नेतन्याहू की गिरफ्तारी पर ममदानी ने स्वीकारी कानूनी सीमा, न्यूयॉर्क में यहूदी समुदाय का आक्रोश बरकरार
सारांश
मुख्य बातें
न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने 26 जुलाई 2026 को एक वीडियो बयान जारी कर स्वीकार किया कि सिटी हॉल के पास इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। हालाँकि, यह स्वीकारोक्ति न्यूयॉर्क के यहूदी समुदाय और मेयर के बीच चले आ रहे गहरे तनाव को कम करने में नाकाफी साबित हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
ममदानी ने अपने मेयर चुनाव अभियान के दौरान यह दावा किया था कि वे नेतन्याहू को गिरफ्तार करने की कोशिश करेंगे। आलोचकों ने उस समय भी कहा था कि उनके पास ऐसा करने का कोई संवैधानिक या कानूनी अधिकार नहीं है। अब 26 जुलाई 2026 को जारी वीडियो में ममदानी ने खुद इस सीमा को स्वीकार किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि नेतन्याहू को अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के वारंट के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
यह मुद्दा इजरायल-हमास युद्ध की पृष्ठभूमि में और भी संवेदनशील हो गया है, जब अमेरिका भर में विरोध प्रदर्शनों की लहर चल रही है और यहूदी-विरोधी घटनाओं में कथित तौर पर वृद्धि दर्ज की गई है।
यहूदी समुदाय की प्रतिक्रिया
ऑर्थोडॉक्स यूनियन के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एवं सीओओ रब्बी डॉ. जोश जोसेफ ने कहा कि हाल के विरोध प्रदर्शनों में हिंसा की घटनाओं को देखते हुए मेयर के बयान विशेष रूप से चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा, 'हम जानते हैं कि पिछले कुछ सालों में विरोध प्रदर्शन कई बार हिंसक हो गए हैं। इसलिए, वह गलत जानकारी के आधार पर हिंसा भड़काने का जोखिम उठाने को तैयार हैं।'
मैनहट्टन ज्यूइश एक्सपीरियंस (MJE) के संस्थापक एवं निदेशक रब्बी मार्क वाइल्ड्स ने आरोप लगाया कि मेयर की भाषा किसी सरकारी अधिकारी की आलोचना से कहीं आगे जाकर इजरायल के प्रति नफरत को दर्शाती है। वाइल्ड्स ने कहा, 'यहूदी समुदाय में हमें जो बात परेशान कर रही है, वह यह है कि वह ये बातें सिर्फ यह बताने के लिए कह रहे हैं कि यहूदी देश, इजरायल देश को रहने का कोई हक नहीं है।'
वाइल्ड्स ने आगे कहा, 'न्यूयॉर्क में किसी नेता का यह कहना कि आपका यहाँ स्वागत नहीं है, जाहिर है परेशान करने वाला है। वह पहले दिन से ही हमास और आतंकवाद के समर्थक रहे हैं और वह बस अपना असली रंग दिखा रहे हैं।'
इजरायली नेताओं की चिंता
ममदानी के बयान के बाद इजरायली नेताओं की प्रतिक्रियाएँ भी लगातार सामने आई हैं। उन्होंने न्यूयॉर्क में रह रहे यहूदियों की सुरक्षा और उनके खिलाफ हो रही घटनाओं पर गहरी चिंता जाहिर की है। गौरतलब है कि न्यूयॉर्क शहर में दुनिया की सबसे बड़ी यहूदी आबादी में से एक निवास करती है, जो इस विवाद को राजनीतिक रूप से और भी संवेदनशील बनाती है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
रब्बी जोसेफ ने आगाह किया कि न्यूयॉर्क शहर के प्रमुख के रूप में ममदानी को यह नहीं भूलना चाहिए कि उनके शब्दों का व्यापक सामाजिक असर होता है। वहीं, वाइल्ड्स ने यह भी स्पष्ट किया कि बढ़े हुए राजनीतिक तनाव के बावजूद यहूदी समुदाय का इजरायल या न्यूयॉर्क शहर से जुड़ाव कमजोर नहीं होगा।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में यहूदी-विरोधी (एंटीसेमिटिज्म) घटनाओं को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो रही है और कई शहरों में सामुदायिक तनाव बढ़ा है। आने वाले हफ्तों में यह देखना अहम होगा कि ममदानी इस विवाद से उपजे राजनीतिक दबाव को किस तरह संभालते हैं।