क्या एनसीआर में काले बादलों का डेरा है, सावन के अंतिम सोमवार पर मंदिरों में श्रद्धालुओं का आगमन?

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क्या एनसीआर में काले बादलों का डेरा है, सावन के अंतिम सोमवार पर मंदिरों में श्रद्धालुओं का आगमन?

सारांश

एनसीआर में सावन के अंतिम सोमवार पर काले बादलों ने वातावरण को गहरा बना दिया है। भक्तों की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए मंदिरों में उमड़ी भीड़ ने इस दिन को खास बना दिया। मौसम की राहत ने श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा दिया। जानें इस विशेष दिन की खास बातें और मौसम के हालात के बारे में।

मुख्य बातें

सावन का अंतिम सोमवार भक्तों की संख्या मौसम विभाग रिमझिम बारिश धार्मिक आस्था

नोएडा, 4 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। एनसीआर क्षेत्र में सोमवार की सुबह का दृश्य विशेष रूप से दिलचस्प रहा। आसमान में घने काले बादल छाए रहे, जिससे सुबह का माहौल अंधकारमय हो गया। हल्की रिमझिम फुहारें मौसम को और भी खुशनुमा बना गईं। सावन के इस चौथे और अंतिम सोमवार को मौसम ने भक्तों को आराम दिया, साथ ही उनकी श्रद्धा और उत्साह भी ऊंचे स्तर पर देखा गया।

मौसम विभाग (आईएमडी) की रिपोर्ट के अनुसार, 4 से 9 अगस्त तक एनसीआर क्षेत्र में बारिश और गरज के साथ छींटों की संभावना बनी रहेगी। 4, 6, 7 और 8 अगस्त को “थंडरस्टॉर्म विद रेन” की भविष्यवाणी की गई है, जबकि 5 अगस्त को “मॉडरेट रेन के साथ सामान्य रूप से बादल छाए रहने” की स्थिति रहेगी।

9 अगस्त को भी “बारिश या गरज के साथ छींटे” होने का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री और न्यूनतम 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। वहीं, ह्यूमिडिटी का स्तर 75 प्रतिशत से ऊपर रहेगा।

आज सावन के आखिरी सोमवार पर भक्त बड़ी संख्या में मंदिरों में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। नोएडा के प्रसिद्ध शिव मंदिरों, जैसे कि सेक्टर-40 का शिव मंदिर, गाजियाबाद का दूधेश्वर मंदिर और दिल्ली का झंडेवालान मंदिर में सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं।

बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। भक्तों ने “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पंडितों के अनुसार, सावन का अंतिम सोमवार विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन की गई पूजा, व्रत और शिव अभिषेक से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। रिमझिम बारिश के बीच भक्तों ने भगवान शिव को जल अर्पित किया। बारिश का यह सिलसिला जारी रहेगा, लेकिन मौसम विभाग ने किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है। यह लोगों को गर्मी और प्रदूषण से राहत दिलाने में मदद करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह दृश्य दर्शाता है कि कैसे भारतीय संस्कृति में आस्था और मौसम के बदलाव के बीच एक गहरा संबंध है। भक्तों की भारी भीड़ यह सिद्ध करती है कि धार्मिक मान्यताएं आज भी लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस साल सावन का अंतिम सोमवार कब है?
इस साल सावन का अंतिम सोमवार 4 अगस्त है।
क्या मौसम में बदलाव का भक्तों पर असर पड़ा है?
हाँ, मौसम की सुहावनी स्थिति ने भक्तों के उत्साह को बढ़ा दिया है।
एनसीआर में बारिश की संभावना कितनी है?
4 से 9 अगस्त तक एनसीआर में बारिश और गरज के साथ छींटों की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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