इजरायली सेना प्रमुख इयाल जमीर की यूएई में गुप्त बैठक, ईरान युद्ध के दौरान शीर्ष अफसरों का दौरा

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इजरायली सेना प्रमुख इयाल जमीर की यूएई में गुप्त बैठक, ईरान युद्ध के दौरान शीर्ष अफसरों का दौरा

सारांश

ईरान के साथ युद्ध के दौरान इजरायल के सेना प्रमुख, मोसाद प्रमुख, शिन बेट प्रमुख और कथित तौर पर प्रधानमंत्री — सभी ने चुपके से यूएई का दौरा किया। यह महज़ सामान्यीकरण से कहीं आगे की कूटनीति है, जो युद्धकाल में भी अब्राहम समझौते की जड़ें कितनी गहरी हैं, यह बताती है।

मुख्य बातें

इजरायली सेना प्रमुख इयाल जमीर ने ईरान-इजरायल युद्ध ( 28 फरवरी – 8 अप्रैल ) के दौरान यूएई का गुप्त दौरा किया।
जमीर ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात की।
मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया और शिन बेट प्रमुख डेविड जिनी ने भी इसी अवधि में यूएई का दौरा किया — मीडिया रिपोर्टों के अनुसार।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय ने उनके यूएई दौरे का दावा किया, लेकिन यूएई के विदेश मंत्रालय ने इसे खारिज किया।
ये यात्राएँ अब्राहम समझौते के बाद इजरायल-यूएई संबंधों की गहराती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती हैं।

इजरायली सेना के प्रमुख इयाल जमीर और कई वरिष्ठ अधिकारियों ने ईरान के साथ चले युद्ध के दौरान यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) का गुप्त दौरा किया। इजरायल के सरकारी चैनल कान टीवी न्यूज़ ने 15 मई को यह जानकारी सार्वजनिक की। यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था और 8 अप्रैल को संघर्षविराम के साथ समाप्त हुआ था।

किससे हुई मुलाकात

कान टीवी के अनुसार, जमीर ने इस दौरे में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और कुछ वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात की। हालाँकि, चैनल ने यात्रा की सटीक तारीख का खुलासा नहीं किया।

इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया था कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया और घरेलू सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के प्रमुख डेविड जिनी ने भी इसी अवधि में यूएई का गुप्त दौरा किया था।

नेतन्याहू की कथित यात्रा और यूएई का खंडन

बुधवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने दावा किया था कि उन्होंने भी युद्धकाल में यूएई का गुप्त दौरा कर राष्ट्रपति से मुलाकात की। हालाँकि, यूएई के विदेश मंत्रालय ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि नेतन्याहू के देश में आने की बात सही नहीं है। दोनों पक्षों के बयानों में यह विरोधाभास कूटनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

अब्राहम समझौते के बाद बढ़ते संबंध

कान टीवी ने कहा कि ये सभी यात्राएँ इजरायल और यूएई के बीच गहराते संबंधों का संकेत देती हैं। अब्राहम समझौते के बाद से दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, पर्यटन और खुफिया सहयोग लगातार बढ़ा है। यूएई पिछले कुछ वर्षों में इजरायल का एक प्रमुख क्षेत्रीय साझेदार बनकर उभरा है।

क्षेत्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि इन बैठकों में सुरक्षा समन्वय, क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक साझेदारी और पश्चिम एशिया के बदलते भू-राजनीतिक हालात जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई होगी।

कूटनीतिक महत्व

इजरायल के राजनीतिक विश्लेषकों ने इस पूरे घटनाक्रम को हाल के महीनों में नेतन्याहू सरकार द्वारा उठाए गए सबसे संवेदनशील कूटनीतिक कदमों में से एक बताया है। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ संघर्षविराम के बाद पश्चिम एशिया में नई कूटनीतिक पुनर्संरचना की संभावनाएँ तलाशी जा रही हैं।

गौरतलब है कि एक ही युद्धकाल में सेना प्रमुख, मोसाद प्रमुख, शिन बेट प्रमुख और प्रधानमंत्री — सभी के यूएई दौरे की रिपोर्टें आना इस द्विपक्षीय रिश्ते की असाधारण गहराई को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मोसाद प्रमुख, शिन बेट प्रमुख और प्रधानमंत्री — सभी के यूएई दौरे की रिपोर्टें यह स्पष्ट करती हैं कि अब्राहम समझौता महज़ व्यापारिक रिश्ता नहीं, बल्कि एक सक्रिय सुरक्षा धुरी बन चुका है। चिंताजनक पहलू यह है कि नेतन्याहू के दौरे पर दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयान — इजरायल का दावा, यूएई का खंडन — इस साझेदारी की सार्वजनिक सीमाओं को उजागर करते हैं। यूएई घरेलू राजनीतिक दबाव के चलते खुलकर स्वीकार नहीं कर सकता, और इजरायल ने जानकारी लीक होने दी — यह दोनों के बीच असममित पारदर्शिता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है: युद्धकाल में इतने उच्च स्तरीय दौरे बताते हैं कि यूएई ने संघर्ष में मध्यस्थ या सूचना-साझेदार की भूमिका निभाई होगी — जो पश्चिम एशिया की भू-राजनीति में एक बड़ा बदलाव है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इजरायली सेना प्रमुख इयाल जमीर ने यूएई का दौरा क्यों किया?
कान टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इयाल जमीर ने ईरान के साथ युद्ध के दौरान यूएई का गुप्त दौरा किया और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। क्षेत्रीय जानकारों का अनुमान है कि इन बैठकों में सुरक्षा समन्वय और भू-राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई होगी।
इजरायल और ईरान के बीच यह युद्ध कब हुआ?
यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ और 8 अप्रैल को संघर्षविराम के साथ समाप्त हुआ। इसी अवधि के दौरान इजरायल के कई शीर्ष अधिकारियों के यूएई दौरे की रिपोर्टें सामने आई हैं।
क्या प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी यूएई का गुप्त दौरा किया?
नेतन्याहू के कार्यालय ने दावा किया कि उन्होंने युद्धकाल में यूएई का गुप्त दौरा किया और राष्ट्रपति से मुलाकात की। हालाँकि, यूएई के विदेश मंत्रालय ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि नेतन्याहू के देश में आने की बात सही नहीं है।
मोसाद और शिन बेट प्रमुखों ने भी यूएई का दौरा किया था?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया और शिन बेट प्रमुख डेविड जिनी ने भी इसी युद्धकाल में यूएई का गुप्त दौरा किया था। इन रिपोर्टों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
इजरायल और यूएई के बीच संबंध कैसे हैं?
अब्राहम समझौते के बाद से इजरायल और यूएई के बीच व्यापार, तकनीक, पर्यटन और खुफिया सहयोग लगातार बढ़ा है। यूएई इजरायल का एक प्रमुख क्षेत्रीय साझेदार बन चुका है, और युद्धकाल में इन उच्च स्तरीय दौरों ने इस साझेदारी की गहराई को और स्पष्ट किया है।
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