यूएनजीए में नेतन्याहू का संबोधन आज, ईरान-इजरायल तनाव की पृष्ठभूमि में 9 देशों के नेताओं से मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू 24 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र को संबोधित करेंगे। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार यह संबोधन रात 9 बजे इजरायली समयानुसार (भारत में रात 11:30 बजे IST) होगा। उल्लेखनीय है कि इस दौरे में किसी भी अमेरिकी अधिकारी से भेंट का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
द्विपक्षीय बैठकें और राजनयिक गतिविधियाँ
यूएनजीए के मंच से इतर, नेतन्याहू अर्जेंटीना, बोलीविया, पैराग्वे, पनामा और इथियोपिया के राष्ट्रपतियों के साथ-साथ कोलंबिया के उपराष्ट्रपति और ग्रीस, स्लोवेनिया तथा पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्रियों से मुलाकात करेंगे। यह कूटनीतिक सक्रियता ऐसे समय में आई है जब इजरायल अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारी दबाव में है।
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुक्कोत त्योहार में भाग लेने के लिए नेतन्याहू जल्द वापस लौटेंगे।
यूएनजीए 81वें सत्र का संदर्भ
संयुक्त राष्ट्र महासभा के वर्तमान 81वें सत्र की आम बहस 22 सितंबर से 28 सितंबर 2026 तक जारी है, जिसमें विश्व के 193 देश हिस्सा ले रहे हैं। इस सत्र की शुरुआत 22 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासचिव के संबोधन से हुई, जिसके बाद ब्राजील ने अपना पक्ष रखा।
गौरतलब है कि इसी बहस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समझौता नहीं हुआ तो उसे 'तबाह कर दिया जाएगा।' अगले दिन ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पटल पर अपना पक्ष रखा।
ईरान का रुख और दोहरे मापदंड का आरोप
पेजेश्कियन ने स्पष्ट किया कि ईरान परमाणु बम नहीं चाहता, परंतु वह शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक का अधिकार नहीं छोड़ेगा। उन्होंने पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा, 'इजरायल गाजा में निर्दोष लोगों को मारता है, लेकिन प्रतिबंध तेहरान पर लगाए जाते हैं। यही पश्चिमी देशों का दोहरा रवैया है।'
उन्होंने यह भी उठाया कि इजरायल के पास परमाणु हथियार हैं, फिर भी अंतरराष्ट्रीय निरीक्षक केवल ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम की जाँच और उस पर पाबंदियों की माँग करते हैं।
ईरान-इजरायल संघर्ष की पृष्ठभूमि
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले किए थे। इसके लगभग 40 दिन बाद संघर्षविराम पर सहमति बनी, जिसके बाद इजरायल की ओर से आक्रमण थम गया। हालाँकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बरकरार है और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों पक्षों में खिंचाव जारी है।
नेतन्याहू का आज का संबोधन इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल की पृष्ठभूमि में आया है, और दुनिया की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि वे गाजा, ईरान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या संदेश देते हैं।