इजरायली सेना प्रमुख इयाल जमीर की यूएई में गुप्त बैठक, ईरान युद्ध के दौरान शीर्ष अफसरों का दौरा
सारांश
मुख्य बातें
इजरायली सेना के प्रमुख इयाल जमीर और कई वरिष्ठ अधिकारियों ने ईरान के साथ चले युद्ध के दौरान यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) का गुप्त दौरा किया। इजरायल के सरकारी चैनल कान टीवी न्यूज़ ने 15 मई को यह जानकारी सार्वजनिक की। यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था और 8 अप्रैल को संघर्षविराम के साथ समाप्त हुआ था।
किससे हुई मुलाकात
कान टीवी के अनुसार, जमीर ने इस दौरे में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और कुछ वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात की। हालाँकि, चैनल ने यात्रा की सटीक तारीख का खुलासा नहीं किया।
इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया था कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया और घरेलू सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के प्रमुख डेविड जिनी ने भी इसी अवधि में यूएई का गुप्त दौरा किया था।
नेतन्याहू की कथित यात्रा और यूएई का खंडन
बुधवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने दावा किया था कि उन्होंने भी युद्धकाल में यूएई का गुप्त दौरा कर राष्ट्रपति से मुलाकात की। हालाँकि, यूएई के विदेश मंत्रालय ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि नेतन्याहू के देश में आने की बात सही नहीं है। दोनों पक्षों के बयानों में यह विरोधाभास कूटनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
अब्राहम समझौते के बाद बढ़ते संबंध
कान टीवी ने कहा कि ये सभी यात्राएँ इजरायल और यूएई के बीच गहराते संबंधों का संकेत देती हैं। अब्राहम समझौते के बाद से दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, पर्यटन और खुफिया सहयोग लगातार बढ़ा है। यूएई पिछले कुछ वर्षों में इजरायल का एक प्रमुख क्षेत्रीय साझेदार बनकर उभरा है।
क्षेत्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि इन बैठकों में सुरक्षा समन्वय, क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक साझेदारी और पश्चिम एशिया के बदलते भू-राजनीतिक हालात जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई होगी।
कूटनीतिक महत्व
इजरायल के राजनीतिक विश्लेषकों ने इस पूरे घटनाक्रम को हाल के महीनों में नेतन्याहू सरकार द्वारा उठाए गए सबसे संवेदनशील कूटनीतिक कदमों में से एक बताया है। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ संघर्षविराम के बाद पश्चिम एशिया में नई कूटनीतिक पुनर्संरचना की संभावनाएँ तलाशी जा रही हैं।
गौरतलब है कि एक ही युद्धकाल में सेना प्रमुख, मोसाद प्रमुख, शिन बेट प्रमुख और प्रधानमंत्री — सभी के यूएई दौरे की रिपोर्टें आना इस द्विपक्षीय रिश्ते की असाधारण गहराई को दर्शाता है।