादसा पूरे वाशी क्षेत्र को झकझोर गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। नगर प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा के आदेश दिए हैं ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।