यूएई का खंडन: नेतन्याहू की गुप्त यात्रा की रिपोर्टें 'गलत और आधारहीन', अब्राहम समझौते पर टिके संबंध

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यूएई का खंडन: नेतन्याहू की गुप्त यात्रा की रिपोर्टें 'गलत और आधारहीन', अब्राहम समझौते पर टिके संबंध

सारांश

यूएई ने नेतन्याहू की गुप्त यात्रा की खबरों को 'आधारहीन' बताकर खारिज किया — ठीक उसी समय जब इजरायली खुफिया प्रमुखों के अबू धाबी दौरे की रिपोर्टें सामने आ रही हैं। यह टकराव दिखाता है कि ईरान संघर्ष के बीच खाड़ी की कूटनीति कितनी नाजुक और पेचीदा हो गई है।

मुख्य बातें

यूएई के विदेश मंत्रालय ने 14 मई 2025 को एक्स पर जारी बयान में नेतन्याहू की कथित गुप्त यात्रा की रिपोर्टों को 'गलत और आधारहीन' बताया।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इजरायल के साथ संबंध अब्राहम समझौते के पारदर्शी ढाँचे पर आधारित हैं, किसी गुप्त व्यवस्था पर नहीं।
नेतन्याहू के कार्यालय ने इससे पहले दावा किया था कि उन्होंने यूएई की यात्रा की और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया ने मार्च-अप्रैल में कम से कम दो बार यूएई का दौरा किया।
शिन बेट प्रमुख डेविड जिनी के भी यूएई दौरे की रिपोर्ट है।
इजरायल-यूएई संबंध 2020 में अमेरिकी मध्यस्थता से सामान्य हुए थे।

संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने 14 मई 2025 को उन मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अबू धाबी की गुप्त यात्रा की और वहाँ उच्च-स्तरीय बैठकें कीं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि बिना आधिकारिक घोषणा के किसी भी यात्रा या सैन्य प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति से संबंधित दावे पूरी तरह निराधार हैं।

यूएई का आधिकारिक बयान

यूएई के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि इजरायल के साथ उसके संबंध अब्राहम समझौते के ढाँचे के भीतर पारदर्शी रूप से संचालित होते हैं — न कि किसी गुप्त व्यवस्था पर आधारित हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि जब तक यूएई के संबंधित आधिकारिक अधिकारी किसी दौरे की पुष्टि न करें, ऐसे दावे बेबुनियाद माने जाएँगे।

मंत्रालय ने मीडिया संस्थानों से अपील की कि वे जानकारी की पुष्टि किए बिना उसे प्रसारित न करें और ऐसी रिपोर्टों का उपयोग राजनीतिक अटकलों को हवा देने के लिए न करें।

नेतन्याहू कार्यालय का दावा

इससे पहले, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने दावा किया था कि उन्होंने यूएई की गुप्त यात्रा की और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। नेतन्याहू के कार्यालय ने इस दौरे को दोनों देशों के बीच संबंधों में 'ऐतिहासिक बदलाव' बताया, हालाँकि इससे अधिक कोई विवरण साझा नहीं किया गया।

यदि यह दौरा हुआ होता, तो यह नेतन्याहू की पहली यूएई यात्रा और किसी इजरायली प्रधानमंत्री द्वारा किसी खाड़ी देश की दूसरी यात्रा होती।

खुफिया अधिकारियों के दौरे की रिपोर्टें

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अरब अधिकारियों के हवाले से बताया कि इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के संदर्भ में सहयोग के लिए मार्च और अप्रैल में कम से कम दो बार यूएई का दौरा किया। इजरायल के सरकारी 'कान न्यूज़' ने यह भी बताया कि आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के प्रमुख डेविड जिनी ने भी यूएई का दौरा किया था।

गौरतलब है कि ये रिपोर्टें ऐसे समय आई हैं जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है और क्षेत्रीय कूटनीति तेज़ी से बदल रही है।

अब्राहम समझौते की पृष्ठभूमि

इजरायल और यूएई के बीच संबंध पहली बार 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता में हुए अब्राहम समझौते के तहत सामान्य हुए थे। यह समझौता दशकों की कूटनीतिक दूरी को पाटने वाला ऐतिहासिक कदम था। यूएई का यह बयान इस बात का संकेत है कि वह इस साझेदारी को किसी भी गुप्त या अनौपचारिक व्यवस्था से नहीं, बल्कि पारदर्शी कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से आगे बढ़ाना चाहता है।

आगे की स्थिति

यूएई के इस खंडन के बाद दोनों देशों की सरकारों की ओर से कोई संयुक्त बयान जारी नहीं किया गया है। विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद दर्शाता है कि इजरायल-यूएई संबंध कितने संवेदनशील हैं — विशेषकर तब जब ईरान के साथ तनाव के बीच क्षेत्रीय देशों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का दबाव बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर जब ईरान के साथ युद्ध की पृष्ठभूमि में अरब जनमत संवेदनशील है। दिलचस्प यह है कि नेतन्याहू कार्यालय ने यात्रा का दावा किया और यूएई ने उसे नकारा — यह असमंजस दोनों देशों के बीच सूचना प्रबंधन की खाई को उजागर करता है। मोसाद और शिन बेट प्रमुखों के दौरों की रिपोर्टें अलग से सामने आना बताता है कि सुरक्षा सहयोग जारी है, चाहे राजनीतिक स्तर पर इसे कितना भी अनदेखा किया जाए। मुख्यधारा की कवरेज 'किसने क्या कहा' पर केंद्रित है, लेकिन असली सवाल यह है कि यह कूटनीतिक अस्पष्टता किसके हित में काम करती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूएई ने नेतन्याहू की यात्रा की रिपोर्टों का खंडन क्यों किया?
यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बिना आधिकारिक घोषणा के किसी भी यात्रा का दावा बेबुनियाद है और इजरायल के साथ संबंध अब्राहम समझौते के पारदर्शी ढाँचे पर आधारित हैं। मंत्रालय ने मीडिया से अपुष्ट रिपोर्टें न फैलाने की अपील भी की।
नेतन्याहू के कार्यालय ने यूएई दौरे के बारे में क्या कहा था?
नेतन्याहू के कार्यालय ने दावा किया था कि उन्होंने यूएई की गुप्त यात्रा की और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की, जिसे दोनों देशों के संबंधों में 'ऐतिहासिक बदलाव' बताया गया। हालाँकि इससे अधिक कोई विवरण नहीं दिया गया।
अब्राहम समझौता क्या है और इसका इजरायल-यूएई संबंधों से क्या नाता है?
अब्राहम समझौता 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ था, जिसके तहत इजरायल और यूएई के बीच पहली बार औपचारिक कूटनीतिक संबंध स्थापित हुए। यूएई ने अपने ताजा बयान में इसी समझौते को दोनों देशों के संबंधों का आधार बताया।
मोसाद और शिन बेट प्रमुखों के यूएई दौरे की रिपोर्टें क्या कहती हैं?
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अरब अधिकारियों के हवाले से बताया कि मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया ने मार्च और अप्रैल में कम से कम दो बार यूएई का दौरा किया। इजरायल के सरकारी 'कान न्यूज़' ने शिन बेट प्रमुख डेविड जिनी के भी यूएई दौरे की पुष्टि की।
इस विवाद का क्षेत्रीय कूटनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह विवाद ऐसे समय आया है जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और खाड़ी देशों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का दबाव है। विश्लेषकों के अनुसार, यूएई का खंडन दर्शाता है कि वह सुरक्षा सहयोग और सार्वजनिक कूटनीति के बीच सावधानीपूर्वक संतुलन बनाए रखना चाहता है।
राष्ट्र प्रेस
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