नवादा में नीट-यूजी पुनर्परीक्षा 21 जून को: 5 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा लागू
सारांश
मुख्य बातें
नवादा जिले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को जिला मुख्यालय के 5 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे IST तक संचालित होगी। परीक्षा की निष्पक्षता और शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
निषेधाज्ञा का दायरा और समयसीमा
अनुमंडल दंडाधिकारी, नवादा सदर, अमित अनुराग ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए सभी 5 परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में 21 जून को सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश परीक्षा से पहले और बाद की समयावधि को भी कवर करता है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।
क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित
निषेधाज्ञा क्षेत्र में अस्त्र-शस्त्र, हथियार, लाठी, गड़ासा, बरछा, फलसा, चाकू, छुरा, विस्फोटक पदार्थ और अग्नेयास्त्र लेकर चलना पूर्णतः वर्जित होगा। इसके अतिरिक्त, परीक्षा केंद्रों से संबंधित किसी भी प्रकार के कागजात, सामग्री या प्रचार-प्रसार दस्तावेजों का वितरण या प्रसार भी प्रतिबंधित रहेगा।
5 या उससे अधिक व्यक्तियों का लोक शांति भंग करने अथवा झगड़े के उद्देश्य से एकत्र होना वर्जित रहेगा। परीक्षार्थियों को सुनाई पड़ने वाली दूरी के भीतर लाउडस्पीकर का उपयोग भी प्रतिबंधित किया गया है। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में अनावश्यक आवागमन पर भी रोक रहेगी।
परीक्षार्थियों के लिए दिशानिर्देश
कोई भी परीक्षार्थी प्रवेश पत्र के अतिरिक्त अन्य कोई कागजात, पुस्तक, नोटबुक, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अथवा चिट परीक्षा केंद्र में नहीं ले जा सकेगा। गौरतलब है कि यह आदेश परीक्षा में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों के वैध और सद्भावी कार्यकलापों पर लागू नहीं होगा।
किन्हें मिली छूट
शासकीय कार्य में तैनात पदाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों द्वारा धारित अग्नेयास्त्र इस निषेधाज्ञा के दायरे से बाहर रखे गए हैं। परीक्षा के सुचारु संचालन में लगे सरकारी कर्मियों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
पृष्ठभूमि और महत्व
नीट-यूजी परीक्षा देश भर में लाखों मेडिकल छात्रों के भविष्य से जुड़ी है, और पिछले वर्षों में पेपर लीक एवं अनियमितताओं के आरोपों के बाद इस बार प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है। यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है। नवादा प्रशासन का यह कदम परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।