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क्या एनडीए का आंतरिक कलह शर्मनाक है, सत्ता के लिए एकजुटता दर्शाने का क्या मतलब है? : अभय दुबे

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क्या एनडीए का आंतरिक कलह शर्मनाक है, सत्ता के लिए एकजुटता दर्शाने का क्या मतलब है? : अभय दुबे

सारांश

क्या बिहार एनडीए में अंतर्कलह सिर्फ सत्ता के लिए एकजुटता का नाटक है? जानिए अभय दुबे के इस मुद्दे पर क्या हैं विचार।

मुख्य बातें

एनडीए में अंतर्कलह स्पष्ट रूप से सत्ता की लालसा को दर्शाता है।
जदयू में आंतरिक विवादों का असर कार्यकर्ताओं पर पड़ रहा है।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की नाराजगी एक नई राजनीतिक दिशा को संकेत कर सकती है।

पटना, १४ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने मंगलवार को बिहार एनडीए में अंतर्कलह का आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग सत्ता के लिए एकजुट हैं। उन्होंने इस अंतर्कलह को शर्मनाक बताते हुए कहा कि इन्हें बिहार से कोई मतलब नहीं है।

उन्होंने पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जदयू के सांसद अजय मंडल को आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने नहीं दिया जा रहा है, जिससे आहत होकर उन्हें नीतीश कुमार को अपने इस्तीफे के लिए अनुमति मांगने का पत्र लिखना पड़ा। उन्होंने कहा कि सांसद को अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष से नहीं मिलने दिया जाना यह बताने के लिए काफी है कि पार्टी को हाइजैक किया जा चुका है।

उन्होंने आगे कहा कि जदयू विधायक गोपाल मंडल को सीएम आवास के बाहर धरने पर बैठे रह गए, लेकिन उन्हें नीतीश कुमार से मिलने नहीं दिया गया। कांग्रेस के नेता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और मंत्री विजय चौधरी ने पार्टी को अपने कब्जे में ले रखा है। उन्होंने जदयू की कई सीटों को लोजपा (रामविलास) को भी देने का आरोप लगाया।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी तो इतने नाराज हैं कि उन्होंने चिराग पासवान की पार्टी के दो उम्मीदवारों के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी है।

अभय दुबे ने तंज कसते हुए कहा कि उक्त सभी बातें यह साबित करती हैं कि विपक्ष में बैठने के लिए एनडीए के नेताओं में होड़ मची हुई है और इस रेस में सभी अपना पूरा योगदान देने को आतुर दिख रहे हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर तंज कसते हुए कहा कि २०२० के चुनावों में १३५ सीटों पर लड़कर मात्र एक सीट जीतने वाली लोजपा को २९ सीट देकर एनडीए ने सीट बंटवारे के साथ ही हार की ओर पहला कदम बढ़ा दिया है।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की अस्वस्थता इस सीट बंटवारे में साफ झलक रही है। पिछले २० सालों से जदयू हमेशा भाजपा से ज्यादा सीटों पर लड़ती थी, लेकिन आज बराबर की सीटों पर लड़कर एक-दूसरे के सामने खड़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि एनडीए की एकजुटता केवल एक राजनीतिक खेल है। सत्ता की लालसा में वे अपने मूल मुद्दों को भूल चुके हैं। इस अंतर्कलह का असर केवल भाजपा और जदयू पर नहीं, बल्कि बिहार के विकास पर भी पड़ेगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनडीए में अंतर्कलह का मुख्य कारण क्या है?
अभय दुबे के अनुसार, यह अंतर्कलह सिर्फ सत्ता के लिए एकजुटता का नाटक है।
क्या जदयू के सांसदों को एक-दूसरे से मिलने नहीं दिया जा रहा है?
हां, जदयू के सांसद अजय मंडल और गोपाल मंडल को मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया गया।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की नाराजगी का कारण क्या है?
उन्होंने चिराग पासवान की पार्टी के खिलाफ उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है।
राष्ट्र प्रेस
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