क्या एनसीआर में प्रदूषण और कड़ाके की ठंड ने लोगों को परेशान कर दिया है?

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क्या एनसीआर में प्रदूषण और कड़ाके की ठंड ने लोगों को परेशान कर दिया है?

सारांश

क्या एनसीआर में ठंड और प्रदूषण ने लोगों का जीवन प्रभावित किया है? जानें कि कैसे वायु गुणवत्ता सूचकांक ने नागरिकों को चिंतित कर दिया है। ठंड और प्रदूषण के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर एक नज़र डालें।

Key Takeaways

  • एनसीआर में प्रदूषण और ठंड का गंभीर प्रभाव है।
  • वायु गुणवत्ता सूचकांक चिंताजनक स्तर पर है।
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर अमल करें।
  • कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण दृश्यता में कमी आई है।
  • बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

नोएडा, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के निवासियों के लिए ठंड और प्रदूषण एक बार फिर गंभीर संकट बन गए हैं। शुक्रवार सुबह हुई हल्की बारिश और लगातार छाए कोहरे के बावजूद वायु गुणवत्ता में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 9 जनवरी को सुबह और दोपहर के समय मध्यम से घना कोहरा छाया रहने का पूर्वानुमान है। तापमान अधिकतम 17 डिग्री और न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 10 और 11 जनवरी को भी मध्यम कोहरे की संभावना है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण दृश्यता कम हो गई है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है। हल्की बारिश से लोगों को उम्मीद थी कि प्रदूषण में कमी आएगी, लेकिन वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के आंकड़े निराशाजनक बने हुए हैं।

दिल्ली के कई क्षेत्रों में एक्यूआई बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया है। आर.के. पुरम में एक्यूआई 388, आनंद विहार में 388, ओखला फेज-2 में 382, पटपड़गंज में 364, सिरिफोर्ट में 365 और डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज क्षेत्र में 366 दर्ज किया गया।

पंजाबी बाग (333), चांदनी चौक (337), रोहिणी (338), सोनिया विहार (316) और श्री अरबिंदो मार्ग (327) जैसे क्षेत्रों में भी स्थिति बेहद खराब रही। कुछ स्थानों पर जैसे शादिपुर (299), बवाना (283), बुराड़ी क्रॉसिंग (279) और डीटीयू (288) में एक्यूआई 'खराब' श्रेणी में रहा, लेकिन राहत की कोई स्थिति नहीं है।

नोएडा में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। सेक्टर-125 में एक्यूआई 375, सेक्टर-1 में 351, सेक्टर-116 में 361 और सेक्टर-62 में 301 दर्ज किया गया। गाजियाबाद के वसुंधरा क्षेत्र में एक्यूआई 378, लोनी में 358, इंदिरापुरम में 288 और संजय नगर में 284 रहा। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-III में एक्यूआई 355 और नॉलेज पार्क-V में 368 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी के बेहद करीब है।

विशेषज्ञों का कहना है कि घना कोहरा, कम हवा की गति और नमी के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फंसे हुए हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर लगातार बना हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। मास्क

Point of View

बल्कि पूरे देश की स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकता है।
NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

एनसीआर में प्रदूषण का स्तर क्यों बढ़ रहा है?
घना कोहरा, कम हवा की गति और उच्च नमी के कारण प्रदूषण के कण वातावरण में फंसे हुए हैं।
क्या प्रदूषण से बचने के लिए कोई उपाय हैं?
विशेषज्ञ मास्क पहनने, बाहर निकलने से बचने और सुबह की सैर न करने की सलाह देते हैं।
एक्यूआई क्या है?
एक्यूआई का पूर्ण रूप एयर क्वालिटी इंडेक्स है, जो वायु गुणवत्ता को मापने का एक मानक तरीका है।
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