यूएई का खंडन: नेतन्याहू की गुप्त यात्रा की रिपोर्टें 'गलत और आधारहीन', अब्राहम समझौते पर टिके संबंध
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने 14 मई 2025 को उन मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अबू धाबी की गुप्त यात्रा की और वहाँ उच्च-स्तरीय बैठकें कीं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि बिना आधिकारिक घोषणा के किसी भी यात्रा या सैन्य प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति से संबंधित दावे पूरी तरह निराधार हैं।
यूएई का आधिकारिक बयान
यूएई के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि इजरायल के साथ उसके संबंध अब्राहम समझौते के ढाँचे के भीतर पारदर्शी रूप से संचालित होते हैं — न कि किसी गुप्त व्यवस्था पर आधारित हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि जब तक यूएई के संबंधित आधिकारिक अधिकारी किसी दौरे की पुष्टि न करें, ऐसे दावे बेबुनियाद माने जाएँगे।
मंत्रालय ने मीडिया संस्थानों से अपील की कि वे जानकारी की पुष्टि किए बिना उसे प्रसारित न करें और ऐसी रिपोर्टों का उपयोग राजनीतिक अटकलों को हवा देने के लिए न करें।
नेतन्याहू कार्यालय का दावा
इससे पहले, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने दावा किया था कि उन्होंने यूएई की गुप्त यात्रा की और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। नेतन्याहू के कार्यालय ने इस दौरे को दोनों देशों के बीच संबंधों में 'ऐतिहासिक बदलाव' बताया, हालाँकि इससे अधिक कोई विवरण साझा नहीं किया गया।
यदि यह दौरा हुआ होता, तो यह नेतन्याहू की पहली यूएई यात्रा और किसी इजरायली प्रधानमंत्री द्वारा किसी खाड़ी देश की दूसरी यात्रा होती।
खुफिया अधिकारियों के दौरे की रिपोर्टें
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अरब अधिकारियों के हवाले से बताया कि इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के संदर्भ में सहयोग के लिए मार्च और अप्रैल में कम से कम दो बार यूएई का दौरा किया। इजरायल के सरकारी 'कान न्यूज़' ने यह भी बताया कि आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के प्रमुख डेविड जिनी ने भी यूएई का दौरा किया था।
गौरतलब है कि ये रिपोर्टें ऐसे समय आई हैं जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है और क्षेत्रीय कूटनीति तेज़ी से बदल रही है।
अब्राहम समझौते की पृष्ठभूमि
इजरायल और यूएई के बीच संबंध पहली बार 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता में हुए अब्राहम समझौते के तहत सामान्य हुए थे। यह समझौता दशकों की कूटनीतिक दूरी को पाटने वाला ऐतिहासिक कदम था। यूएई का यह बयान इस बात का संकेत है कि वह इस साझेदारी को किसी भी गुप्त या अनौपचारिक व्यवस्था से नहीं, बल्कि पारदर्शी कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से आगे बढ़ाना चाहता है।
आगे की स्थिति
यूएई के इस खंडन के बाद दोनों देशों की सरकारों की ओर से कोई संयुक्त बयान जारी नहीं किया गया है। विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद दर्शाता है कि इजरायल-यूएई संबंध कितने संवेदनशील हैं — विशेषकर तब जब ईरान के साथ तनाव के बीच क्षेत्रीय देशों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का दबाव बढ़ रहा है।