हेगसेथ की नेतन्याहू से गुप्त मुलाकात: ओवदा एयरबेस पर अमेरिका-इजरायल की बंद दरवाज़े बैठक
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ सोमवार, 20 अक्टूबर 2026 को बिना किसी पूर्व घोषणा के इजरायल पहुँचे और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से एक गुप्त बैठक की। दक्षिणी इजरायल स्थित ओवदा एयरबेस पर हुई इस मुलाकात की जानकारी स्थानीय मीडिया ने मंगलवार को दी, जबकि पेंटागन ने इस दौरे की कोई अग्रिम सूचना नहीं दी थी।
कहाँ और कैसे हुई बैठक
अमेरिकी न्यूज़ वेबसाइट एक्सियोस ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह बैठक ओवदा एयरबेस पर हुई, जहाँ अमेरिकी लड़ाकू विमान और ईंधन भरने वाले विमान (री-फ्यूलर्स) तैनात हैं। इजरायली न्यूज़ आउटलेट 'वाईनेट' के अनुसार, नेतन्याहू बेन गुरियन हवाई अड्डे से एक निजी विमान में बैठक स्थल पहुँचे — जबकि दक्षिणी इजरायल में आयोजित बैठकों के लिए आमतौर पर हेलीकॉप्टर से यात्रा का चलन है, जो इस दौरे की असाधारण गोपनीयता को रेखांकित करता है।
इजरायली आर्मी रेडियो ने भी पुष्टि की कि यह बैठक दक्षिणी इजरायल के एक सैन्य अड्डे पर संपन्न हुई। चैनल 12 न्यूज़ ने इस मुलाकात की प्रारंभिक रिपोर्ट दी थी।
सरकारों की चुप्पी और हेगसेथ का एक्स पोस्ट
न तो नेतन्याहू के कार्यालय ने और न ही पेंटागन ने इस यात्रा पर कोई आधिकारिक टिप्पणी की। हेगसेथ के कार्यालय ने शुरू में प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। हालाँकि, रिपोर्टें सामने आने के बाद हेगसेथ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के तहत तैनात अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात का उल्लेख किया और तस्वीरें साझा कीं।
हेगसेथ ने लिखा, "हमेशा की तरह, आज सेंटकॉम में हमारे युद्ध सेनानियों से मिलना एक सम्मान की बात थी। हमारे देश के सर्वश्रेष्ठ लोग, एक ऐतिहासिक मिशन पर हैं।" उन्होंने नेतन्याहू से हुई बैठक का कोई प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं किया।
राजनीतिक और सैन्य पृष्ठभूमि
यह दौरा ऐसे नाज़ुक वक्त पर हुआ है जब इजरायल के राष्ट्रीय चुनाव केवल आठ दिन दूर हैं और नेतन्याहू एक और कार्यकाल के लिए मैदान में हैं। गौरतलब है कि यह बैठक वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में हुई, और ऐसी रिपोर्टें भी सामने आई हैं कि अमेरिका व इजरायल के बीच ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य अभियान को फिर से शुरू करने पर चर्चा चल रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में कूटनीतिक और सैन्य गतिविधियाँ एक साथ तेज हो रही हैं, और किसी भी अमेरिकी रक्षा सचिव की बिना घोषणा के इजरायल यात्रा को क्षेत्र में उच्च-स्तरीय समन्वय के संकेत के रूप में देखा जाता है।
क्या होगा आगे
बैठक में हुई चर्चाओं का कोई आधिकारिक विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। विश्लेषकों के अनुसार, ओवदा एयरबेस पर अमेरिकी सैन्य उपकरणों की तैनाती और इस गुप्त दौरे का संयोग, अगले कुछ हफ्तों में अमेरिका-इजरायल सैन्य समन्वय में नए घटनाक्रमों की संभावना का संकेत देता है।