नेतन्याहू का यूएई दौरा: शेख मोहम्मद से 6 घंटे की बैठक, ईरान और अब्राहम समझौते पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 28 सितंबर 2026 (रविवार) को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का दौरा किया और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय संबंधों तथा क्षेत्रीय चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम (WAM) ने इस यात्रा की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि यह बैठक अबू धाबी में संपन्न हुई।
दौरे का विवरण और प्रतिनिधिमंडल
नेतन्याहू के कार्यालय ने सोमवार देर रात एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी ने शेख मोहम्मद बिन जायद के निमंत्रण पर यह यात्रा की। दौरे का घोषित उद्देश्य 'दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्रीय चुनौतियों पर चर्चा करना' बताया गया।
प्रतिनिधिमंडल में नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख, मोसाद के प्रमुख, मिलिट्री सेक्रेटरी और विदेश नीति सलाहकार शामिल थे। बैठक की जानकारी रखने वाले तीन वरिष्ठ इजरायली अधिकारियों के अनुसार, यह बैठक छह घंटे तक चली और मुख्य रूप से ईरान के मुद्दे पर केंद्रित रही।
गोपनीयता विवाद और मीडिया पर कार्रवाई
यह यात्रा उस समय विवादों में घिर गई जब एक इजरायली टीवी चैनल ने नेतन्याहू का विमान अभी यूएई में ही होने की स्थिति में इस दौरे की खबर प्रकाशित कर दी। इजरायल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने चैनल 12 के खिलाफ मुख्य सैन्य सेंसर के पास शिकायत दर्ज कराई।
प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया कि इस जानकारी के समय से पहले सार्वजनिक होने से 'प्रधानमंत्री, उनकी पत्नी और प्रतिनिधिमंडल — जिसमें मोसाद प्रमुख तथा अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल थे — की जान को खतरा पैदा हो गया।' मोसाद ने भी इस प्रकाशन की निंदा की।
7 अक्टूबर चेतावनी विवाद की पृष्ठभूमि
यह दौरा इजरायली मीडिया की उस विवादास्पद रिपोर्ट के कुछ सप्ताह बाद हुआ, जिसमें कथित तौर पर दावा किया गया था कि शेख मोहम्मद ने 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले से पहले नेतन्याहू को आगाह किया था, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री ने यह जानकारी सुरक्षा एजेंसियों तक नहीं पहुँचाई। नेतन्याहू ने इस खबर का खंडन किया था।
इजरायली मीडिया के एक हिस्से के अनुसार, इस दौरे का एक मकसद शेख मोहम्मद से उस रिपोर्ट का खंडन करवाना भी था — हालाँकि किसी आधिकारिक पुष्टि के अभाव में इस दावे को कथित तौर पर ही माना जाना चाहिए।
इस साल पहले की गोपनीय मुलाकात
गौरतलब है कि मई 2026 में भी नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने खाड़ी देश की एक 'गुप्त यात्रा' की और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद से मुलाकात की थी। उस समय यूएई ने इस मुलाकात से इनकार किया था। बाद में एक सूत्र ने बताया था कि वह बैठक 26 मार्च को ओमान की सीमा के पास अबू धाबी के नखलिस्तान शहर अल-ऐन में हुई थी।
अब्राहम समझौते का संदर्भ और आगे की राह
यह बैठक उस व्यापक राजनयिक ढाँचे में हुई है जिसे 2020 के अब्राहम समझौते ने तैयार किया था, जिसके तहत यूएई और इजरायल ने औपचारिक संबंध स्थापित किए थे। ईरान के साथ क्षेत्रीय तनाव के दौरान यूएई अमेरिका और इजरायल के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करता रहा है।
इस दौरे को क्षेत्रीय भू-राजनीति के उस नाजुक दौर में देखा जा रहा है जब गाजा संघर्ष अभी थमा नहीं है और ईरान की परमाणु एवं सैन्य गतिविधियाँ खाड़ी देशों की प्राथमिक चिंता बनी हुई हैं। यह यात्रा स्पष्ट संकेत देती है कि अब्राहम समझौते के बावजूद राजनयिक संवाद अभी भी नाजुक और कई बार परदे के पीछे ही रहता है।