न्यूयॉर्क और कनाडा ने 8 नवंबर को दिवाली दिवस घोषित किया, भारतीय समुदाय का सम्मान
सारांश
मुख्य बातें
न्यूयॉर्क और कनाडा ने 8 नवंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर 'दिवाली दिवस' के रूप में मान्यता दी है, जिसमें भारतीय, दक्षिण एशियाई और इंडो-कैरेबियाई समुदायों की सांस्कृतिक पहचान एवं नागरिक योगदान को विशेष सम्मान दिया गया। दोनों देशों के कई राज्यों और शहरों के नेताओं ने इस अवसर पर भारतीय समुदाय के साथ उत्सव में भाग लिया और शुभकामनाएं दीं।
न्यूयॉर्क की आधिकारिक घोषणा
न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने 26 अक्टूबर को एक आधिकारिक उद्घोषणा पर हस्ताक्षर करते हुए 8 नवंबर को 'दिवाली — द फेस्टिवल ऑफ लाइट्स' दिवस के रूप में घोषित किया। न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने शनिवार को इस उद्घोषणा की तस्वीर साझा कर गवर्नर के प्रति आभार जताया।
आधिकारिक ऐलान में दिवाली को हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध समुदायों द्वारा विश्वभर में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण वार्षिक पर्व बताया गया। इसमें राज्य के दक्षिण एशियाई और इंडो-कैरेबियाई समुदायों के नेतृत्व एवं नागरिक जीवन में उनके योगदान को भी रेखांकित किया गया।
नॉर्थ कैरोलिना के गवर्नर जोश स्टीन ने 25 सितंबर को जारी उद्घोषणा में 8 नवंबर को दिवाली दिवस और अक्टूबर को हिंदू विरासत माह घोषित किया था, जिसमें राज्य की अर्थव्यवस्था, इतिहास और संस्कृति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को उजागर किया गया।
वाशिंगटन के गवर्नर बॉब फर्ग्यूसन ने भी 8 नवंबर को दिवाली घोषित किए जाने की जानकारी दी और भारतीय वाणिज्य दूतावास तथा राज्य की सीनेटर मनका ढींगरा के साथ विधान भवन में आयोजित दिवाली समारोह में भाग लिया। वाशिंगटन के मोनरो शहर की मेयर पैट्सी कुडाबैक ने भी इस दिन को 'दिवाली — द फेस्टिवल ऑफ लाइट्स डे' घोषित कर लोगों से इस पर्व की सांस्कृतिक समृद्धि को पहचानने की अपील की।
पेंसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो ने शुक्रवार को दिवाली, तिहार और बंदी छोड़ दिवस मनाने वाले हिंदू, जैन और सिख समुदायों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ये उत्सव एकता, करुणा और स्वीकार्यता का संदेश देते हैं। न्यूजर्सी के सांसद फ्रैंक पैलोन ने राज्य के हिंदू समुदाय के साथ अपने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें इस उत्सव में शामिल होने पर गर्व है। विस्कॉन्सिन की सीनेटर टैमी बाल्डविन ने राज्य और देशभर में दिवाली मना रहे लोगों को शांति, आशा और खुशियों की शुभकामनाएं दीं।
कनाडा में दिवाली उत्सव और आधिकारिक मान्यता
टोरंटो की मेयर ओलिविया चाउ ने नगर परिषद की ओर से 8 नवंबर को 'दिवाली दिवस' घोषित किया। इस घोषणा में शहर के दक्षिण एशियाई समुदायों के दीर्घकालीन सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और नागरिक योगदान को मान्यता दी गई। गौरतलब है कि टोरंटो का आदर्श वाक्य है — 'विविधता हमारी ताकत है', और शहर नवंबर को हिंदू विरासत माह के रूप में मना रहा है।
अल्बर्टा प्रांत के प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने शनिवार को कैलगरी में हिंदू और सिख समुदायों के साथ दिवाली और 'बंदी छोड़ दिवस' मनाया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'अल्बर्टा के हिंदू और सिख समुदायों के इतने सारे दोस्तों के साथ प्रकाश, स्वतंत्रता और आशा के इन त्योहारों को मनाना शानदार रहा।' उन्होंने हिंदू सोसाइटी ऑफ कैलगरी और दशमेश कल्चर सेंटर कैलगरी का भी आभार जताया।
कनाडा के ट्रेजरी बोर्ड के अध्यक्ष और ब्रैम्पटन के सांसद शफकत अली ने विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ हिंदू सभा मंदिर जाने की जानकारी साझा की। अली ने कहा कि यह उत्सव प्रकाश, आशा, एकता और बुराई पर अच्छाई की जीत के स्थायी मूल्यों को दर्शाता है।
विदेश मंत्री अनीता आनंद ने 28 अक्टूबर को सहयोगी गैरी आनंदसांगरी के साथ कनाडा की संसद परिसर में दिवाली मनाई थी। ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने दिवाली के अवसर पर सामुदायिक सेवा और जरूरतमंदों की मदद के महत्व को रेखांकित किया और उन्होंने 24 अक्टूबर को ट्रिलियम हेल्थ पार्टनर्स के समर्थन में आयोजित ट्रिलियम दिवाली गाला में शामिल होने की जानकारी साझा की।
ब्रैम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने शनिवार को रे लॉसन बुलेवार्ड स्थित इंडिया टेस्ट दुकान से दिवाली की मिठाइयां खरीदने की तस्वीर साझा की और अपने मित्र रणजीत सिंह के दिवाली आयोजन की सराहना की।
सुरक्षा परामर्श और पटाखों पर सतर्कता
कैलगरी प्रशासन ने दिवाली और बंदी छोड़ दिवस की शुभकामनाओं के साथ पटाखों को लेकर सुरक्षा संबंधी सलाह भी जारी की। कैलगरी अग्निशमन विभाग के फायर मार्शल ग्लेन बैक्सटर ने लोगों को व्यक्तिगत रूप से पटाखे जलाने पर प्रतिबंध की याद दिलाई और सुरक्षित तरीके से दीये जलाने, सजावटी रोशनी करने तथा सामुदायिक आयोजनों में भाग लेने की सलाह दी।
दिवाली का सांस्कृतिक महत्व
दिवाली हिंदू, सिख, जैन और कुछ बौद्ध समुदायों द्वारा मनाई जाती है। अलग-अलग समुदायों में इस पर्व की धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं भिन्न हो सकती हैं। दीप जलाना, मिठाइयां बांटना और परिवार तथा मित्रों के साथ उत्सव मनाना इसकी प्रमुख परंपराओं में शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तरी अमेरिका में भारतीय डायस्पोरा की संख्या और राजनीतिक प्रभाव तेज़ी से बढ़ रहे हैं, जिससे दिवाली को मिलने वाली आधिकारिक मान्यताएं भी बढ़ रही हैं।